‘श्रीयम न्यूज नेटवर्क’ की प्रतियोगिता ‘मां की ममता’ का परिणाम घोषित, आलेख वर्ग में रीता सिंह तो काव्य वर्ग में अंजू जांगिड़ ने मारी बाजी


मुख्य अतिथि अंजान मित्र ने विजेताओं को दी हार्दिक बधाई की उज्ज्वल भविष्य की कामना 

जो दौड़ में पीछे रह गए ओ निराश न हों सतत प्रयास करते रहें सफलता कदम जरूर चूमेगी: टीसी विश्वकर्मा

रिपोर्ट : शकील शेख

मुंबई : कवियों, साहित्यकारों की प्रतिभा को निखारने के लिए ‘श्रीयम न्यूज नेटवर्क’ द्वारा आयोजित प्रतियोगिता ‘मां की ममता’ आयोजन किया गया उत्तफ़ प्रतियोगिता में देश के कोने कोने से कई विख्यात व प्रसिद्ध कवियों व साहित्यकारों के साथ ही नयोदित ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

प्रतियोगिता के आयोजक एवं ‘श्रीयम न्यूज नेटवर्क’ के संस्थापक टी-सी-विश्वकर्मा ने बताया कि 1 मई से प्रतियोगिता सुचारू रूप से शुरू हुआ और प्रतियोगिता में सभी प्रतिभागियों का बहुत ही शानदार प्रदर्शन रहा, 15 मई को परिणाम घोषित होना था, लेकिन कुछ दर्दनाक परिस्थितियां उत्पन्न हो गई जिसके कारण परिणाम घोषित करने में विलंब हो गए परंतु कई परेशानियों के कारण को दरकिनार कर परेशानियों में घिरे होने के बावजूद अपना दायित्व निभाया और 18 मई को परिणाम घोषित किया। तीन दिन की देरी के लिए हम सभी प्रतिभागियों और पाठकों एवं दर्शकों से क्षमा मांगते हैं, आप सभी ने इस प्रतियोगिता में भाग लिया इसके लिए ‘श्रीयम न्यूज नेटवर्क’ आपका दिल से आभारी है।


बतादें प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल के कुल सात सदस्यों ने प्रत्येक रचना पर अपना अलग-अलग मत एवं विचार प्रदान किया और मतों (वोटों) की गिनती करने के बाद पूरी ईमानदारी और पारदर्शीता के नियम को निभाया और जो वरिष्ठता सूची बनी उसके अनुसार विजेता घोषित किया गया।

श्री विश्वकर्मा ने कहा कि सभी विजेताओं को ‘श्रीयम न्यूज नेटवर्क’ व उसकी टीम के तरफ से बहुत-बहुत बधाई और शुभकामनाएं प्रदान करता है और जो दौड़ में पीछे रह गए हैं उनसे अनुरोध है कि वह निराश न हो और सतत प्रयास करते रहे एक दिन सफलता उनके कदम जरूर चूमेगी।

आयोजक श्री विश्वकर्मा ने प्रतियोगिता संचालिका मनीषा कुमारी का विशेष आभार जताया, उन्होंने कहा कि प्रतियोगिता के मध्य में ही निर्णायक मंडल के प्रमुख शकील शेख जी की तबियत अचानक खराब हो गई जिसके कारण उन्हें हॉस्पिटल में भर्ती (एडमिट) होना पड़ा और प्रतियोगिता की अधिकतम जिम्मेदारी मनीषा जी के कंधों पर आ गई, उन्होंने शकील शेख की अनुपस्थिति को जरा भी महसूस होने नहीं दिया। मनीषा कुमारी ने अपने व्यस्त समय में भी सभी पहलुओं और कार्य विन्दुओं पर ध्यान केंद्रित रखा और अपना दायित्व निभाया। इतना ही नहीं उन्होंने अपनी जिम्मेदारी प्रतियोगिता संचालिका की भूमिका बहुत ही सुंदर रूप से प्रस्तुत किया।

प्रतियोगिता आयोजक टी-सी-विश्वकर्मा ने निर्णायक मंडल के मुख्य अतिथि अंजान मित्र (वरिष्ठ पत्रकार/अपराध कथा लेखक), शकील शेख (कार्यकारी संपादक दैनिक मुंबई अमरदीप), विजय तस्वीर (अध्यक्ष तस्वीर वेल्फेयर फाउंडेशन, मुंबई), सलाहकार पौनिंद्रा नाडार व शिखा कुमारी एवं संचालिका मनीषा कुमारी तथा सभी प्रतिभागियों और पाठकों के प्रति आभार प्रकट किया है।

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