ठाणे पूर्व से पश्चिम को जोड़नेवाले ४० वर्ष पुराने पादचारी पुल को तोड़ने तथा नए पुल के निर्माण की तैयारी शुरू


रिपोर्टप्रमोद कुमार

 ठाणे : ऐतिहासिक रेलवे स्टेशन का चेहरा-मोहरा तेजी से बदल रहा है। पूर्व से पश्चिम को जोड़नेवाले ४० वर्ष पुराने पादचारी पुल को तोड़ने तथा नए पुल के निर्माण की तैयारी शुरू हो गई है। रेलवे के माध्यम से मनपा इसका निर्माण करेगी। इसके निर्माण पर करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान लगाया गया है।

ठाणे (पश्चिम) से कोपरी (पूर्व) आनंद टाकीज को जोड़नेवाला पादचारी पुल करीब ४० वर्ष पुराना है। आने-जाने वाले ज्यादातर लोग इसी पुल का उपयोग करते हैं। सुबह-शाम होनेवाली भीड़ की वजह से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

रात में पुराने पुल को तोड़ने के लिए बिजली के खंभे लगाए जा रहे हैं। एक महीने के अंदर पुल को तोड़ा जाएगा, इसके निर्माण के लिए मनपा ने करोड़ रुपए रेलवे विभाग को दे दिया है, यह जानकारी मनपा के एक अधिकारी द्वारा दी गई है। पुराने पादचारी पुल की चौड़ाई करीब डेढ़ मीटर के आसपास है। इसकी वजह से लोगों को भीड़-भाड़ के समय कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। नए पुल की चौड़ाई मीटर तथा लंबाई १४५ मीटर है। इसके तैयार हो जाने से लोगों को काफी राहत मिलेगी।पूरब से पश्चिम को जोड़नेवाले दो पादचारी पुल मौजूद हैं। एक कोलीवाड़ा को तो वहीं दूसरा कोपरी को जोड़ता है। कोपरी पुल टूटने के बाद जिनके पास रेलवे का टिकट या पास नहीं है, उन लोगों को विकल्प के तौर पर कोलीवाड़ा पुल का उपयोग करना पड़ेगा। इसी के मद्देनजर जून, २०२२ तक इसे पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

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