अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के शुभ अवसर पर टी जे पी एस शिक्षण कल्याण मण्डल द्वारा महिला सशक्तिकरण पर सम्पन्न हुई कार्यशाला

विश्व हिन्दू परिषद संचालित दुर्गा वाहिनी के तत्वाधान में कई युवतियों ने लिया हिस्सा


रिपोर्ट : महेंद्र पांडेय

मुंबई : लॉक डाउन में भले ही दुनिया थम गई, आवागमन के साधन बंद हुए, रोजगार बंद हुए , लोग घर से काम किये लेकिन महिलाओं के लिए कभी कोई लॉक डाउन नही रहा। महिलाओं ने हमेशा अपने बारे में सोचने के बजाय सिर्फ परिवार और रिश्ते नातों को प्राथमिकता दी।  महिला अन्नपूर्णा है जो घर के सभी लोगों को खिलाकर जो बचे उसी में संतोष कर लेती है।

महिला एक ही जीवन मे माँ, बहन, पत्नी और न जाने कितने रिश्ते संजोती है। महिला एक ही जीवन मे दो परिवारों को संवारती है। महिलाओं  को शिक्षा पर बल देते हुए उसके महत्व को बताया गया कि कैसे एक शिक्षित महिला पूरे परिवार को संस्कारमय बना सकती है।

आज महिलाएं हर क्षेत्र में पुरुषों से भी आगे हैं।  चाहे बात पायलट की हो, डॉक्टर, इंजीनियर, पुलिस या प्रशासनिक सेवा की हो; महिलाएं अपनी उपस्थिति न केवल दर्ज करा रही हैं, अपितु अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभा रही हैं।

टी जे पी एस मुम्बई के धारावी में गरीब बच्चों को मुफ्त शिक्षण देने का काम करती रही है। सामाजिक जन जागरूकता, आर्थिक मूल्यों का महत्व, शिक्षा व जीवन मे शिक्षा का महत्त्व, स्वावलंबी , तकनीकी शिक्षण ज्ञान व सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से लोगो मे अपनी भूमिका रखती रही है।

उपरोक्त कार्यक्रम में विश्व हिंदू परिषद संचालित दुर्गा वाहिनी संस्थान के पदाधिकारियों ने अमूल्य सहयोग दिया। महिला शशक्तिकरण के उद्देश्य से विहिप द्वारा १९८४में शुरू की गई दुर्गा वाहिनी १५ से ३५ वर्ष की युवतियों को राष्ट्र धर्म व संस्कृति की सुरक्षा के गुण सिखाती है।

आसन, प्राणायाम, शारीरिक बल, संस्कार आदि पर यह संस्था विशेष बल देती है।

उपरोक्त कार्यक्रम में  दुर्गा वाहिनी की ओर से सुप्रसिद्ध प्रसूतिरोग विशेषज्ञ डॉक्टर प्रतिभा बॉथरे (मातृ शक्ति कोंकण प्रान्त प्रमुख),  कुर्ला जिले से मातृ शक्ति सहसंयोजिका मंजू ताई खरात, गीता राठौड़, राजनंदिनी सोनी आदि गणमान्य उपस्थित रहे। वहीं टीजेपीएस संस्थान की ओर से अध्यक्ष वेंकटेश नाडार, सहायक सचिव सुब्रमण्यन पिल्लई, प्रोग्राम निदेशक दिव्या दोशी व बीजी तुषार जी मौजूद रहे। 

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