पांच सौ किलोमीटर पैदल चलकर बलिया में नदी अधिकार यात्रा का किया गया समापन


लखनऊ :
प्रयागराज से पांच सौ किलोमीटर पैदल चलकर नदी अधिकार यात्रा बलिया के माझी घाट पहुंची, जहां रामगढ़ बलिया में जनसभा के उपरान्त पदयात्रा का समापन किया गया। नदी अधिकार यात्रा के दौरान छः जिलों के 200 निषाद बाहुल्य गांवों में सघन जनसम्पर्क हुआ। यह यात्रा प्रयागराज, मिर्जापुर, वाराणसी, चंदौली, गाजीपुर, बलिया जिलों से होकर गुजरी।


बता दें की प्रयागराज के बसवार में पुलिसिया उत्पीड़न के बाद 1 मार्च को नदी अधिकार पदयात्रा शुरू हुई थी।

नदी अधिकार यात्रा के समापन पर आयोजित जनसभा को सम्बोधित करते हुए अ0भा0 कांग्रेस कमेटी के सचिव एवं प्रभारी उ0प्र0 बाजीराव खाड़े ने कहा कि कांग्रेस हाशिये के समाज की लड़ाई लड़ने के लिए प्रतिबद्ध है।

प्रदेश कांग्रेस के सचिव श्री देवेन्द्र निषाद ने कहा कि नदियों और तालाबों पर पहला हक निषाद समाज का है। निषाद समाज पूरे प्रदेश में बसवार की घटना से आक्रोशित है और 2022 में करार जबाब देगा।

इस मौके पर उ0प्र0 कांग्रेस पिछड़ा वर्ग विभाग के चेयरमैन मनोज यादव ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने निषाद समाज के लिए आवाज उठाई और दर्द को समझा है। 

मकसूद खान ने इस मौके पर जनसभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि योगी सरकार में वंचित समाज का उत्पीड़न बढ़ा है। इसके खिलाफ सड़कों पर लड़ाई लड़ी जाएगी।



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