जब से सरकार में बैठी है तब से ब्राह्मणों के साथ, दलितों के साथ मारने या मरवाने का काम : सतीश चंद्र मिश्रा


रिपोर्ट : बृजेश गोंड

मीरजापुर। विधानसभा चुनाव को लेकर बहुजन समाज पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव व राज्यसभा सांसद सतीश चंद्र मिश्रा ब्राह्मणों को एकजुट करने के लिए पूरे उत्तर प्रदेश में प्रबुद्ध वर्ग के सम्मान सुरक्षा व तरक्की को लेकर विचार गोष्ठी का आयोजन कर रहे है। जिसके क्रम में बुधवार को मिर्जापुर जिले में अपने बेटे के साथ पहुंचे, सबसे पहले उन्होंने मां विंध्यवासिनी मंदिर में जाकर मत्था टेका। मां विंध्यवासिनी के दरबार में मत्था टेकने के बाद बहुजन समाज पार्टी के तत्वाधान में प्रबुद्ध वर्ग के सम्मान सुरक्षा व तरक्की को लेकर विचार गोष्ठी का आयोजन में शिरकत करने पहुंचे। जिसके मुख्य अतिथि बहुजन समाज पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव व राज्यसभा सांसद सतीशचंद्र मिश्रा रहे। जिसके बाद प्रबुद्ध वर्ग विचार गोष्ठी कार्यक्रम में शिरकत किए।

राम मंदिर के नाम पर वोट और नोट दोनों वसूले

बीएसपी नेता सतीश चंद्र मिश्रा ने प्रबुद्ध वर्ग को संबोधित करते हुए सरकार पर जमकर निशाना साधा उन्होंने कहकि भाइयों जब हम आयोध्या गए तब हमने सोचा यह सरकार राम मंदिर के नाम पर वोट और नोट दोनों लेती है, उन्होंने कहा जब हम अयोध्या गए थे तो हमारे ऊपर इतने प्रश्न चिन्ह क्यों खड़े किए गए थे, सतीश चंद्र मिश्रा अयोध्या क्यों आए यह सुनकर हमें बहुत अजीब सा लगा, अयोध्या श्री राम की नगरी है तो क्या हम वहां पर नहीं जा सकते। क्या अयोध्या में कुछ लोगों ने ठेका ले लिया है के वही जिसको दर्शन कराना चाहेंगे वही दर्शन करेगा। हमको क्यों रोक रहे हैं हम तो भगवान श्री राम की पूजा रोज करते हैं। बाद में हमें समझ में आया हमें क्यों रोका जा रहा था। वर्तमान सरकार की असलियत सामने न आया जाए इस लिए रोका गया था। जब हम अयोध्या के वहां का दृश्य देखकर परेशान सा हो गया क्योंकि वर्तमान सरकार अयोध्या के नाम पर पैसा निकलती है लेकिन अयोध्या प्रदेश का सबसे खराबजिला हो गया है , वह रुपया कहा गया ? यह खुद नहीं चाहते मंदिर बने, क्योंकि जब मंदिर बन जाएगा तो इनकी राजनीति खत्म हो जाएगी। उन्होंने निशाना साधते हुए कहां की एक बार जनता के सामने भाजपा वालों को बोल देना चाहिए कि रामलला का मंदिर बनाने के नाम पर जो चंदा लिया। उस चंदे से अपनी पार्टी चला रहे हैं। आगामी विधानसभा चुनाव आने वाला है वही चंदे के पैसे से पूरे उत्तर प्रदेश में 500 हेलीकॉप्टर उतर जाएंगे। वह जनता के पैसे से चुनाव लडेंगे। 

नौकरियां खत्म हो रही है

उन्होंने कहा नौजवानों से वोट तो ले लिए नौकरी नहीं दी, वर्तमान सरकार दो करोड़ नौकरियां हर वर्ष खत्म कर रही है, नौजवानों से कहते हैं रोजगार कर लो, हम नौकरी नहीं दे सकते, नौजवान कौन सा रोजगार करेंगे, सरकार कहती है आप लोग पढ़े लिखे हैं अच्छा पकोड़ा बनाएंगे जाइए पकौड़ा बनाइए।भारतीय जनता पार्टी वाले समाजवादी पार्टी से भी दस कदम आगे निकल गए, हमें कहते थे एक ही सिक्के के दो पहलू हैं लेकिन हर दो घंटे पर उत्तर प्रदेश में एक महिला के साथ बलात्कार होता है । भारतीय जनता पार्टी के लोग किसानों के साथ अत्याचार कर रहे हैं उनकी जमीन छीनने का कार्य कर रहे हैं प्राइवेट कंपनियों को किसानों की जमीन देने का कानून बना रहे हैं उसके बाद प्राइवेट कंपनियां किसानों की जमीन छीनने का काम करेंगे। जबरजस्ती कृषि कानून क्यों लाद रहे हैं किसानों के ऊपर कृषि कानून। 

ब्राह्मणों के ऊपर अत्याचार

भारतीय जनता पार्टी ने कहा था हम धर्म का काम करेंगे लेकिन जब से सरकार में बैठी है तब से ब्राह्मणों के साथ, दलितों के साथ मारने या मरवाने का काम कर रहे हैं। कितनी हत्याएं हो गई ब्राह्मण समाज के लोगों की हम कितना गिनती गिनाए। सन 2007 में जब इनकी सरकार बनी थी, तभी इनका असली चेहरा दिख गया था रायबरेली में हमारे पांच साथियों के हाथ पर काटकर गाड़ी में डाल दिए गए। उन लोगों को जिंदा जला दिया गया उनकी झोपड़ी भी जला दी गई। यह वो सरकार है जिसने गोरखपुर के वरिष्ठ अधिवक्ता राजेश्वर पांडेय ने मुखर होकर बोलने की हिमाकत की तो उन्हें गोलियों से भून दिया गया।कानपुर के विकरू कांड में एक दो नहीं सैकड़ों ब्राह्मणों के ऊपर मुकदमे लाद दिए,उन्होंने कई हत्याएं लाइन से कर दी। प्रह्लाद दुबे, प्रवीण दुबे, अमर दुबे को पकड़कर गोलियों से भून दिया। उन्हें यह भी नहीं देखा उसमें कौन से लोग मुंबई में थे कोई हरियाणा में था साडे 17 साल का एक लड़का हरियाणा में था उसको उन्होंने कहा हरियाणा से पकड़ कर ला रहे हैं रास्ते में गाड़ी फिसल गई और भागने लगा तो गोली मार दी। छ छे गोलियां मारकर के वहीं पर ढेर कर दिए। सौ लोगों का नाम अज्ञात में लिखकर जितने भी मजबूत ब्राह्मण समाज के लोग थे उन लोगों को फंसाने का काम किया है। कमलेश तिवारी ब्राह्मण समाज की पार्टी चलाते थे। लेकिन उनको भी मार दिया। विवेक तिवारी एप्पल कंपनी में काम करते थे उनको भी गोलियों से भून दिया। राकेश पांडेय नाम के एक व्यक्ति अपने माता पिता को कोराेना के समय अस्पताल में देखने गए थे, उनकी भी हत्या कर दिए और कह दिया दुर्दांत अपराधी था। गाजियाबाद में शुभम त्रिपाठी, विक्रम जोशी निर्भीक पत्रकार थे। उनको भी जैसे ही मौका मिला दूसरे मामले में घेर करके उनकी भी हत्या कर दी। इतना ही नहीं मिर्जापुर जिले के लालगंज थाना क्षेत्र के बामी गांव में 12 दिसंबर को तीन बच्चो की आंख निकालकर हत्या कर दी जाती है, पुलिस थाना, मुख्यमंत्री तक जाते है लेकिन सीबीआई की जांच नही हो पाई लेकिन खुलासा नहीं हुआ। खुशी दुबे के साथ अत्याचार हुआ। इसके साथ मौजूद कार्यकर्ताओ के हौसले को उड़ान भरते सोनभद्र रवाना हो गए।

Comments