मिलेनियल्स निवेशकों का टैक्स बचत और दीर्घकालिक निवेश पर जोर: पेटीएम मनी


मुंबई :
ईएलएसएस फंड और एनपीएस जैसे लंबी अवधि के टैक्स सेविंग्स उपकरणों में निवेश करने वाले मिलेनियल्स के अनुपात में भी भारी वृद्धि देखी गई हैं। इस बात का खुलासा पेटीएम मनी द्वारा जारी किए गए वार्षिक रिपोर्ट (2021) में हुआ है। इस विस्तृत रिपोर्ट में पेटीएम मनी के निवेशकों के पिछले साल उनकी संपत्ति में हुई वृद्धि और निवेश के लिए उनके पसंदीदा विकल्प के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई है।

टैक्स बचाओ: म्यूचुअल फंड एसआईपी के रुझान मिलेनियल निवेशकों के बीच बढ़े हुए अनुशासन को दर्शाते हैं। 2021 में प्रति यूजर एसआईपी की औसत संख्या में 30% और औसत एसआईपी मूल्य में 16% की वृद्धि हुई। ईएलएसएस फंड्स के लिए भी इसी तरह की प्राथमिकता देखी गई और इन फंड्स में औसत निवेश में 23% की वृद्धि हुई। ईएलएसएस फंड में निवेश करने वाले मिलेनियल्स का अनुपात भी 2020 में 26% से बढ़कर 31% हो गया। यह देखते हुए कि ये फंड 3 साल की लॉक-इन अवधि के साथ कर बचत के उपकरण हैं, उपरोक्त संख्या निवेश के प्रति परिपक्‍व दृष्टिकोण की ओर इशारा करती है।

दीर्घकालिक निवेश: यह भी ध्यान देने योग्य है कि 2021 में राष्ट्रीय पेंशन योजना में निवेश करने वाले मिलेनियल्स की संख्या दोगुनी से अधिक हो गई। एनपीएस के लिए प्रबंधन के तहत कुल संपत्ति में भी पेटीएम मनी प्लेटफॉर्म के माध्यम से किए गए निवेश के साथ 389% की वृद्धि हुई। एनपीएस कर लाभ के विकल्प के साथ एक बेहद दीर्घकालिक निवेश है और मिलेनियल्स के बीच ऐसे निवेशों के लिए प्राथमिकता निवेश के प्रति उनकी दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को इंगित करती है।

छाए रहे मिलेनियल्स: इक्विटी बाजारों में भारत की खुदरा भागीदारी 2021 में मजबूत रही। इसका नेतृत्व एक बार फिर मिलेनियल निवेशकों ने किया, जिसमें लगभग 80% पेटीएम मनी निवेशक 35 वर्ष से कम आयु के थे। लेकिन पिछले वर्ष के दौरान नए मिलेनियल्स निवेशकों की संख्या में इजाफा हुआ।

इक्विटी एयूएम तिगुनी हुई: इक्विटी सेगमेंट के भीतर, प्रति यूजर औसत एसेट अंडर मैनेजमेंट (प्रबंधित संपत्ति) 2021 में तीन गुनी हो गई। प्रति यूजर ट्रेड किए गए शेयरों की औसत संख्या भी 12 से बढ़कर 30 हो गई, जो उच्च विविधीकरण का संकेत देती है। 2021 में ईटीएफ खरीदने वाले मिलेनियल्स के अनुपात में भी पोर्टफोलियो के भीतर ईटीएफ की औसत संख्या में 50% की वृद्धि के साथ तेज वृद्धि देखी गई।

लोकप्रिय हुई इंट्रा डे ट्रेडिंग: 2021 में मिलेनियल्स की ट्रेडिंग गतिविधि काफी अधिक रही। इंट्राडे ट्रेडिंग करने वाले मिलेनियल्स यूजर्स का अनुपात 2020 में 39% से बढ़कर 2021 में 50% हो गया, जबकि एफएंडओ सेगमेंट में प्रति यूजर औसतन 327 ट्रेड देखे गए। 70% मिलेनियल्स यूजर्स ने प्रति यूजर्स औसतन 8 आईपीओ के लिए आवेदन किया।

जोखिम लेने की उच्च क्षमता: पैसिव इनवेस्टमेंट (निष्क्रिय निवेश), मिलेनियल्स की पसंद बना रहा, क्योंकि म्यूचुअल फंड में प्रति यूजर औसत निवेश राशि में 35% की वृद्धि देखी गई। इस सेगमेंट के लिए एसेट अंडर मैनेजमेंट (प्रबंधन के तहत कुल संपत्ति) में पिछले साल दोगुने से अधिक 109% की वृद्धि हुई। हालांकि, स्मॉल कैप फंड्स को लेकर बढ़ी प्राथमकिता उच्च जोखिम लेने की क्षमता को दर्शाता है। 2021 में 42% मिलेनियल्स ने स्मॉल-कैप फंडों में निवेश किया, जो 2020 में 31% था। पेटीएम मनी पर 10 सबसे अधिक कारोबार वाले म्यूचुअल फंड्स में 3 स्मॉल-कैप श्रेणी के थे, जबकि 1 मिड-कैप श्रेणी के थे।

नारी शक्ति में आया उछाल: एक और दिलचस्प प्रवृत्ति के तौर पर, पिछले वर्ष की तुलना में निवेश करने वाली महिला यूजर्स की संख्या में 114% की वृद्धि हुई और अपने समकक्ष पुरुषों के मुकाबले ज्यादा संख्या में महिला निवेशकों को निवेश में फायदा हुआ।

पेटीएम मनी के सीईओ वरुण श्रीधर ने कहा, “भारतीय शेयर बाजारों के लिए 2021 एक परिवर्तनकारी वर्ष था। पिछले एक साल में, हमने देखा कि मिलेनियल निवेशक परिपक्‍व हो गए हैं क्योंकि उन्होंने अपने पोर्टफोलियो में विविधता लाने और लंबी अवधि के लिए निवेश की तरफ देखना शुरू कर दिया है। इंट्राडे ट्रेडिंग और एफएंडओ में उच्च भागीदारी ने भी बढ़ते आत्मविश्वास का संकेत दिया। इन निवेशकों को वित्तीय अवधारणाओं को सीखने में काफी समय बिताते हुए देखना बहुत उत्साहजनक था। ये रुझान भारत के युवा निवेशकों के लिए शुभ संकेत हैं और हम भविष्य को लेकर उत्साहित हैं।"

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