7 दिवसीय श्री-श्री 108 शनिशान्ति व शतचंडी मानस महायज्ञ विंध्य क्षेत्र में हुआ शुरू


रिपोर्ट : बृजेश गोंड

मिर्जापुर, (उ.प्र.) : विंध्याचल स्थित रामगया घाट पर हो रहे नवनिर्माण श्री शनिदेव मंदिर के समक्ष आयोजित श्री-श्री 108 शनिशान्ति व शतचंडी मानस महायज्ञ को लेकर कलश यात्रा का आयोजन किया गया।जिसका आयोजक श्री श्री 108 शिवानंद आर्मार्थी जी महराज रहे व यज्ञ कर्ता महाराष्ट्र से महाकाल मन्दिर उत्तराधिकारी शनि पीठाधीश्वर अनन्त विभूषिक बालयोगेश्वरानन्द ए.एन.स्वामी शनिदेव जी महराज के द्वारा किया जायेगा आगे महाराज जी ने बताया की यव मन्दिर विश्व का पहला मंदिर है़ जिसके दिव्य निर्माण कराया जा रहा है़। आचार्य वेद पंडित श्री श्री पूज्य धर्म दत्त जी महाराज आचार्य महामंडलेश्वर जानकी दास जी महाराज श्री महंत सजीवन दास जी महाराज श्री महामंडलेश्वर परशुराम दास जी महाराज श्री महामंडलेश्वर बालेश्वर दास जी महाराज श्री महंत श्री हरी सेवक दास जी महाराज मानस प्रवक्ता श्री महंत अगमजानि महाराज जी महंत श्री हनुमान दास महंत श्री सियाराम दास सहयोगी के रुप में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच शिवानन्द जी महाराज के हाथों पूजन कार्य संपन्न कराया गया। वहीं शिवपुर रामगया घाट स्थित नदी के पवित्र जल को गंगा यमुना सरस्वती आदि पुण्यदायिनी गंगा नदी। आह्वान के साथ कलश यात्रा में शामिल 21महिलाएं व श्रद्धालुओं ने विधिवत पूजा अर्चना के साथ कलश में जल भरकर जयघोष करते हुए पुनःशनि मंदिर,स्थित यज्ञ मंडप पहुँचकर कलश स्थापित किया।

विंध्याचल के राम गया घाट में कराया जा रहा है जिसमें मुख्य रूप से शनि पीठाधीश्वर महाराज ने बताया कि राम गया घाट पर प्रभु राम का श्री पद आया है और यह विशाल महाकाल सेवा आश्रम मा गंगा व विंध्य पर्वत की तट पर सतगुरु भगवान की महा कृपा से यह विशाल मंदिर बनवाया जा रहा है।


उन्होंने बताया की ऐसा विशाल मंदिर भारत ही नहीं पूरे विश्व में कहीं भी देखने को नहीं मिलेगा। उन्होंने कहा कि शनि शांति महायज्ञ जो कराया जा रहा है ये विश्व के कल्याण हेतू जो कोरोना काल की महामारी आ रही है इससे हम कैसे निपटे इसके लिए हम सब मिलकर प्रभु से प्रार्थना करेंगे कि हे ईश्वर हम लोगों पर ऐसी कृपा बनाये जिससे इससे निजात मिल सके।उन्होंने कहा कि यह शनि यज्ञ मिर्च से कराया जाता है और उन्होंने सभी से आग्रह किया कि दिनांक 30 दिसंबर को सुबह 8 बजे से 9 बजे तक यह यज्ञ आहूत किया जायेगा जिसमें सभी मानस को आमंत्रित करने का आग्रह महाराज ने किया।

वही मन्दिर निर्माण के लिए दूर दराज से आये हुए कारीगर पत्थरों पर अपनी कला भी बिखेरने में पीछे नहीं हैं पत्थरों पर तरह तरह की डिजाईन को मूर्त रूप देने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। साथ ही आज 26 दिसंबर से 30 दिसंबर तक महायज्ञ, 1 जनवरी को भव्य भंडारा का आयोजन महायज्ञ व नवनिर्मित शनि मंदिर मे प्राण प्रतिष्ठा को लेकर अनुष्ठान के साथ ही वैदिक विद्वनों धर्माचार्यों के प्रवचन का लाभ धर्मप्रेमियों को मिलेगा। अनुष्ठान में शुभम सिंह समेत अन्य लोगों का भूमिका प्रमुख रूप से है़।

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