इलेक्ट्रिक बसों को टीएमटी के बेड़े में शामिल नहीं किए जाने से कंपनी को दिया गया ठेका विवादों में फंसा

रिपोर्ट : प्रमोद कुमार

ठाणे : जिले मे प्रदूषण के स्तर को कम करने के लिए मनपा प्रशासन ने परिवहन सेवा के बेड़े में सौ इलेक्ट्रिक बसों को शामिल करने का निर्णय लिया था। इसके लिए मनपा ने संबंधिक कंपनी को बाकायदा ठेका दिया था। हालांकि अभी तक इलेक्ट्रिक बसों को टीएमटी के बेड़े में शामिल नहीं किए जाने से कंपनी को दिया गया ठेका विवादों में फंस गया है। मनपा की आम सभा में निर्णय लिया गया है कि बसों को मिलने में हो रही देरी को गंभीरता लेते हुए कंपनी को 15 दिन का मुहलत दी जाए। इस अवधि में यदि ठेकेदार कंपनी बसें नहीं मुहैया कराती है तो, उसके ठेके को ही रद्द कर दिया जाए। इस निर्णय पर मनपा के विद्युत विभाग ने भी अपनी सहमति जताई है। महासभा में भाजपा नगरसेवक मिलिंद पाटणकर ने कहा कि ठाणे मनपा द्वारा संचालित परिवहन सेवा के बेड़े में सौ इलेक्ट्रिक बसें शामिल किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी मिली थी।  

उन्होंने महा सभा में सवाल उठाते हुए कहा कि टीएमटी के बेड़े में बसें कब तक शामिल होंगी। इस सवाल का जबाव देते हुए मनपा के विद्युत विभाग के प्रमुख विनोद गुप्ता ने कहा कि साढ़े तीन साल पहले पीपीपी के तहत सौ इलेक्ट्रिक बसों को खरीदने के प्रस्ताव को मंजूरी मिली थी। प्रस्ताव के तहत शुरुआत में एक इलेक्ट्रिक बस को टीएमटी के बेड़े में शामिल किया गया। इसके बाद ठेका कंपनी ने चरणबद्ध तरीके से 100 बसों को देने का वादा किया था। हालांकि अभी तक कंपनी ने शेष 99 बसें मनपा को नहीं दिए हैं। हालांकि कंपनी के माध्यम से कहा गया था कि 99 बसों को 20 अप्रैल 2020 तक मनपा को सौंप दिया जाएगा। इस अवधि को बीते करीब एक साल बीत चुका है, फिर भी इलेक्ट्रिक बसें नहीं मिली हैं।मनपा के विद्युत विभाग प्रमुख विनोद गुप्ता ने कहा कि संबंधित ठेकेदार कंपनी को तीन बार नोटिस भेजा गया है। उन्होंने कहा कि हाल में फिर एक बार कंपनी को नोटिस जारी किया गया है। इस पर भाजपा नगरसेवक पाटणकर ने कहा कि जवाब न देने वाली संबंधित कंपनी के ठेके को रद्द किया जाए। उन्होंने कहा कि कंपनी बस देने में असमर्थ है तो, उसके साथ मनपा मुर्रवत क्यों कर रही है। इस पर महापौन नरेश म्हस्के ने आदेश दिया कि टीएमटी के बेड़े में 99 बसें समय पर शामिल नहीं हो रही हैं और कंपनी बस देने में आनाकानी कर रही है तो, उसके ठेके को नियमानुसार रद्द किया जाए। 

Comments