आदित्याय नमः जपने में व्यस्त, मनपा आयुक्त इक़बाल सिंह चहल

सत्ताधारी सेना नगरसेवकों की परेशानी बढ़ी,  सूत्रों के अनुसार मनपा बजट पालकमंत्री तय करेंगे

मुंबई : मनपा आयुक्त इक़बाल सिंह चहल के पास कोई भी सवालों, किसी भी जांच के बारे में पूँछने पर सिर्फ और सिर्फ एक ही जावाब देते है। वो यह है कि आदित्याय ठाकरे। आयुक्त इक़बाल सिंह चहल का सीधा जवाब होता है आदित्याय ठाकरे साहेब से पूंछ कर बताता हूँ। ऐसा मनपा आयुक्त का उत्तर सवाल पूँछने वालों के लिये रटा-रटाया तैयार रहता है। कहा जाता है कि मनपा आयुक्त के जावाब से ऐसा संदहे प्रतीत होता है कि, आजकल आदित्याय नमः जपने में लगे है।

बताया जाता है कि मनपा आयुक्त इक़बाल सिंह चहल भले ही आईएएस अधिकारी है, परंतु आगामी फरवरी महीने में आने वाले मनपा बजट को आदित्य ठाकरे ही तैयार करेंगे। उल्लेखनीय तौर पर मनपा में सत्ता किसी की भी हो, पर यहां पर आने वाला प्रशासनिक आईएएस अधिकारी मनपा आयुक्त संपूर्ण तरीके से राज्य सरकार व मुख्यमंत्री के मर्जी के अनुसार काम करते है। कहा जाता है कि इसके विपरीत मनपा आयुक्त इक़बाल सिंह चहल मुख्यमंत्री उद्धाव ठाकरे के विचार जानने की बजाये आदित्य ठाकरे के विचार अधिकतर समय पसंद करते दिखाई देने की चर्चा राजनीतिक गलियारों में फैल चुकी है। आगामी फरवरी 2022 में होने वाले मनपा चुनावों को ध्यान में रखकर आदित्याय ठाकरे ने राज्य का विचार न करते हुए पालिका चुनावों को लेकर ध्यान केंद्रित किये हुए है। वहीँ महापालिका फरवरी महीने में आने वाले मनपा बजट में क्या होना चाहिये वो भी आदित्य ठाकरे से पूँछकर ही अंतिम निर्णय लेंगे ऐसा प्रतीत हो रहा है।

कहा जाता है अबकी बार मनपा बजट में स्वस्थ विभाग को लेकर अधिक भार दिये जाने की जानकारी विरोधीयो को मनपा आयुक्त ने दिया है। वही मनपा में सत्ताधारी नगरसेवकों ने मुंबई करी जनता की जरूरतों को लेकर सुझावों को मनपा बजट मे शामिल  किये जाने को, मनपा आयुक्त को सूचित किया है। वही पूर्व में  विरोधी पार्टी के नगरसेवकों ने मनपा आयुक्त से पूर्व में मिलकर विभिन्न सुझावों भी दिये थे। उस पर भी विरोधियों को मनपा आयुक्त इक़बाल सिंह चहल का सीधा रटा रटाया जावाब मिला, अदित्य ठाकरे से पूँछकर बताता हूँ। कहा जाता है कि ऐसा एक बार नही मनपा आयुक्त ने कई बार कहे चुके है। एक ओर देखा जाये तो पालिका के इतिहास में बजट बनाने में किसी भी मुख्यमंत्री अथवा मंत्री का हस्तक्षेप नही किया। सूत्रों की बातों पर गौर करें तो अबकी बार मनपा का बजट को पालकमंत्री के पास दिया गया है। 

उल्लेखनीय तौर पर इसके विपरीत परिणाम, के तौर पर मनपा आयुक्त द्वारा सीधा आदित्य ठाकरे के नाम ले रहे है। जिससे मनपा में शिवसेना नगरसेवकों के खुद के सुझावों को ध्यान नही दिये जाने का अंदेशा होने लगा है। अगर आयुक्त किसी जगह कोई गलती कर जाते है, तो उनके विरोध में बोलने की किसी सत्ताधारी नगरसेवक की हिम्मत नही। सूत्रों के अनुसार कहा जाता है कि मनपा का इतिहास काल मे एक समय ऐसा था कि कभी मनपा आयुक्त ने मनमानी किया था। जिस पर उस समय के मनपा आयुक्त करुण श्रीवास्तव को सत्ताधारी नागरेवको ने सबक सिखाया। करुण श्रीवास्तव ने सभा ग्रह से महापौर को न बताते हुए चले गये थे। उस समय शिवसेना नगरसेवक आक्रोशित होकर आयुक्त के चैंबर में घुसकर आयुक्त से जावाब पूंछा था। इतना ही नही महापौर का अपमान हुआ था, कहकर मनपा आयुक्त के चैंबर के सामने के खिड़कियां तोड़ दी थी। परंतु आज की परिस्थिति पूरी तरह से बिल्कुल बदल चुकी है। आयुक्त से सवाल पूछना मतलब पालकमंत्री आदित्य ठाकरे से सावल पूंछना मना जा रहा है।

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