सिडको के प्रबंध निदेशक संजय मुखर्जी ने सिडको द्वारा शुरू सभी परियोजनाओं का किया निरीक्षण

रिपोर्ट : प्रमोद कुमार

नवी मुंबई : नवी मुंबई की महत्वपूर्ण मेट्रो रेल परियोजना के चारों चरण किसी ने किसी कारण से पिछले कई सालों से लटकें हुए हैं , यहाँ तक बेलापुर से पेंढर मेट्रो रेल परियोजना पिछले 9 सालों से लटकी हुई है। नवी मुंबई मेट्रो रेल परियोजनाओं में आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए सलाहकार के रूप में नागपुर मैट्रों की नियुक्ति की गयी है। इससे आने वाले डेढ़  सालों में मेट्रो रेल परियोजना में आ रही रुकावटों को दूर कर लिया जाएगा और नवी मुंबई में मेट्रो रेल परियोजना का पहला चरण शुरू हो जाएगा। इस प्रकार का विश्वास सिडको  प्रबंध निदेशक संजय मुखर्जी ने व्यक्त किया है।  पता हो की पिछले दिनों सिडको के प्रबंध निदेशक संजय मुखर्जी ने सिडको द्वारा शुरू सभी परियोजनाओं का निरीक्षण किया था। मुखर्जी का कहना है कि कोविड की वजह से सिडको की आर्थिक स्थिति थोड़ी कमजोर जरूर हुई है लेकिन उसका असर नवी मुंबई में चल रही परियोजनाओं पर नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा की कोविड काल में सिडको की आय से अधिक खर्चे हुए हैं जिसका असर सिडको की आर्थिक बजट पर पड़ा है लेकिन उसका असर परियोजनाओं पर न पड़े इसके लिए सिडको पूरी प्लानिंग कर रही है। मुखर्जी ने कहा कि मेट्रो रेल परियोजना का पहला चरण समय पर पूरा नहीं हो पाने की वजह से उसका खर्च बढ़ गया है जिसका असर मेट्रो परियोजनाओं के बाकी चरणों में शुरू होने वाले काम पर भी पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि पहले चरण में मेट्रो स्टेशनों का काम अधूरा पड़ा है जिसका मुख्य कारण है की हमारे पास तकनीक की कमी है। इंजीनियरिंग विभाग के पास सीमित संसाधन हैं इसके लिए नागपुर मैट्रों को बतौर सलाहकार नियुक्त किए जाने का निर्णय लिया गया है। जिसकी वजह से यह काम आने वाले डेढ़ सालों में पूरा कर लिया जायेगा। 

सिडको के प्रबंध निदेशक संजय मुखर्जी का मानना है कि नवी मुंबई में इंटरनेशनल एयरपोर्ट का काम चल रहा है इस इंटरनेशनल एयरपोर्ट की वजह से नवी मुंबई को एक विशेष महत्त्व मिल जाएगा। इसकी वजह से यहाँ के तकनीकी संसाधनों को और अधिक विकसित करने की जरुरत है। उन्होंने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनल से पनवेल कॉरिडोर प्रस्तावित है। इस कॉरिडोर के निर्माण में इसके खर्चे का बोझ सिडको पर न पड़े इसका विशेष ध्यान रखा जा रहा है और उसी हिसाब से प्लानिंग भी की जा रही है। उन्होंने बताया की इस प्रस्तावित कॉरिडोर से सटे भूखंड सिडको के हैं इसलिए इन भूखंडो के सहारे सिडको को आसानी से कर्ज भी उपलब्ध हो जायेगा। उन्होंने बताया कि मुंबई ट्रांस हार्बर लिंक से नवी मुंबई शहर को बड़ा लाभ होगा। न्हावा शेवा सी लिंक के माध्यम से नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक की यात्रा जल्द हो इसके लिए सागरी मार्ग भी प्रस्तावित है। उन्होंने कहा की आज सिडको की जगह पर कंटेनर खड़े कर दिए जाते हैं इसके लिए एक भव्य लॉजिस्टिक पार्क बनाने की भी योजना है।

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