हमारे देश के बच्चों को नाशे के जहर की लत पड़ गई, तो फिर कैसे कोई बच्चा जवान होगा ?

देश के भविष्य कहे जाने वाले नौजवानों के पीठ पर नशे का छुरा मत भोंकिये !

मुंबई : इन दिनों पूरे देश भर में अन्य राष्ट्री ज्वलंत मुद्दों के साथ सिर्फ एक ही बात चर्चा बटोर रही है तो वो है नशे का जहर। जिसे सेवनकर देश का नौजवान कभी जवान नही होगा। देश का भविष्य कहे जाने वाले नव युवक जवान होने से पहले मौत के मुह में समा जायेंगे। ऐसे तेजस्वी उदगारो से देश के हुक्मरानों सहित नशे का जहर समाज में बेचने वाले ड्रग्स पेड़लरो को कड़ी चेतावनी देते हुए कही मुंब मानखुर्द के समा सेवक अभिषेक तिवारी ने कहा। गौरतलब हो कि पूर्व में  एक सार्वजनिक कार्यक्रम में आये ईशान्य मुंबइ संसदीय क्षेत्र के संसाद मनोज कोटक ने कहा था कि मुंबई के बॉलीवुड की गालियों से लगाकर झुग्गियों झोपड़पट्टियों तक फैल चुका है नशे का जहर पुलिस प्रशसन पूरी तरह से जिम्मेदार है, इसके लिये कड़ाई से नशे के सौदागरों से निपटना होगा तब जाकर हमारा सामज नाश मुक्त होगा। दूसरी और नशे की लत के जद में हर दस में से 5 बच्चे हो रहे है नशे के जहर के आदी

उल्लेखनीय तौर पर जिसका मुख्य काऱण है कि छोटे 12, 15, 18 जैसे कम उम्र के बच्चो को बड़ी ही आसानी के साथ इलाकों में उपलब्ध हो रहा है। आश्चर्य की बात है कि लोकल पुलिस को जो करवाई करनी चाहिये वो क्राइम ब्रांच के अधिकारियों को करनी पड़ रही है। जिसके कारण स्थानीय पुलिस थाने के अधिकारियो की मिली भगत से समझ में नशेडी नवयुवकों की जनसंख्या में दिन रात बढ़ोतरी दर्ज हो रही है। परिणाम स्वरूप नशे का जहर बेचने वालों का धंधा फल फूल रहा रहा है।

स्थानीय रामसेवक नामक निवासी के अनुसार जिसके कारण बच्चों के माता पिता के माथे पर बल पड़ चुके है, उन्हें समझ नही आ रहा है कि कैसे नशे के सौदागरों से निपटा जाये। बटन, कोको, कोरेक्स, सुल्ली ऐसे अनगिनत नशे का जहर बड़ी ही सानी के साथ खुले में बिक रहा इसका जिम्मेदार कौन है मेडिकल वाले, ड्रग्स पैडलर। इन पर कब करेगी पुलिस करवाई। कब आयेंगे दवा की दुकानों के मेडिकल पुलिस के राडार में। वहीँ स्थानीय लोकल पुलिस स्टेशनों के पुलिस की साख पर बन आईं है। अपनी इज्जत बचाने के लिये दिखावे के तौर पर करवाई करते हैकम समय मे अधिक पैसा कामने की लालच में महिलाओं समेत नशे का जहर बेचने वाले ड्रग्स पेड़लरो को अंधा बनाकर रख दिया है। कामांध होकर नशे का ज़हर पैसा कामने की चक्कर मे बेचकर देश के भविष्य को खोखला बनाकर देश को कमजोर किया जा रहा है। कहा जाता है कि देश की जिम्मेदारी संभालने के लिये नवजवानों के मजबूत कंधे नही होंगे तो भला देश कैसे महाशक्ति संपन्न देशों की कतार में खड़ा हो पायेगा।

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