सलाम बॉम्बे फाउंडेशन ने 72वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर मुंबई के ‘‘सफाई कर्मचारियों’’ को सम्मानित किया

फाउंडेशन ने मुंबई के 72 क्लीन-अप मार्शल्स का मौजूदा महामारी के बावजूद शहर को साफ रखने केउल्लेखनीय कार्य के लिये अभिनंदन किया


मुंबई :  भारत के इतिहास के सबसे महत्वपूर्ण दिनों में से एक के सम्मान में सलाम बॉम्बे फाउंडेशन ने ग्रेटर मुंबई के म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (बॉम्बे म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन- बीएमसी) के 75 बीएमसी मार्शल्स को सम्मानित किया। इन असली सुपरहीरोज के निस्वार्थ समर्पण को सम्मानित करने के लिये फाउंडेशन ने इनमें से प्रत्येक को व्यक्तिपरक ‘‘थैंक यू’’ मग्स उपहार में दिये। यह समारोह बीएमसी के दक्षिणी वार्ड नरीमन पॉइंट पर हुआ था, जिसमें श्री. अतुल प्रभाकर जतिगावकर, सहायक प्रमुख पर्यवेक्षक, ए वार्ड, श्री.  नरेंद्र परमार, पर्यवेक्षक (ए वार्ड - साउथ), श्री भगवान बाबू कांबले, पर्यवेक्षक (ए वार्ड - नॉर्थ), सलाम बॉम्बे फाउंडेशन में ह्यूमन रिसोर्सेस की वाइस प्रेसिडेन्ट स्मृति कसुलवार और फाउंडेशन के कर्मचारी उपस्थित हुए, जो मार्शल्स के समर्थन में आए थे।


इस अवसर पर अक्षय अम्बेरकर, असिस्टेन्ट मैनेजर- ह्यूमन रिसोर्सेस, एडमिन, सलाम बॉम्बे फाउंडेशन ने कहा, ‘‘बीएमसी साल 2002 में हमारे परिचालन की शुरूआत से ही सलाम बॉम्बे फाउंडेशन के सबसे अच्छे और लंबी अवधि के सहयोगियों में से एक रही है। बीएमसी के साथ जुड़ने और अपने असली सुपरहीरोज, यानि मुंबई के क्लीन-अप मार्शल्स का अभिनंदन करने का यह अवसर पाना हमारे लिये बड़े गर्व का क्षण है। हम उन सभी को उनके निरंतर प्रयासों और प्रतिबद्धता के लिये धन्यवाद देते हैं, जो उन्होंने शहर को साफ रखने, खासकर महामारी के दौरान और नागरिकों को विभिन्न रोगों से बचाने के लिये दिखाई है। यह उस कड़ी मेहनत के लिये उनका मनोबल बढ़ाने हेतु सराहना का एक छोटा-सा टोकन है, जो वे करते हैं और जिसमें बहुत सारा मानसिक और शारीरिक श्रम लगता है।’’


नरेन्द्र परमार (ए-वार्ड सुपरवाइजर) ने कहा, ‘‘इस सम्मान के लिये हम सलाम बॉम्बे फाउंडेशन को धन्यवाद देते हैं। ‘‘सफाई कर्मचारी’’ असली सुपरहीरोज हैं, जो मुंबई शहर को साफ रखने के लिये दिन-रात काम करते हैं और अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली को सुचारू रखने के लिये अपने स्वास्थ्य को जोखिम में डालते हैं। कम्युनिटी हेल्थ वालंटीयर्स (सीएचवी) कोविड-19 से बीएमसी की लड़ाई के केन्द्र में रहे हैं, जबकि स्वच्छता मार्शल्स ने अपने जीवन को दांव पर लगाया है और कई खतरों तथा स्वास्थ्य के जोखिमों का सामना किया है। महामारी के दौरान हमारे बहादुर मार्शल्स ने लगातार जो काम किये, उनमें से कुछ हैं- उन लोगों के घरों को सैनिटाइज करना, जिनमें वायरस की पुष्टि हुई, कस्तूरबा हॉस्पिटल के परिसर को साफ और सैनिटाइज करना, जो महामारी से लड़ने में आगे था और इसका निरीक्षण और इसे सुनिश्चित करने में बीएमसी की मदद करना कि लोग सुरक्षा प्रोटोकॉल्स का पालन करें। बीएमसी के कई मार्शल्स कोरोना पॉजिटिव हो गये, लेकिन अपने और अपने परिवार के जोखिम के बावजूद, ठीक होने के बाद ही वे तुरंत शहर की सेवा में लग गये। हम उनके साहस को सलाम करते हैं!’’


यह सम्मान पाकर मुकादम विट्ठल गोविंद जाधव ने कहा, ‘‘हम बहुत खुश हैं और सलाम बॉम्बे फाउंडेशन के शुक्रगुजार हैं कि उन्होंने हमारी कड़ी मेहनत को समझा। हमें अपने-अपने यूनियनों से भी प्रमाणपत्र मिले हैं। इस कठिन समय में बीएमसी ने भी हमारी अच्छी देखभाल की, हमें ज्यादा वेतन दिया, सेफ्टी गियर, जैसे मास्क, ग्लोव्स और सैनिटाइजर्स दिये और फरवरी 2020 में वायरस का खतरा आने के बाद से हमारी यात्रा और भोजन का खर्च उठाया। इस प्रकार की सराहनाएं हमें नई ऊर्जा देती हैं और महामारी के दौरान भी हर दिन काम पर आने की प्रेरणा देती हैं।’’


सलाम बॉम्बे फाउंडेशन हमेशा से शहर के अकीर्तित नायकों को समर्थन देने और उनका मनोबल बढ़ाने में आगे रहा है। पिछले साल फाउंडेशन ने मुंबई के 40 फायर-फाइटर्स को उनके उत्कृष्ट कार्य और साहस के लिये सम्मानित किया था, जो उन्होंने आपातकाल के दौरान नागरिकों का जीवन बचाने के लिये बार-बार दिखाया है। सलाम बॉम्बे फाउंडेशन ने रॉबिन हूड अकादमी के साथ उनकी अनूठी परियोजना #AcademyGreens - Trees for 2050 के लिये गठबंधन भी किया है। फाउंडेशन के साथ इस गठबंधन के फलस्वरूप गणतंत्र दिवस के अवसर पर 26 बीएमसी स्कूलों, 3 जिला परिषद स्कूलों, 3 पुलिस थानों और 2 बीएमसी कार्यालयों में 270-300 पेड़ लगाए जाएंगे।

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