जनसंख्या के भार को ढोह रहा है, घाटकोपर का राजावाड़ी फेरिफेरल अस्पताल

आधुनिक तकनीक मशीनों की सुविधा से कोसों दूर, हजारों गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीज आधुनिक  चिकित्सिक सुविधाओं से वंचित

कोरोनकाल में ऑपेरशन करवाने आये मरीजों को अन्य अस्पतालो में किया जा रहा है रेफेर

किडनी स्टोन के लिये लेज़र मशीन, एम.आर.आई .की सुविधा उपलब्ध नही है

रिपोर्ट : यशपाल शर्मा 

मुंबई : बीएमसी स्वस्थ को लेकर कितना गंभीर है इसका जीत-जागता उदाहरण वर्तमान समय मे मुंबई के घाटकोपर स्थित राजावाड़ी फेरिफाल अस्पताल को देखा जा सकता है। आधुनिक कैटेगोरी के बाद भी मुंबई के विभिन्न बड़े सरकारी अस्पतालों की बड़ी बीमारियों को लेकर आधुनिक मशीनों की सुविधाओं के मुकाबले आज़ादी के 70 वर्ष बीत जाने के बाद आधुनिक मशीनों का मौजूदा समय में अभाव देखा जा रहा है। 

कोरोना लॉक डाउन में ऑपरेशन वगैरा बंद किया जाने का मामला एक पीड़ित महिला मरीज के परिवारजनों के चलते उजागर हुआ है, मरीज को ऑपरेशन के लिए सीधा सायन अस्पताल रेफेर किया गया, ऐसा कहना है  ऑपरेशन करवाने आई एक पीड़ित मरीज सुलोचना ढंगे नामक महिला मरीज का जो तकरीबन 4 घंटे से चिकित्सा सुविधा ऑपेरशन करवाने हेतु एडमिट होने आई थी। वहीं महिला मरीज के भाई शैलेश का ऐसा कहना है कि कोरोना लॉक डाउन में एक कोरोना मरीज की सुबह से लेकर रात 12 बजे एडमिट नही करने के कारण मौत हो गई थी। जिससे मनपा प्रशासन ने सिख नही लिया।

आखिर क्यों नही कई वर्ष बीत जाने के बाद भी आधुनिक मशीनों से लैस किया गया? ताकि बड़े-बड़े अस्पतालों की तर्ज परघाटकोपर का राजवाड़ी फेरिफेरल अस्पताल विकसित हों सके। उल्लेखनीय तौर पर महिला मरीज के पति राजा ढंगे के अनुसार वो खुद एक मनपा अस्पताल कर्मी है कैसुलटी विभाग में कार्यरत है, पर आज अपनी पत्नी को  राजवाड़ी अस्पताल ने ऑपेरशन हेतु सायन रेफेर कर दिया है। राजा ढंगे के अनुसार मनपा आयुक्त इक़बाल सिंह चहल, महापौर किशोरी पेडणेकर कब घाटकोपर के राजावाड़ी अस्पताल को आधुनिक बड़ी बीमारियों में लगने वाली बड़े अस्पतालों के तर्ज में के.एम.नायर.सायन जैसे अस्पतालों की तरह हाई टेक बनेगा।

कौन है इसके जिम्मेदार : स्थानीय जनता की अगर माने अस्पताल प्रशासन समेत मनपा प्रशासन, क्षेत्रीय मनपा नगरसेवक, नागरसेविका, विधायक पराग किशोर शाह व ईशान्य मुंबई के भाजपा सांसद है जिम्मेदार जो विकसित अस्पतालों के तर्ज पर कई वर्ष बीत जाने के बाद भी नही विकसित कर पाये राजवाड़ी अस्पताल को कोरोना महामारी गुजर जाने के बाद भी, आखिर कब सबक लेंगे। कहा जाता है कि ईशान्य मुंबइ के विभिन्न रहवासिय क्षेत्र के लंबी दूरी से आने वाले मरीज़ो गंभीर जानलेवा बीमारियों से ग्रस्त होकर आने वाले मरीज अधिक होते है।

कौन-कौनसी बीमारियों के लिये मशीन उपलब्ध नही : उल्लेखनीय तौर पर किडनी स्टोन मरीजों के लिये लेज़र किडनी स्टोन तोड़ने वाली मशीनों, एम.आर.आई मशीनों कि सुविधा की सुविधा से कोसों दूर है, लंबे दूर दराज से इलाज करवाने आने वाली ईशान्य मुंबइ निर्वाचन क्षेत्र की जनता वंचित रह गई।

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