हाई-टेक, एशिया का नंबर 1 बनने की और अग्रसर गोवंडी का देवनार कत्ल खाना

नये सिरे से बनाने के लिये मनपा ने जारी किए 418 करोड़ रुपए की निधि- महाप्रबंधक डॉ. योगेश शेट्टी  

रिपोर्ट : यशपाल शर्मा

मुंबई : सन 1971 में बने देवनार कत्ल खाना पूरे विश्वभर में जहां बकरों की बिक्री की मंडी के तौर पर विख्यात है, तो दूसरी और बकरे के गोश्त के लिये भी चर्चा बटोरता है। दूसरा यह कि घाटे में चलने वाले देवनार कत्ल खाने प्रशासन को 350 कर्मचरियों की टीम वर्क कड़ी मेहनत करवाकर, सालाना बकरा ईद की कमाई में वृद्धि करते हुए 3 करोड़ से 7 करोड़ तक पहुंचाने का कार्य 2016 मे देवनार कत्ल खाने के महाप्रबंधक के तौर पर कमान संभालने वाले डॉ.योगेश शेट्टी ने कर दिखाया। यही नही डॉ. योगेश शेट्टी के इस सराहनीय कदम से कल तक आलोचना करने वाले राजनीतिक, सामाजिक लोग उन्हें एशिया के सबसे बड़े कत्ल खाने को घाटे से उबार नही पाने का जिम्मेदार मानते थे जो आज उनके सम्मान में तारीफ करते नही थकते।

क्या क्या बदलाव देखने को मिलेंगे 

  • देवनार कत्ल खाने का मॉनसून शेड डोम शेप की तरह होगा जो बदलते मौसम से हिसाब से जरूरत न पड़ने पर हटाया भी जा सकता है। 
  • जानवरों को जलाने के लिये धुंवा रहित। 
  • मशीन की स्थापना किया जायेगी।

जानवरों के वेटरन विकसित अस्पताल 

मुंबई के महालक्ष्मी में जैसा विकसित अस्पताल के तर्ज पर सभी जानवरों के वेटेरन अस्पताल की सुविधाओं को  लैस किया जायेगा। पशुवैधिक विभाग के तौर पर देखने को मिलेगा, जानवरों के विभाग की डॉक्टरों की होगी नियुक्तियां। जिसका बजट 10 से 50 करोड़ के बीच होगा। कैटल पौंड आधुनिकरण के तौर पर विकसित किया जायेगा। एम्बुलेंस सर्विस तक मुहैया होगी।

पर्किंग की होगी व्यवस्था -ट्रैफिक समस्या से मिलेगी मुक्ति -स्थानीय नागरिकों समेत बाहर के व्यापारियों ,खरीददारों के लिये वाहनों की पर्किंग की व्यवस्था किया जायेगा। ताकि हर साल के ट्रैफिक जाम की समस्या से छुटकारा मिल सके। कत्ल खाने के भीतर डेढ़ किलोमीटर तक की सड़क चकाचक बनेंगी। गोवंडी के पर्यावरण में बढ़ते प्रदुषण को देखते हुए ग्रीन जोन  के तौर पर होगा विकसित  होगा देवनार परिसर, हरा भरे रखने के लिये पेड़ पौधों का वृक्ष आरोपण बड़े पैमाने पर होगा, ताकि पर्यटन नगरी के तौर पर विकसित कर सके।

स्वछता को लेकर साफ-साफाई परिसर में देखने को मिलेगा। जिसको लेकर परिसर में जगह-जगह शुद्ध पेय जल की व्यवस्था आम आदमियों से लेकर जानवरों के पीने के लिये पानी की व्यवस्था किया जायेगा। कचरा संकलन करने का डिपो बनाये जायेंगे। डंपर, जेसीबी सेंटर तैयार किया जायेगा। ऑनलाइन टेंडर प्रक्रिया चलेगी ।पूरे देवनार प्रशसान को पूर्व में 64 सीसीटीवी कैमरों की जद में रखा गया था वर्तमान में कैमरों कि सँख्या जरूरत के हिसाब से 

वृद्धि किया जा सकता है , सुरक्षा इंतिजाम पुख्ता करने के उद्देश्य को ताकि बकरों की चोरी ,राहजनी जैसी आपराधिक घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके ।

Comments
Popular posts
Mumbai : ‘काव्य सलिल’ काव्य संग्रह का विश्व पर्यावरण दिवस पर विमोचन और सम्मान पत्र वितरण समारोह आयोजित
Image
New Delhi :पर्यावरण संरक्षण महत्व व हमारा अस्तित्व पर 'एम वी फाउंडेशन' द्वारा विराट कवि सम्मेलन का आयोजन
Image
Mumbai : महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमिटी पर्यावरण विभाग के प्रदेश उपाध्यक्ष साहेब अली शेख, मुंबई अल्पसंख्यक अध्यक्ष व नगर सेवक हाजी बब्बू खान, दक्षिणमध्य जिलाध्यक्ष हुकुमराज मेहता ने किया वृक्षारोपण
Image
मानव पशु के संघर्ष पर आधारित फिल्म 'शेरनी' मेरे दिल के करीब है – विद्या बालन
Image
पावस ऋतु के स्वागत में ‘काव्य सृजन’ की ‘मराठी काव्य’ गोष्ठी
Image