मुम्बई महानगरपालिका का पेश किया जाएगा सालाना बजट

- रिपोर्ट : रितेश वाघेला
मुंबई : आज देश की सबसे अमीर मुम्बई महानगरपालिका का सालाना बजट पेश किया जाएगा। पहले शिक्षा बजट पेश होगा फिर आर्थिक बजट जिसे बीएमसी कमिश्नर आई एस चहल स्टैंडिंग कमिटी में दोपहर 12 बजे पेश करेंगे।

कोरोना संकट के बीच देश की सबसे बड़ी मुंबई महानगर पालिका ( बीएमसी) का वर्ष 2021-22 का बजट दोपहर 12 बजे पेश होगा। 

अब तक मुंबईकरों के लिए मूलभूत सुविधा, जिसमें सड़क, पानी, गार्डन, शिक्षा व अन्य सुविधाओं में कैसे इजाफा हो, इस पर बीएमसी का बजट केंद्रित रहता था। लेकिन कोरोना संकट ने बीएमसी के सामने नई चुनौती पेश की है। जिसकी छाप बीएमसी के बजट पर साफ दिखाई देगी। इस दौरान कोरोना महामारी के कारण आर्थिक संकट से जूझ रहे मुंबईकर किसी नए टैक्स के बोझ को उठाने में सक्षम नहीं हैं। यह बात बीएमसी अच्छी तरह से जानती है। इसलिए बजट में नए कर की उम्मीद कम ही है।

बजट पर मुंबईकरों की निगाहें टिकी है 

बीएमसी को अब मुंबईकरों को मूलभूत सुविधाओं के साथ लोगों को स्वस्थ रखने के लिए विशेष हॉस्पिटल व अन्य चीजों की व्यवस्था करनी होगी। जिससे कोरोना महामारी जैसी बीमारियों से निपटा जा सके। जिसके लिए बजट में अलग से प्रावधान करना होगा। कोरोना की वजह से कई विकास परियोजनाएं प्रभावित हुईं, जिसे बूस्ट देने के लिए बीएमसी कमिश्नर आईएस चहल को बजट में कुछ अतिरिक्त करना पड़ेगा। जिसमें कोस्टल रोड, देवनार में कचरे से बिजली उत्पादन, मुंबई में कचरा कम करना, मुंबई को पानी आपूर्ति के लिए गारगाई प्रोजेक्ट, समुद्र से पानी मीठा करने के लिए मनोरी प्रॉजेक्ट आदि शामिल हैं। मुंबईकर किसी नए टैक्स का बोझ उठाने की स्थिति में नहीं है। बजट में हेल्थ को लेकर विशेष प्रावधान करने की जरूरत है।

कोरोना संकट का सीधा असर बीएमसी के राजस्व आय पर पड़ा है। प्रॉपर्टी टैक्स की वसूली इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। इसके बावजूद आर्थिक वर्ष में कोई नया कर न लगाते हुए पुरानी परियोजनाओं को गति देने का दबाव बीएमसी पर रहेगा। आईएस चहल आज स्थायी समिति को वर्ष 2021-22 का बजट सौंपेंगे। सड़कों की मरम्मत, शुद्ध एवं भरपूर पानी की आपूर्ति, बीएमसी स्कूलों में शिक्षा का स्तर बढ़ाने, और मैदानों एवं गॉर्डन की स्थिति सुधारने पर बजट में विशेष प्रावधान होने की उम्मीद है। साथ ही खर्चे और आय में तालमेल बिठाते हुए पर्यटन को बजट में बढ़ावा मिल सकता है। कोरोना संकट का असर रियल इस्टेट सेक्टर पर भी पड़ा है, प्रीमियम देकर सरकार ने उसमें कुछ तेजी लाने की कोशिश की है, लेकिन ऐसा होने में कुछ समय लगेगा। उसके बाद ही बीएमसी की तिजोरी को फायदा होगा।

नाइट लाइफ के लिए हो सकते हैं प्रावधान

बजट में सड़कों की मरम्मत, पानी की पाइपलाइनों की मरम्मत, पुलों की मरम्मत, सीवरेज, कचरा, प्राथमिक शिक्षा और प्राथमिक स्वास्थ्य जैसी सुविधाओं पर भी जोर रहने की उम्मीद है। कोरोना संकट के कारण लगभग बंद हो चुकी मुंबई की नाइट लाइफ को बढ़ावा देने के लिए भी बजट में कुछ नए प्रावधान हो सकते हैं। मियावाकी वन योजना, उद्यान और पर्यटन स्थलों के विकास को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

वर्ष 2020-21 के बजट में प्रावधान

  • पूंजीगत खर्च: 11764.62 करोड़ रुपये
  • राजस्व आय: 28448.30 करोड़ रुपये
  • कुल बजट: 33,441 करोड़ रुपये

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