मानखुर्द मंडाला एकता नगर की जनता मोबाइल टॉवर के विरोध में सड़कों पर उतरी

मोबाईल टॉवरों से निकलने वाली जानलेवा रेडिशन को भांपकर नागरिकों ने स्वस्थ का हवाला देकर, टॉवर लगाने से किया मना

मुंबई : एम/पूर्व विभाग अंतर्गत आने वाले विभिन्न वार्डो में विकास की बाजये नागरिकों को के घरों की छत पर बड़ी ही तेजी से लॉक डाउन के बाद मोबाइल टावरों को लगाये जाने का मामला जगह जगह पर दिखाई दे रहा है ।बढ़ते मोबाइल टावरों स होने वाली नागरिकों  के स्वस्थ को लेकर जन जगरुख्ता बढ़ने से न सिर्फ मोबाइल टॉवरों का बडे पैमाने पर स्थानीय नागरिकों ने विरोध शुरू कर दिया है ।बल्की बुद्धजीवी वर्ग ने बकाया 14 वार्डो की जनता मोबाइल टावरों के घातक खतरनाक रेडिएशन से कैसे अपने आपको बचायेगी ,कब इलाके में मोबाइल टावरों के खिलाफ फैलेगी जगरुख्ता ।गौरतलब हो कि पहला समाचार ने मोबाइल टॉवरों से निकलने वाली घातक रेडिएशन को उजागर कर नागरिकों में जारूकता फैलाने का कार्य किया था ।

उल्लेखनीय तौर पर एकता नगर के रहने वाले रघुनाथ शिंदे ने बताया जब प्रशासन को स्थानीय जनता ने लिखित शिकायत देकर घरों की छतों के ऊपर लगे मोबाइल टावरों पर करवाई करने की मांग कर चुके है ,तो फिर आखिर किसके संरक्षण में एम/पूर्व  के विभिन्न वार्डो में धड़ल्ले से मोबाइल टॉवर लगाये जा रहे है ।मोबाइल टॉवर के विरोध में स्थानीय महिलाओं, पुरुषों द्वारा अपने छोटे छोटे बच्चों के स्वस्थ का हवाला देकर मोबाइल टॉवर लगाने का खुलकर विरोध किया है ।नागरिकों के अनुसार कई वर्षों से झोपड़पट्टियों में रह रहे है कभी कोई जनलेवा बीमारी या खौफ डर नही सताया ,जितना कोरोना महामारी का ,उस पर मोबाइल टावरों के जरिये कैंसर का खतरा नागरिकों में बढ़ चुका है ।

किसके संरक्षण में लग रहे हैं मोबाइल टॉवर

सूत्रों के अनुसार कहा जाता है कि पूर्व में ही सुरु से जनता घरों की छत पर लगने वाले मोबाइल टॉवरो के खिलाफ एम पूर्व के संबंधित विभाग में लिखित शिकायत देने के उपरांत शिवसेना नगरसेविका समीक्षा सक्रे ने नागरिको के बढ़ते विरोध को देखते हुए करवाई करने का आश्वाशन जनता को दिया था ।परंतु बाद में कहा जाता है कि करवाई का डर दिखाकर मोबाइल टॉवर वाले मोबाइल धारक मकान मालिकों से जमकर बिल्डिंग व फैक्ट्री विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर संरक्षण देने का कार्य कर के मोबाइल टावरों पर होने वाली करवाई को रफा दफा करवा दिया ।जिसकी चर्चा क्षेत्र में चर्चा का कारण बन चुकी है ।सूत्रों  की अगर माने तो भ्रस्ट अधिकारी तो रिश्वत खोरी  के लिये पहले से ही चर्चा बटोर रहे है एम पूर्व के नगरसेवको ,नागरसेविकाये विकास कार्यो को लेकर आने वाले फण्ड में टक्के वारी के बाद भी शौचालय ,जिम, अवैध बांध काम ,दस्तक बस्ती ,के बाद अब मोबाइल टावरों घर मालिक है निशाने पर है संचालकों से लेकर हर जगह वसूली का फलका मारते चले चले आरहे है ।

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