कडोंमनपा के खिलाफ मुंबई उच्च न्यायालय मे असमर्थ नागरिक सेवा भावी संस्था पीटीशन दायर करेगी : ऐलान बर्मावाला

रिपोर्ट : प्रमोद कुमार

कल्याण :  कल्याण डोंबिवली महानगर पालिका शहर विकास के नाम पर सिर्फ और सिर्फ गरीबों की बस्तियों को ध्वस्त करके गरीबों को बेघर करने का काम कर रही है. लेकिन विकास काम के लिए जिनके घर ध्वस्त किए उनके पुनर्वसन नही करती है. शहर मे ऐसे सैकड़ों विस्थापित गरीब हैं जिनका कडोंमनपा ने बरसों बाद भी अब तक पुनर्वसन नही किया है. विस्थापितों के पुनर्वसन के बारे मे मनपा की विश्वसनीयता नही है. अब कडोंमनपा कथित शहर विकास के बनने वाली 'दुर्गाडी किला से टिटवाला रिंगरूट सड़क निर्माण मे ९११परिवार उजाड़े जाने हैं. इससे टिटवाला क्षेत्र के प्रभावित नागरिकों मे डर फैला हुआ है। मनपा प्रशासन प्रभावित झोपडपट्टी वासियों को दिखाऊ आश्वासन देता है कि उनका पुनर्वसन करेगी । बाद मे पुनर्वसन करते समय मनपा प्रशासन विस्थापितों को उनके दस्तावेजों को पात्र यज्ञ अपात्र अमान्य जैसे  सवाल से फंसा कर हक्क से मिलनेवाले घर से बेदखल कर देते हैं. मनपा ने इसके पहले कल्याण के गोविंद वाडी बायपास मार्ग मे विस्थापित, गरीबों के लिए केन्द्र सरकार का घरकुल (बीएसयूपी) प्रकल्प  के लाभार्थियों  के साथ ऐसा ही कपट का ब्यवहार किंया. आज दस दस बरस हो गया, घरकुल बनकर पड़े हैं. लेकिन विस्थापितों का पुनर्वसन अब तक नही किंया. शहर मे कोई भी बहाना से गरीबों के उजाड़े जाते हैं, पिछले दिनों कचोरे गांव मे तीन सौ से ज्यादा गरीबों के घर ध्वस्त कर दिए । अब पुन:कडोंमनपा ने रिंग रूट सड़क निर्माण के लिए टिटवाला के नागरिकों को २१२ का नोटीस दे दिया है. लेकिन मनपा ने पुनर्वसन का कोई वादा नही किया है । और वार्ड अधिकारी खुलें अल्फाज में आपको ३१/१/२१ को निष्कासित कर दिया जाएगा कह रहे हैं। जबकि संविधान की धारा २५ के अनुसार रोटी, कपड़ा और मकान जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी स्थानिक स्वराज्य संस्था की होती है। इससे ऐसा प्रतीत होता है कि मनपा का उद्देश्य गरीबों झोपडपट्टी वासियों को विस्थापित करके धनी बिल्डरों  को मदद करना ऐसा उद्देश्य है । उदाहरण स्वरुप कल्याण पुर्व स्थित पुना लिंक रोड पर कार्रवाई के दौरान सभी गरीबों के घर ध्वस्त कर दिए गए जबकि उसी से सटी हुई इमारतों का निष्कासन रोक दिया गया है। कडोंमनपा द्वारा रिंग रूट में बाधित होने वाले ९११परिवारों का पहले पुनर्वसन फिर निष्कासन की निति पर अमल करना चाहिए। अन्यथा मनपा के खिलाफ आंदोलन किया जायेगा. कडोंमनपा के खिलाफ मुंबई उच्च न्यायालय मे असमर्थ नागरिक सेवा भावी संस्था  पीटीशन दायर करेगी ।

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