देवेश की शादी स्वाति से होगी और बबली, इंद्रेश के साथ बसायेगी अपना घर?

मुंबई : एण्डटीवी के ‘संतोषी मां सुनाएं व्रत कथाएं’ में ड्रामा जारी है, क्योंकि स्वाति बनी बबली (तन्वी डोगरा) इंद्रेश (आशीष कादियान) की तवज्जो पाकर बहुत खुश है। वहीं, देवेश (धीरज राज) को अहसास होता है कि उसके साथ जो लड़की है वह बबली नहीं कोई और है, जोकि उसके जैसी ही दिखती है। बबली का सच जानने के लिये वह सिंहासन सिंह (सुनील सिंह) के घर में आता है, जहां बबली और देवेश के बीच एक समझौता है कि वे इस नाटक को हकीकत में बदल देंगे। लेकिन, उन्हें इस बात का पता नहीं होता कि कोई छुपकर उनकी बातों को रिकाॅर्ड कर रहा है और बाद में वह बबली को ब्लैकमेल करता है। उसकी आंखें खोलने के लिये संतोषी मां (ग्रेसी सिंह) इंसानी रूप में आकर बबली को इसके अंजाम के बारे में समझाती है। लेकिन वह चेतावनी पर ध्यान नहीं देती।

वहीं, दूसरी तरफ देवेश, असुर रानी पाॅलोमी (सारा खान) के वश में आकर स्वाति को दवा दे देता है ताकि वह अपने पैसे वापस ना ले पाये। इसी बीच दोनों परिवार हल्दी के कार्यक्रम के साथ शादी की तैयारियों में जुटे हुए हैं। देवेश के बनारस वाले पड़ोसी का रूप धारण किये हुए असुर रानी पाॅलोमी यह देखकर बहुत खुश हो जाती है कि स्वाति की शादी किसी और व्यक्ति से हो रही है। अब उसे यकीन हो जाता है कि इंद्रेश के साथ उसका रिश्ता हमेशा के लिये खत्म हो जायेगा। सारा खान कहती हैं, ‘‘असुर रानी पाॅलोमी को यह देखकर जितनी खुशी महसूस हो रही है कि इंद्रेश और स्वाति का रिश्ता आखिरकर अलग होने के मुकाम पर पहुंच चुका है उसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। देवेश के घर में चल रही रस्मों के दौरान वह खूब जमकर डांस करती है। पाॅलोमी को यह जानकर बेहद खुशी होती है कि जिस काम को वह देवी रूप में पूरा नहीं कर पायी उसे इंसानी रूप में पूरा कर लिया। वह इस बात को जानती है कि संतोषी मां ऐसा नहीं होने दंेगी, पाॅलोमी अपनी तरफ से पूरी तरह तैयार है और वह देवेश को भी अपने वश में कर लेती है। अब प्यार के इन दो पंछियों- स्वाति और इंद्रेश के साथ आगे क्या होगा, यह देखने लायक होगा।’’

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