कोरोना के बढते प्रभाव की वजह से साईं के दरबार मे भक्तों के दर्शन के लिए किए गए हैं कुछ बदलाव

  • नए नियम के मुताबिक : दिनभर में केवल 15 हजार श्रद्धालुओं को मिल सकेंगे दर्शन।
  • काकड आरती और सेज आरती में भक्तो को नो एंट्री।
  • सुबह 6 बजे से रात 9 बजे तक ही मिलेंगे साई के दर्शन।
  • गुरूवार, शनिवार और रविवार तथा छुट्टियों के दिनो में ऑनलाइन पास जरूरी। ऑफलाईन पास काउंटर रहेंगे बंद।
  • हर गुरूवार को निकलने वाली साई पालखी पर पाबंदी।

रिपोर्ट : रितेश वाघेला

शिरडी : कोरोना का बढ़ता खतरा देख शिरडी के साईं मंदिर में श्रद्धालुओं के दर्शन को लेकर बड़े बदलाव किए गए हैं। सुबह की काकड आरती और रात की शयन आरती में अब श्रद्धालुओं को शामिल होने का मौका नहीं मिलेगा। वहीं, दर्शन का समय सुबह 6 से रात 9 बजे तक का किया गया है। इतनी ही नहीं, एक दिन में केवल 15 हजार भक्तों को ही दर्शन की अनुमति दी जाएगी।

गौरतलब है कि कोरोना संकट में साईं मंदिर को भक्तों के दर्शन के लिए 17 मार्च 2020 से लेकर 16 नवंबर तक बंद रखा गया था, फिर 17 नवंबर 2020 से साईं के द्वार भक्तों के दर्शन के लिए खोले गये लेकीन फिर एक बार महाराष्ट्र में कोरोना के मरीजों की संख्या बढ़ रही है, जिस वजह से राज्य सरकार ने धार्मिक तीर्थस्थानों के लिए नए नियम लागू करने के आदेश दिए थे।

ऐसे में अब शिरडी के साईं मंदिर में सीमित भक्तों को ही दर्शन की अनुमति होगी। आरती में श्रद्धालुओं को नो एंट्री तथा गुरुवार को निकलने वाली साईंपालखी पर भी पाबंदी लगायी गयी है। दर्शन कतार में रोजाना 150 से 200 भक्तों की रैंडमल (Random) कोरोना टेस्ट भी किए जाएंगे। गुरुवार, शनिवार और रविवार तथा छुट्टी के दिन ऑफलाइन दर्शन काउंटर बंद रखे जाएगे।

सप्ताह में तीन दिन ऑनलाइन बुकिंग करने वालों को ही दर्शन की अनुमति मिलेगी। भक्तों को असुविधा न हो इसलिए साईं मंदिर की वेबसाईट www.sai.org.in से ऑनलाइन दर्शन पास बुक करने की अपील साईं ट्रस्ट द्वारा की गई है।

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