दिल्ली के सरकारी स्कूलों की तर्ज पर, मनपा स्कूलों के वर्गों में लगाये जाये सीसीटीवी कैमरे

घरों में बैठे अभिभावकों को अपने बच्चों की स्कूलों में उपस्थित की जानकारी उपलब्ध हो सके

सीसीटीवी कैमरे के जरिये मनपा स्कूलों में विद्यार्थियों की सुरक्षा इंतिजाम मजबूत किये जायें


मुंबई :
मनपा के सरकारी स्कूलों में घटती विद्यार्थियों की जनसंख्या को लेकर मनपा की ओर से समय समय पर फेरबदल किये जा रहे है। मनपा स्कूल की पढ़ाई को अधिक दर्जेदार बनाने के लिये सीबीएससी बोर्ड की शिक्षा प्रणाली लागू कर कान्वेंट स्कूलोँ की तर्ज पर इंग्लिश मीडियम पढ़ाई से सीधा जोड़ने का कार्य किया है। कहा जाता है कि आरटीआई की एडमिशन की सुविधा के जरिये ऑनलाइन फॉर्म भर क्षेत्र के 5 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले विद्यार्थियों अपनी पसंद के स्कूलोँ में मुफ्त एडमिशन लेने की सुविधा मनपा की ओर से जारी की गई है।

उल्लेखनीय तौर पर हाई क्वालिफाइड शिक्षकों की भर्ती के अलावा वर्चुअल क्लास रूम, विद्यार्थियों के लिये पढ़ने के लिये टैब की सुविधा जैसी नई तकनीकी सुविधाओं से लैस किये जा रहे है मनपा स्कूल। वहीं ऐसी ही नई तकनीक की मांग को लेकर एम/ पूर्व अंतर्गत आने वाली वार्ड क्रमांक .137 की स्थानीय नगरसेविका आयेशा रफीक शेख ने मनपा आयुक्त, महापौर से लेकर शिक्षण समिति अध्यक्ष संध्या दोषी को पत्र लिखकर मांग की है की मुंबई के मनपा स्कूलों को भी दिल्ली की तर्ज पर हाई टेक स्कूल की सुविधाएं बढ़ाई जाये। घरों में बैठे अभिभावकों के मोबाइल एप्प्स के जरिये जानकारी हो सके कि उनका बच्चा स्कूल पहुंच गया है। विद्यार्थियों के स्कूल पहुंचते ही बॉयोमेट्रिक प्रणाली के तहत ऑनलाइन अंगूठा लगाते ही अभिभावकों को मैसेज पहुंच जाता है कि उनका बच्चा स्कूल पहुंच चुका है। बच्चे के माता पिता अपने बच्चों की पढ़ाई करते हुए ऑनलाइन मोबाइल में देख सके की हमारे बच्चों को कितनी दर्जेदार पढ़ाई की शिक्षा उपलब्ध करवाई जा रही है मनपा के सरकारी स्कूलों में, ताकि सरकारी स्कूलों से विद्यार्थियों का पलायन रोका जा सके।

सपा के युवा नेता रफीक शेख के अनुसार अभिभावकों को शिक्षक की पढ़ाई से अगर कोई शिकायत होती है, या फिर विद्यार्थियों की पढ़ाई को लेकर क्लास में लगे सीसीटीवी कैमरे के चलते सच्चाई का पता आसानी से लगाया जा सकता है। सीसीटीवी कैमरे के कारण भविष्य में उपजने वाले अभिभावकों को विद्यार्थियों को लेकर शिक्षिका, शिक्षकों के बीच उपजने वाले विवाद पर भी हमेशा के लिये विराम लगाया जा सकता है। वहीं मनपा प्रशासन भी 60 हजार रुपए महीना पगार पाने वाले शिक्षकों की पढ़ाई कराने की शैली पर ठीक ढंग से स्कूल के प्रधान अध्यापक नजर रख सकते है। दूसरी और मनपा के सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर उठने वाले सवालों पर भी हमेशा के लिये विराम लग सकेगा। विद्यार्थियों के माता-पिता भी अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर निश्चित जो सकते है।

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