मानखुर्द की झोपड़पट्टियों में जन समस्याओं का लगा अम्बार

उत्तर-पूर्व मुंबई के भाजपा संसाद मनोज कोटक की अनदेखी बना अग्निकांड, कोरोना की दूसरी लहर को निमंत्रण


मुंबई : ईशान्य मुंबई संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली गोवंडी, शिवाजीनगर, मानखुर्द मंडाला की झोपड़पट्टियों में बड़े पैमाने, जनसमस्याओं का अंबार लगा हुआ है। उसके बाद भी स्थानीय जनप्रतिनिधियों के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही है। बता दें कि एक और जहां कोरोना काल में महामारी की दूसरी लहर उफान पर है तो नागरिक इलाकों में फैली गंदगी का ढ़ेर, स्वछता का अभाव सहित शौचालय की समस्या निरंतर कई वर्षों से ज्यों की त्यों बनी हुई है। वहीं बिजली का ट्रांसफार्मर अभी तक स्थापित नहीं हो पाने के कारण मानखुर्द मंडाला के नागरिकों को चोरी की बिजली जलानी पड़ रही है। जबकि आधी अधूरी जलवाहिनी, बिजली का केबल बिछाकर नागरिकों को स्वच्छ पेयजल से वंचित किया गया है।

वहीं मंडाला स्क्रैप में सक्रिय रूप से एम -पूर्व मनपा प्रशासन के अवैध धंधों के कारण प्रदुषण समेत हर साल अग्निकांड का खतरा स्क्रैप से लगी झोपड़पट्टी के नागरिकों पर हमेशा खतरे की तलवार लटकती रहती है। वहीं दूसरी और कुछ ऐसा ही मामला आये दिन होने वाले हाई टेंशन लाइन के कारण बढ़ती अग्निकांड की घटनाये-मानखुर्द पीएमजी से लेकर मंडाला के एकता नगर, यशवंत नगर में हर साल हुआ करती है। वहीं वज्मे इंसानियत वेल्फेयर एसोसिएशन के संस्थापक अध्यक्ष मुजीबुर्रहमान सिद्दीकी ने बताया कि देश जहाँ 21वी शताब्दी में पहुँच गया है, वहीं मानखुर्द मंडाला के एकतानागर, यशवंत नगर, इंदिरा नगर आंबेडकर नगर के रहिवासियो को आज भी जनसमस्याओं के अभाव में पशुओं सी बदतर जिंदगी जीना पड़ रहा है। मुजीबुर्रहमान सिद्दीकी के अनुसार मुंबई कांग्रेस के तत्कालीन अध्यक्ष और पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय गुरुदास कामत ने मंडाला झोपड़पट्टी में वर्ष 2000 के आसपास विकास की गंगा बहाई थी। उसके बाद से यहां का विकास थम गया। सिद्दीकी ने हाई टेंशन लाइन के खंभो को किसी अन्य जगह स्थानांतरित कर दिये जाने की मांग भी ऊर्जा मंत्री से की है।

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