किसान नहीं, बिचौलिए और उनके भाड़े के कार्यकर्ता बन रहे किसान आंदोलन की भीड़ : भवानजी

मुंबई : भाजपा के वरिष्ठ नेता तथा मुंबई मनपा के पूर्व उपमहापौर बाबूभाई भवानजी ने पिछले कई दिनों से जारी किसान आंदोलन को विपक्षी राजनीतिक पार्टियों का महा षडयंत्र करार दिया है। उन्होंने कहा कि देश का आम किसान अपने खेतों में काम कर रहा है, जबकि मंडियों के बिचौलिए, आढ़तिए अपनी काली कमाई ठप्प होने से भयभीत होकर विरोधी दलों के नेतृत्व में अपने भाड़े के कार्यकर्ताओं के साथ आंदोलन करने के लिए सडकों पर हैं, जिनमें कई अराजक तत्वों का समावेश है, और वे देश के विकास तथा एकता के लिए खतरा बने हुए हैं। केंद्र सरकार के नए कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलनरत किसानों को कांग्रेस और राट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) सहित तमाम विपक्षी दलों के समर्थन पर सवाल खड़ा करते हुए भाजपा नेता बाबूभाई भवानजी ने कहा कि विपक्षी दल अपना अस्तित्व बचाने के लिए इस मुद्दे पर दोहरा रवैया अपना रहे हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष नए कृषि कानूनों को लेकर किसानों को गुमराह करने के साथ ही शर्मनाक तरीके से दोहरा मापदंड अपना रहा है। विपक्ष केवल विरोध के लिए विरोध कर रहा है। भवानजी ने इस संबंध में एक-एक करके विपक्ष के कई नेताओं का नाम लेकर कृषि कानूनों पर सरकार से मिलती-जुलती राय रखने संबंधी उनके बयानों का भी उल्लेख किया। उन्होंने सीधे तौर पर विपक्ष पर दोहरे मानदंड अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ज्यादातर नेता पहले ही कृषि उपज विपणन समिति (एपीएमसी) एक्ट को हटाने का समर्थन कर चुके हैं। कांग्रेस के 2019 के घोषणा पत्र में इसे हटाए जाने की बात कही गई थी। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा, कांग्रेस पार्टी ने 2019 के चुनाव में अपने चुनाव घोषणा पत्र में साफ-साफ कहा है कि एग्रीकल्चर प्रोड्यूस मार्केट एक्ट को समाप्त करेगी और किसानों को अपनी फसलों के निर्यात और व्यापार पर सभी बंधनों से मुक्त करेगी। भवानजी ने कहा, आज जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने काम किया है, 8-9 साल पहले मनमोहन सिंह की सरकार यही कर रही थी, 2005 में शरद पवार ये बोल रहे थे। जिस समय शरद पवार ये बोल रहे थे कि अगर आप सुधार नहीं करोगे तो हम वित्तीय समर्थन देना बंद कर देंगे। उस समय मनमोहन सिंह की सरकार का समर्थन सपा, राजद, सीपीआई और अन्य दल कर रहे थे। उन्होंने कांग्रेस पर अपनी राजनीतिक जमीन बचाने के लिए विरोध करने का आरोप लगाते हुए कहा कि आज जब कांग्रेस का राजनीतिक वजूद खत्म हो रहा है, ये बार-बार चुनाव में हारते हैं चाहे वो लोकसभा हो, विधानसभा हो या नगर निगम चुनाव हो। ये अपना अस्तित्व बचाने के लिए किसी भी विरोधी आंदोलन में शामिल हो जाते हैं। भाजपा नेता ने कहा कि किसान आंदोलन के नेताओं ने साफ-साफ कहा है कि राजनीतिक लोग हमारे मंच पर नहीं आएंगे। हम उनकी भावनाओं का सम्मान करते हैं। लेकिन ये सभी कूद रहे हैं, क्योंकि इन्हें भाजपा और नरेंद्र मोदी का विरोध करने का एक और मौका मिल रहा है। भवानजी ने कहा कि यूपीए सरकार में कृषि मंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) प्रमुख शरद पवार पर हमला करते हुए भाजपा नेता ने कहा, शरद पवार जब देश के कृषि और उपभोक्ता मामलों के मंत्री थे तो उन्होंने देश के सारे मुख्यमंत्रियों को चिट्ठी लिखी थी। जिसमे उन्होंने लिखा था कि मंडी एक्ट में बदलाव जरूरी है, प्राइवेट सेक्टर का आना जरूरी है, किसानों को कहीं भी अपनी फसल बेचने का अवसर मिलना चाहिए।

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