भारत की चक्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रमुख प्लास्टिक रिसाइकलर डालमिया पॉलीप्रो इंडस्ट्रीज (डालमिया) को सर्कुलेट कैपिटल से मिली फंडिंग

डालमिया के उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादों का इस्तेमाल वैश्विक फैशन और अग्रणी उपभोक्ता ब्रांड करते हैं। इस फंड के जरिए डालमिया का लक्ष्य 2025 तक अपनी रीसाइकलिंग क्षमता को बढ़ाकर तीन गुना करना है

यह विकास नई सुविधाओं व तकनीकों और बोतल-से-बोतल रीसाइकलिंग सरीखे फूड-ग्रेड अनुप्रयोग जैसी मूल्य वर्धित उत्पाद श्रेणियों में विस्तार के माध्यम से किया जाएगा

यह फंडिंग भारत के अपशिष्ट प्रबंधन और रिसाइकलिंग उद्योग में आमूल बदलाव लाने के लिए अपने 106 मिलियन अमेरिकी डॉलर के फंड का आधा हिस्सा देश में निवेश करने संबंधी सर्कुलेट कैपिटल की प्रतिबद्धता का हिस्सा है

मुंबई : सिंगापुर स्थित निवेश प्रबंधन कंपनी सर्कुलेट कैपिटल ने आज बताया कि सर्कुलेट कैपिटल ओशन फंड (सीसीओएफ) ने मुंबई-आधारित डालमिया में एक रणनीतिक निवेश किया है। सर्कुलेट कैपिटल समुद्र में प्लास्टिक के रिसाव को रोकने और पर्यावरण हितैषी चक्रीय (सर्कुलर) अर्थव्यवस्था के विकास पर केंद्रित है, वहीं डालमिया एक बाजार-अग्रणी और सस्टैनबिलिटी-केंद्रित पीईटी तथा पॉलीओलेफिन रिसाइकलर कंपनी है। सीसीओएफ की स्थापना पेप्सिको (इसके पहले निवेशक), प्रॉक्टर एंड गैंबल, डाउ, डैनोन, शनेल, यूनिलीवर, कोका-कोला कंपनी और शेवरॉन फिलिप्स केमिकल की साझेदारी में हुई थी। यह दक्षिण और दक्षिण पूर्व एशिया में समुद्र के प्लास्टिक से निपटने के लिए समर्पित दुनिया का पहला निवेश फंड है।

आमतौर पर प्लास्टिक की बोतलों के रूप में पाया जाने वाला पॉलीएथिलिन टेरेफ्थेलेट (पीईटी) प्लास्टिक भारत में प्लास्टिक कचरे के 10% से अधिक के लिए जिम्मेदार है। हालांकि इसका 90% इकट्‌ठा करके रिसाइकल किया जाता है, लेकिन रिसाइकल्ड पीईटी उच्च मानकों तक नहीं पहुंचता, जिसके चलते इसका सिर्फ एक बार पुन: उपयोग हो पाता है और चक्रीयता सीमित ही होती है। पीईटी के डाउनसाइकलिंग की पारंपरिक प्रथाओं से परे जाकर और तकनीक को अपनाते हुए डालमिया कंपनी उच्च गुणवत्ता वाले रिसाइकल्ड पीईटी के साथ-साथ पॉलीओलेफिन फ्लेक्स बनाती है, जिनके टेक्सटाइल्स और पैकेजिंग में विभिन्न अनुप्रयोग होते हैं। कंपनी के मटेरियल्स का इस्तेमाल दुनिया के जाने-माने परिधान ब्रांडों और पैकेजिंग निर्माताओं द्वारा किया जाता है।

15 वर्षों में, डालमिया ने 1,20,000 मीट्रिक टन से अधिक प्लास्टिक कचरा रिसाइकल किया है, जो कि 2,600 से ज्यादा हंपबैक व्हेल के बराबर होता है। इसकी अगले पांच वर्षों में रिसाइकलिंग क्षमता को तीन गुना करने की योजना है। डालमिया के गुणवत्तापूर्ण मटेरियल्स वैश्विक रिसाइकलिंग मानकों व यूरोपीय संघ के रीच रेगुलेशंस को पूरा करते हैं और आईएसओ कॉम्‍प्‍लाएंट है।

इस निवेश पर डालमिया के प्रबंध निदेशक आदित्य डालमिया ने कहा, “भारत के एक प्रमुख पीईटी रिसाइकलर के रूप में इनोवेशन और तकनीक पर ध्यान केंद्रित करने से ग्राहकों को निरंतर भरोसेमंद मटेरियल्स देने की हमारी क्षमता को सहारा मिलता है। हम देश में फूड-ग्रेड अनुप्रयोगों के विकास की अगुआई के लिहाज से अच्छी स्थिति में हैं, जिसने हमें इकट्‌ठा किए गए प्लास्टिक कचरे की ज्यादा से ज्यादा वैल्यू हासिल करने में सक्षम बनाया है। सर्कुलेट कैपिटल के समर्थन के साथ हम अपनी रिसाइकलिंग क्षमता को बढ़ाएंगे और अपनी क्षमताओं का विस्तार करेंगे, ताकि पर्यावरण और समूची मूल्य श्रृंखला के लाभ के लिए प्लास्टिक के चक्रीकरण को बढ़ावा दे सकें।”

इस निवेश पर टिप्पणी करते हुए सर्कुलेट कैपिटल के सीईओ, रॉब कपलान ने कहा, “प्लास्टिक के पुन: उपयोग को बढ़ाकर और फूड-ग्रेड अनुप्रयोग क्षमताओं को विकसित करके डालमिया अपशिष्ट प्रबंधन और रिसाइकलिंग उद्योग में आमूल बदलाव लाने में अहम भूमिका निभा रही है। आर्थिक मूल्य निर्मित करने से परे, कंपनी का संवहनीयता पर फोकस और स्थानीय समुदायों का समर्थन पर्यावरण और समाज के लिए महत्वपूर्ण लाभ लेकर आता है। अपने साझेदारों के साथ, हम डालमिया को उसके विकास के सफर में समर्थन देने के लिए उत्साहित हैं।”

आज की तारीख तक, सर्कुलेट कैपिटल भारत में प्लास्टिक प्रदूषण से निपटने और प्लास्टिक अपशिष्ट की चक्रीय (सर्कुलर) अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए समर्पित सबसे बड़ा निवेश पोर्टफोलियो तैयार करने 39 मिलियन अमेरिकी डॉलर की प्रतिबद्धता जता चुका है। पोर्टफोलियो में अपशिष्ट प्रबंधन क्षेत्र में शुरुआत करने वाले छह स्थानीय लघु और मध्यम उद्यम (एसएमई) शामिल हैं, जो रिसाइकलिंग मूल्य श्रृंखला को नया रूप दे रहे हैं। सामंजस्य में काम करते हुए, पोर्टफोलियो का लक्ष्य भारत में इस उद्योग को वास्तविक रूप में बेहतर बनाना है। इसके लिए तंत्र के भीतर विखंडन, ट्रेसबिलिटी की कमी और रिसाइकल सामग्री की कम गुणवत्ता जैसे प्रमुख प्रणालीगत अंतराल और समस्या बिंदुओं को दूर करने के लिए पैमाना बढ़ाया जाएगा। यह काम तीन मुख्य इनोवेशन रणनीतियों के माध्यम से होगा : कचरे को मूल्य में बदलने के लिए अपसाइकलिंग में बढ़ोतरी (ल्यूक्रो प्लास्टेसाइकल, श्रीचक्र पॉलीप्लास्ट, रिक्रॉन और डालमिया); डिजिटलीकरण का विस्तार (रिसाइकल); और, इकट्‌ठा करने व छांटने की प्रक्रिया को बढ़ाना (नेप्रा रिसोर्स मैनेजमेंट)।

सीसीओएफ के निवेश के माध्यम से प्रदान की जाने वाली उत्प्रेरक पूंजी क्षमता विस्तार के लिए धन उपलब्ध कराएगी, ताकि पोर्टफोलियो कंपनियों को अपने विकास के अगले चरण की शुरुआत में मदद मिल सके। वित्तपोषण के अलावा, सर्कुलेट कैपिटल मेंटरशिप और तकनीकी विशेषज्ञता सहित वैल्यू चेन के साथ अपने सहयोगियों के नेटवर्क के लिए उपक्रम भी प्रदान करता है, ताकि वे लंबी अवधि में वृद्धि कर सकें।

Comments