इस गणतंत्र दिवस पर.....

- अमृता पांडे

आइए, इस गणतंत्र दिवस पर कुछ नया करें। कुछ ऐसा करें जो हम बहुधा सोचते हैं, सालों से कहते आ रहे हैं, प्रतिज्ञा भी लेते हैं मगर फिर तोड़ देते हैं।

बड़ी-बड़ी बातें ना करें, छोटे-छोटे संकल्प लें, जिन्हें हम पूरा कर सकें। देश और दूसरों को बदलने की ना सोचे, पहले स्वयं को बदलें तो देश भी बदल जाएगा। देश विरोधी बातों में रुचि ना लें। सामाजिक सौहार्द बनाए रखें। धर्म और जाति के मसलों में व्यर्थ ना पड़े। किसी महापुरुष की प्रतिमा का अपमान ना करें। बिजली-पानी की बर्बादी को रोके। सार्वजनिक संपत्ति को क्षति न पहुंचाएं। अपने मन मस्तिष्क को स्वच्छ रखने के साथ-साथ अपने आसपास भी साफ सफाई रखें। नदी नालों में, खाली पड़े खेतों में  कूड़ा ना डालें। प्लास्टिक और अन्य ऐसे पदार्थ जो मिट्टी में विलीन नहीं  जाते, उनका कम से कम उपयोग करें और आवश्यक ही हो तो इनके निस्तारण के प्रबंध सोचें और सुझाएं। इन छोटे-छोटे प्रयासों से गणतंत्र को मजबूती मिलेगी क्योंकि गणतंत्र की असली ताकत तो इससे एक-एक नागरिक में ही है। आइए, अपने अधिकारों और कर्तव्य का पूर्ण निर्वहन कर गणतंत्र की नींव को मिलकर मज़बूत करें। 

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