मानखुर्द मंडाला के झोपड़ियों की छतों के ऊपर हाई टेंशन वोल्टेज तारों की शक्ल में झूलती है मौत

हर वर्ष हाई टेंशन लाइन की चपेट में आकर बड़ी संख्या में जाती है नागरिकों की जान

रिपोर्ट : यशपाल शर्मा

मुंबई : उपनगर के मानखुर्द उपनगर के विभिन्न रहिवासिय इलाके के रहने वाले नागरिको हर साल धारावी से आई हाई टेंशन लाइन की चपेट में आकर क्षेत्रीय नागरिकों की दुर्घटनाओं के शिकार होकर गंभीर हालत में मौत के मुहं में समाने का मामला उजागर हुआ है। 

गौरतलब जो कि पीछले कई वर्षों से लगातार हो रही मानखुर्द मंडाला झोपड़पट्टियों में हाई टेंशन लाइन के हाई वोल्टेज नंगे तारों के करंट के चपेट में आकर दुर्घटनाओ के कारण होने वाली पीड़ित नागरिकों की मौतों को मनपा प्रशासन सहित जनप्रतिनिधियों द्वारा अनदेखा किया जाने से हाई टेंशन लाइन की समस्या बढ़ चुकी है, आये दिन अग्निकांड की दुर्घटनाये घटित होती है।

परिणाम स्वरूप उपेक्षा की शिकार जनता को मौत से दो-दो हाथ करने को मजबूर होना पड़ रहा है  कहा जाता है कि क्षेत्र के आक्रोशित हाई टेंशन लाइन की समस्या को अनदेखा करने वाले प्रशानिक अधिकारियों समेत शिवसेना नगरसेविका समीक्षा सक्रे, सपा विधायक अबु आज़मी को अब दुबारा मंडाला की जनता नही जितायेगी।

कैसे घटित हो रही है दुर्घटनाएं : गौरतलब हो कि अभी एक सप्ताह के भीतर मनपा एम/पूर्व प्रभाग के वार्ड क्रमांक.135 में रहने वाले नागरिकों को उनके गली, रोड़ में अडानी बिजली कंपनी का खोदकार्य शुरू था कि अचानक एक झोपड़े की छत से विस्फोट हो गया और आग लग गई। झोपड़े के भीतर मौजूद नागरिक गंभीर हालत में जल गये। कहा जाता है कि बरसात में हर वर्ष हाई टेंशन लाइन के बिजली के तारों का प्रवाह इतना प्रचंड होता है कि तारों के नीचे खड़े व्यक्ति के शरीर मे अगर टेस्टर लगाओ तो भी जल जाता है। जिससे अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि क्षेत्र में हवाई घरों में हाई टेंशन लाइन के झूलते तारों का संपर्क होते ही तुरंत स्पार्किंग होकर, शार्ट सर्किट में बदलकर आग लग जाती है। स्थानीय जनता के अनुसार पीएमजी में एक डेकोरेटर का कर्मचारी गनपतिनक मंडप खोलते समय उसके हाथ का बांबू ऊंचाई में हाई टेंशन लाइन के तारों से संपर्क आने पर छू क्या गया बेचारा कागज की तरह जलकर शरीर गल गल के नीचे गिरा था।ऐसी लोमवर्षक घटना को राजनीतिक दबाव के कारण पीड़ित के घर वालो को कुछ ले देकर मामले को दबा दिया गया था।

नागरिकों के अनुसार आखिर कब तक यह झूलते हाई टेंशन नंगे तारों की बलि चढ़ती रहेगी जनता। क्योंकि प्रशासन ,जन प्रतिनिधि गूंगे आंधे बेहरे हो चुके है। उल्लेखनीय तौर पर इतना ही नही कुछ दिन पहले मानखुर्द यशवंत नगर में लगी शार्ट सर्किट के कारण आग के कारण 6 झोपड़े पूरी तरह से जलने के मामला उजागर हुआ।जिससे गरीब झोपड़ीयो में रहने वाले  नागरिकों का कोरोना लॉक डाउन में सब कुछ जलजाने के चलते जहर खाकर खुदखुशी के अलावा कोई रास्ता नही बचा है। पीड़ित नागरिको का आग में जहाँ जलकर सबकुछ स्वाह जो गया उसके बाद पीड़ितों को परिवार के भरन पोषण को लेकर कई तरह के सवाल उठ खड़े हुए है जिसका जवाब पीड़ितों के चेहरे से साफ देखा जा सकता है

हाई टेंशन लाइन के पीड़ितों को किसी अन्य सुरक्षित जगह पर पुर्नवासन करने की सामजसेवियो ने किया राज्य सरकार के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, मनपा प्रशासन से पीड़ित नागरिकों को उनके मूल्य निवास से दो किलोमीटर के दायरे में पुर्नवास किया जाये ऐसी मांग शिवसेना के पूर्व शाखा अध्यक्ष रघुनाथ शिंदे, उमाजी सालवी ने किया है।

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