किसानों का विरोध : क्या भाजपा सरकार किसानों पर तारीख पर तारीख का सिलसिला चलाती रहेगी!

- रिपोर्ट आर.के.तिवारी

नई दिल्ली : कृषि कानूनों के खिलाफ कई राज्यों के किसान आंदोलन कर रहे हैं। दिल्ली बॉर्डर पर यह प्रदर्शन 11 दिनों से चल रहा है। शनिवार को किसान संगठनों और केंद्र सरकार के बीच पांचवें दौर की बातचीत हुई लेकिन कोई भी निर्णय नहीं निकाल पाये है। अब अगली मीटिंग 9 दिसंबर को होने को है। इससे पहले किसानों ने आठ दिसंबर को भारत बंद का ऐलान किया था।

वहीं किसानों की मांग पर सरकार लगातार उनसे बातचीत कर रही है और आंदोलन खत्म करने के लिए अपील भी कर रही है। सरकार बीच का रास्ता निकालने की कोशिश मे जुटी है, लेकिन किसान नेता तीनों कृषि कानूनों की वापसी से कम मानने के लिए तैयार नहीं हैं। 

एमएसपी रहेगी जारी : कृषि मंत्री

कृषि मंत्री ने किसानों से मीटिंग में कहा है कि एमएसपी जारी रहेगी इसपर किसी भी प्रकार की शंका करना गलत है। लेकिन फिर भी अगर किसी प्रकार की कोई बात मन में है तो केंद्र सरकार उसका समाधान करने के लिए तैयार है।

कृषि मंत्री ने बताया कि उन्होंने किसान संगठनों से भी सुझाव मांगे, लेकिन बातचीत के दौर में यह संभव न हो सका। अब 9 तारीख को फिर से मीटिंग रखी गई है। किसानों ने किसी भी तरह का समझौता करने से इंकार कर दिया गया है।

किसानों द्वारा 8 तारीख को भारत बंद

किसान संगठनों ने केंद्र सरकार के रवैये को देखते हुए 8 तारिख को भारत बंद का ऐलान किया है। इसपर कृषि मंत्री ने कहा, "मैं इसपर किसी प्रकार की कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता हूं, भारत सरकार कई दौर की चर्चा कर चुकी है आए आगे भी करने के लिए तैयार है। आज बातचीत पूरी नहीं हो पाई इसलिए 9 तारीख को फिर से मीटिंग बुलवाई गई है।

शनिवार को हुई थी 4 घंटे की बैठक

शनिवार को हुई 4 घंटे की बैठक में किसानों ने अपनी नाराजगी मौन विरोध करके दिखाई। उन्होंने मीटिंग में केवल केंद्र सरकार से पूछा कि क्या वह कृषि कानून रद्द करेंगे? हां या न? शनिवार की मीटिंग इस सप्ताह की तीसरी मीटिंग थी। यह गृह मंत्री अमित शाह सहित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वरिष्ठ कैबिनेट मंत्रियों के बीच हुई उच्च-स्तरीय बैठक के बाद हुई थी।

सरकार की ओर से आंदोलन खत्म करने की अपील

सरकार द्वारा किसानों से लगातार प्रदर्शन खत्म करने की अपील की जा रही है। लेकिन किसानों के कहना है कि वह पूरे 1 साल की तैयारी के साथ आए हैं। किसान नेता राकेश टिकैत ने शनिवार को कहा कि किसान थकने वाले नहीं हैं। वह सरकार से हां या न में जवाब चाहते हैं। सरकार तय करे कि वह क्या करना चाहती है।

शनिवार को दिल्ली के विज्ञान भवन में 40 किसान सगंठनों के प्रतिनिधियों के साथ केंद्र की तरफ से कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, रेल , वाणिज्य और खाद्य मंत्री पीयूष गोयल अहरु वाणिज्य राज्य मंत्री सोम प्रकाश ने बातचीत की थी।

केन्द्र सरकार मंडी और एमएसपी व्यवस्था पर दे रही है जोर

सितंबर में लागू तीनों कृषि कानूनों को सरकार ने बड़ा सुधार करार दिया है। हालांकि किसानों द्वारा लगातार इसका विरोध किया जा रहा है। केंद्र सरकार अभी भी अपनी बात पर अड़ी हुई है वह इस बात पर बार-बार जोर दे रही है कि मंडी और एमएसपी की व्यवस्था जारी रहेगी और इसमें कुछ सुधार किया जाएगा। 

अभी तक हुई 3 मौतें

अभी तक हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान तीन किसान मौतें दर्ज की गई हैं। किसानों ने केंद्र से कहा है कि यह अमानवीय है। विरोध प्रदर्शन के दौरान मारे गए 2 किसानों के लिए गुरुवार को पंजाब सरकार ने उनके परिवारों को 5 लाख रुपये की वित्तीय सहायता देने की घोषणा की है।

क्या किसान और आम आदमी भाजपा के राज्य में ऐसे परेशान रहेगे

किसान और आम आदमी का कहना है कि जब से भाजपा आई है तब से बहोत से बदलाव किये गये लेकिन आम आदमी के लिए इन्होंने कुछ भी नहीं किया है। भाजपा आने से पहले से पूरे भारत में बदलाव किया गया है जिसमें आम आदमी मर रही है जिस पर भाजपा सरकार ने कोई भी ध्यान नहीं ​दे रही है।

ऐसे किसने नोटिस और कंपलेन है जो सरकार के पास मौजूद है लेकिन सरकार इस पर कोई ध्यान नहीं देती है सिर्फ दिखावे को तंज कस रही है। क्या कुछ करेगी या पास साल के अंदर में आदम आदमी मरने के लिए छोड़ जायेगे।

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