सलाम बॉम्बे फाउंडेशन की मीडिया एकेडमी के छात्रों ने मीडिया की ताकत को उजागर करने के लिए तैयार की एक अनूठी वर्चुअल प्रदर्शनी

मुंबई : कोविड 19 महामारी के दौरान, सेंट जेवियर्स कॉलेज के बीएमएम छात्रों के साथ मिलकर मुंबई के साधनहीन पृष्ठभूमि के बच्चे जानकारियों के आधार पर करियर संबंधी निर्णय लेने के अपने सबकों के जरिए जागरूकता पैदा कर रहे हैं।

नेल्सन मंडेला के शब्दों में, "शिक्षा वह सबसे शक्तिशाली हथियार/साधन है जिसका इस्तेमाल आप दुनिया को बदलने के लिए कर सकते हैं!" और अंतरराष्ट्रीय शिक्षा दिवस के मौके पर प्रासंगिक इन पंक्तियों पर चलते हुए सलाम बॉम्बे फाउंडेशन की मीडिया एकेडमी ने सेंट जेवियर्स कॉलेज के मास मीडिया विभाग के सहयोग से #एजुकेशन बियॉन्ड बुक्स नामक एक अनूठी वर्चुअल प्रदर्शनी का आयोजन किया है। जैसा कि महामारी ने सीखने और शिक्षण के लिए डिजिटलीकरण को अनिवार्य बना दिया है, इस बात ने एनजीओ को ‘ई-लर्निंग - ए कैटेलिटिक ट्रांजिशन’ थीम के साथ प्रदर्शनी को ऑनलाइन रूप में लगाने के लिए प्रेरित किया। पिछले साल शुरू हुई पहल को सीखने के परस्पर संवादपरक अनुभव के तौर पर डिजाइन किया गया था, जो विभिन्न निजी और सरकारी स्कूलों के छात्रों को मीडिया की ताकत को समझने में मदद करती है उन्हें करियर संबंधी निर्णय समुचित जानकारियों के आधार पर लेने के लिए प्रेरित करती है।

छात्रों के पढ़ाई छोड़ने की दर (ड्रॉपआउट रेट) भारत में माध्यमिक शिक्षा का एक अहम पहलू है। मानव संसाधन और विकास मंत्रालय के अनुसार, भारत में 36.37% बच्चे कक्षा 8 तक आते-आते स्कूल छोड़ देते हैं (शैक्षिक सांख्यिकी एक नजर में, 2014)। जहां मौजूदा शिक्षा प्रणाली छात्रों को प्रासंगिक करियर के लिए तैयार नहीं करती है, वहीं कौशल देने का मौजूदा तंत्र स्कूल छोड़ चुके छात्रों के लिए एक अंतिम उपाय के रूप में अल्पकालिक कौशल विकास प्रदान करने पर फोकस करता है। सलाम बॉम्बे फाउंडेशन ने इन चुनौतियों का खाका खींचते हुए सीखा है कि शिक्षा के साथ-साथ कौशल प्रदान करने से छात्रों को एक्सपोजर मिलता है, उनमें महत्वाकांक्षाएं विकसित होती हैं और वे नियमित रूप से स्कूल आने और अपनी शिक्षा पूरी करने के लिए प्रेरित होते हैं। स्कूली दौर में ही छात्रों के लिए व्यावसायिक प्रशिक्षण शुरू करने का एक अन्य महत्वपूर्ण पहलू यह है कि ये उनके लिए प्रासंगिक कौशल विकसित करने में मददगार अवसर होता है, ताकि वे कामकाजी माहौल में सफलतापूर्वक चल सकें। संचार, समस्या-समाधान, निर्णय लेने और डिजिटल दुनिया का सामना करने की क्षमता जैसे कौशलों से छात्रों का परिचय कुछ ऐसे महत्वपूर्ण तत्व हैं, जो नियोक्ता उम्मीदवारों में देखना चाहते हैं।

वर्चुअल प्रदर्शनी के बारे में, सुश्री राजश्री कदम, वीपी, प्रोजेक्ट्स (आर्ट्स और मीडिया) ने कहा, “इस पहल का उद्देश्य युवा छात्रों को मीडिया जैसे क्षेत्रों में करियर के विकल्प तलाशने के लिए प्रेरित करना है जो न सिर्फ रोमांचक हैं बल्कि आकर्षक मौके भी देते हैं। निजी और सरकारी दोनों स्कूलों के छात्रों के लिए कार्यक्षेत्र के बारे में जानकारियां सीमित हैं। उन्होंने पत्रकारों को टेलीविजन पर देखा है और अखबार पढ़े हैं। बहरहाल, उन्होंने खुद मीडिया की पढ़ाई करने या इस क्षेत्र में अपना करियर बनाने का विचार नहीं किया है। ऐसे में, इस पहल का उद्देश्य उनकी धारणा में आमूल बदलाव लाना है। यह मीडिया की ताकत को समझने व मानने और जानकारियों के आधार पर करियर विकल्प चुनने में मदद करने के लिए एक इंटरैक्टिव लर्निंग अनुभव है। '#एजुकेशन बियॉन्ड बुक्स' समाज के विभिन्न स्तरों से आने वाले छात्रों को प्रोत्साहित करने पर केंद्रित है - जो निजी शिक्षण संस्थानों के साथ-साथ सरकारी स्कूलों से भी हैं - ताकि मीडिया जैसे कार्यक्षेत्र को लेकर उनकी जानकारियों को व्यापक बनाया जा सके।"

शिक्षा और कौशल विकास को साथ-साथ जोड़ने का महत्व समझते हुए, सलाम बॉम्बे फाउंडेशन अपने व्यावसायिक कौशल विकास कार्यक्रम - प्रोजेक्ट रेज्यूमे के माध्यम से अंतर को भर रहा है। यह कार्यक्रम औपचारिक माध्यमिक सरकारी स्कूल प्रणाली के अंतर्गत स्थापित किया गया है और इसमें मीडिया एकेडमी, द एकेडमी ऑफ आर्ट्स, स्पोर्ट्स एकेडमी और स्किल्स@ स्कूल प्रोग्राम सहित चार प्रमुख व्यावसायिक कौशल विकास कार्यक्रम हैं।

सलाम बॉम्बे फाउंडेशन की मीडिया एकेडमी छात्रों को प्लेटफॉर्म और वॉइस, इन दो अहम साधनों से लैस करते हुए किशोरों को उनकी असीमित क्षमता का पता लगाने और उसमें विश्वास करने में सहायता पर ध्यान केंद्रित करती है। यह तीन वर्षीय सख्त कार्यक्रम छात्रों को पत्रकारिता, फोटोग्राफी, प्रिंट प्रोडक्शन और डिजाइन में प्रशिक्षित करता है। कार्यक्रम उन्हें संभावित पेशे के रूप में मीडिया से परिचित कराते हुए मजबूत संचार क्षमता, लेखन और पारस्परिक कौशल विकसित करने में भी सहायक होता है। ऑनलाइन प्रदर्शनी हिंदी और अंग्रेजी में उपलब्ध है, जिसमें प्रिंट मीडिया, रेडियो, टीवी, सोशल मीडिया, जनसंपर्क, फोटोग्राफी और फिल्म निर्माण के लाइव स्टॉल और वेबिनार हैं। यहां एक लाइव चैट कॉर्नर भी होगा जहां प्रतिभागी उद्योग के विशेषज्ञों से साक्षात्कार तक पहुंच सकते हैं। 24 जनवरी, 2021 को शुरू होने वाली यह प्रदर्शनी मार्च 2021 के अंत तक जारी रहेगी और इसे sbfmediaexhibition.com पर एक्सेस किया जा सकता है।


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