एण्डटीवी के ‘मौका-ए-वारदात’ के बारे में रवि किशन ने कहा, ‘‘अपराध की नज़र में असंभव भी संभव है‘‘

मुंबई : एण्डटीवी अपने दर्शकों के लिये एक रोचक क्राइम सीरीज ‘मौका-ए-वारदात‘ लेकर आ रहा है। यह एक ऐसा शो है जोकि लोगों को यह मानने के लिये मजबूर कर देगी कि शब्दों के जाल में बुनी गयी सच की झूठी कहानी, वास्तविकता से भी ज्यादा उलझी हुई होती है। ऐसी ही कुछ हैरान कर देने वाली आपराधिक कहानियां लेकर आ रहे हैं भोजपुरी के सुपरस्टार और लोकप्रिय एवं जाने-माने टेलीविजन सेलीब्रिटी रवि किशन। वे कुछ बेहद ही हैरतअंगेज अपराधों की झलक पेश करते नज़र आयेंगे। एक छोटी-सी मुलाकात के दौरान इस मशहूर एक्टर ने शो और अपनी भूमिका के बारे में विस्तार से दैनिक "मुंबई अमरदीप" से बात की। आइए जानते है  "मुंबई अमरदीप" के सवालों का भोजपुरी के सुपरस्टार और लोकप्रिय एवं जाने-माने टेलीविजन सेलीब्रिटी रवि किशन क्या दिया जवाब....

DMA : इस शो में अपनी भूमिका के बारे में बतायें। इस शो से आप कैसे जुड़ें और इस भूमिका का चयन करने की क्या वजह रही?

रवि किशन : मैं कुछ बेहद अविश्वसनीय और अकल्पनीय अपराधों की दहला देने वाली कहानी की भूमिका पेश करूंगा। साथ ही उस अपराध की जघन्यता और विचित्रता के बारे में भी बताऊंगा। विभिन्न जोनर में कई सारे ऐसे शो हैं, लेकिन ‘मौका-ए-वारदात’ की बात ही अलग है। यह एक ऐसा शो है, जिसने मुझे इसका हिस्सा बनने के लिये प्रेरित किया। इसके काॅन्सेप्ट को विस्तार से जानने के बाद, मुझे यह अहसास हुआ कि इस शो में कल्पना से परे और अविश्वसनीय अपराधों की कहानी दिखायी जायेगी, जिन पर यकीन करना भी मुश्किल है। अपराध की नज़र में असंभव भी संभव है और लोग इसके बारे में जानना चाहते हैं। ये कहानियां दर्शकों के आकर्षण का केंद्र होंगी। 

DMA : ‘मौका-ए-वारदात‘ भारतीय टेलीविजन पर विविध प्रकार के अपराध-आधारित शोज़ से किस तरह अलग हैं? यह वीकली है या वीकडे सीरीज?

रवि किशन : इन दिनों भारतीय टेलीविजन पर अपराध-आधारित कंटेंट की भरमार है, लेकिन एण्डटीवी का ‘मौका-ए-वारदात’ अनूठा और नये तरह का कंटेंट है। इसके डेली एपिसोड में बेहद ही विचित्र, अकल्पनीय और अविश्वसनीय आपराधिक कहानियां हैं जोकि दर्शकों को यह सोचने पर मजबूर करेंगी कि - ये हुआ तो कैसे हुआ? इस शो में एंथोलाॅजी सीरीज दिखायी जायेगी, जिसमें बेहद ही रोमांचक और अत्यधिक पेचीदा अपराधों को दर्शाया जायेगा। ये कहानियां वास्तविक जीवन से प्रेरित होंगी। घटनाओं के अविश्वसनीय मोड़ के साथ यह शो दर्शकों के दिलों को बढ़ाने का काम करेगा। 

DMA : आपके हिसाब से इस शो की मुख्य खासियत क्या है?

रवि किशन : इस शो में बेहद अविश्वसनीय, अकल्पनीय अपराधों को दिखाने के अलावा, एक महिला नायिका को अपराध की गुत्थी सुलझाने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए दिखाया जायेगा। दर्शकों को इस शो में अपराध की रहस्यमयी कहानी देखने को मिल सकती है। 

DMA : क्राइम जोनर हमेशा से ही हर उम्र के दर्शकों की पसंद रहा है। आपको क्या लगता है इसकी क्या वजह हो सकती है?

रवि किशन : क्राइम सीरीज जोनर हमेशा से ही भारतीयों का पसंदीदा रहा है। भारतीय दर्शक हैरान कर देने वाली और झकझोर कर रख देने वाली आपराधिक कहानियां देखना चाहते हैं। भारतीय टेलीविजन पर अपराध-आधारित कहानियों में हमेशा ही रहस्य उसका मुख्य हिस्सा होता है। क्राइम फिक्शन रोमांचक होते हैं क्योंकि उनमें एडवेंचर और सस्पेन्स होता है। इससे दर्शकों को कमाल का रोमांच अनुभव मिलता है। क्राइम फिक्शन के साथ अपराधी का मनोविज्ञान भी शामिल होता है; लोग अक्सर इस बात से हैरान होते रहते हैं कि कोई अपराध को कैसे अंजाम दे सकता है या फिर एक अपराधी का दिमाग कैसे काम करता है और ऐसी कौन-सी बात है जो उन्हें एक जघन्य अपराध करने के लिये उकसाती है। 

DMA : एक भोजपुरी सुपरस्टार होने के नाते, आप हिन्दी और क्षेत्रीय कंटेंट में क्या फर्क महसूस करते हैं?

रवि किशन : जहां तक मेरा अनुभव है क्षेत्रीय और हिन्दी कंटेंट लगभग एक जैसे होते हैं, लेकिन अपने अनूठे रूप में अपना-अपना स्थान बनाते हैं। भाषा सीखने का एक अच्छा अनुभव होता है और यह मजेदार भी है। ऐसा नहीं है कि कोई किसी भाषा का महारथी है तो उसे सिर्फ उसे उसी भाषा में काम मिलता है, उन्हें अलग तरह के कंटेंट पर भी काम दिया जाता है। मुझे दोनों ही क्षेत्रों में अच्छा काम करने का मौका मिला है! लेकिन मैं भोजपुरी दर्शकों से ज्यादा करीब से जुड़ा हूं। उनके लिये उनकी भाषा में काम करना, ऐसा होता है जैसे ‘मां के हाथ का खाना‘ इससे मुझे एक भोजपुरी सुपरस्टार के रूप में खुद को स्वीकार करने का आत्मविश्वास मिलता है। 

DMA :  अपने दर्शकों/पाठकों के लिये कोई मैसेज?

रवि किशन : मैं अपने दर्शकों से बस इतना ही कहना चाहूंगा कि अपनी आंखें खुली रखें, सतर्क रहें और संभावित अपराध के संकेतों पर नज़र रखें। आपकी सुरक्षा सबसे पहले आती है। सभी अपराधी एक जैसे नहीं दिखते और ना ही एक जैसा व्यवहार करते हैं। इसलिये यह जरूरी है कि सावधान रहें और अपने बच्चों को सही तथा गलत के बीच फर्क करना सिखायें। सतर्क रहें और सबसे जरूरी है अपनी आंखें खुली रखें। आखिरकार यह सबके सहयोग से ही होेगा। यह अपनों की जिंदगी का सवाल है, जोकि दुनिया में बाकी किसी भी चीज से ज्यादा मायने रखती है।

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