स्वास्थ्य विभाग ने जिले में चलाया प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान 1280 गर्भवती महिलाओं की हुई जांच

रिपोर्ट : टी.सी.विश्वकर्मा

मीरजापुर, (उ.प्र.) : कोविड-19 के दौर में सोमवार को स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान की शुरूआत जिला महिला चिकित्सालय स्थित मातृ शिशु स्वास्थ्य विंग में मुख्य चिकित्साधिकारी डाक्टर पी0डी0 गुप्ता ने फीता काटकर शुभारम्भ किया।

मुख्य चिकित्साधिकारी डाक्टर पी0डी0 गुप्ता ने इस अवसर पर बताया कि यह गर्भवती महिलाओं के लिए योजना चलायी जा रही है।जो प्रत्येक माह के 9 तारीख को जिले के 9 सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, 44 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर चलाया जा रहा है।अभियान के दौरान जिले में 1280 महिलाओं के प्रसव पूर्ण की सारी जांच व टीके लगवाने का कार्य किया। 

जिला कार्यक्रम प्रबन्धक अजय सिंह ने बताया कि जिले की जो महिलायें कोरोना के डर के कारण जिला महिला चिकित्सालय आने से डर रही है। वे अपने घर के नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्रों पर जाकर इस अवसर का पूर्ण लाभ ले सकती है। गर्भवती महिलाओं के प्रसव पूर्ण की जांच व टीका हर केन्द्रों पर निशुल्क उपलब्ध है। प्रसव के समय होने वाले खतरों से मां एवं शिशु की देखभाल के लिए जांच अति महत्वपूर्ण है। गर्भवती माँ को ख़ास होने का एहसास दिलाते हुए प्रत्येक नौ तारीख़ को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के अंतर्गत प्रदान की जाने वाली स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ प्रदान करने के लिए उन्हें निकटतम स्वास्थ्य केंद्र में लायें और निःशुल्क जाँचों और सेवाओं का अवसर ना गँवायें। साथ ही जिले के 2043 आशाओं को ज़िम्मेदारी दी गयी है कि वह अपने क्षेत्र की सभी गर्भवती महिलाओं को इस दिवस पर केंद्र पर लाकर जांच जरूर करवाएँ। उन्होने कहा कि गर्भवती आपदा से न घबराएँ और केन्द्रों पर टीकाकरण और जांच के लिए जरूर आयें।

प्रधानमंत्री मातृत्व योजना एक नजर में

जिला कार्यक्रम प्रबन्धक अजय सिंह ने बताया कि इस योजना में अब तक कुल 35010 हजार प्रार्थना आये जिसमें से 26943 महिलाओं को लाभ मिल चुका है। इस पर अब तक कुल 13 करोड़ 47 लाख 15 हजार रूपये खर्च किये जा चुके है। इसके अलावा 1 अप्रैल 2020 से 8 नवम्बर2020 तक 10440 प्रार्थना आये जिसमें 1894 महिलाओं को लाभ दिया जा रहा है।जिस पर 94 लाख 70 हजार रूपये खर्च किये जा रहे है। इस योजना के अन्तर्गत गर्भवती महिलाओं एवं धात्री माताओंको तीन चरणों में 5000 रूपये की धनराशि मानदेेय के रूप में दी जाती है।स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा 26943 पात्र गर्भवती महिलाओं एवं धात्री माताओं को चिन्हित करने का काम किया जा चुका है।

तिलई ग्राम निवासिनी आभा पति अतुल ने बताया कि सादी के बाद मेरा पति गांव में एक छोटी सी दुकान रखकर परिवार का पालन पोषण करता है। विवाह के डेढ़ वर्ष बाद जब मैं गर्भवती हुई तो ईलाज के लिए पर्याप्त पैसा न होने से उपचार कराने में असमर्थ महसूस कर रही थी तभी गांव में तैनात आशा गुड़िया ने कहा कि गर्भवती महिलाओं के लिए हर माह के 9 तारीख को एक अभियान जिले के हर केन्द्रों पर चलाया जाता है जिसमें दवा से लेकर टीका तक बिल्कुल निःशुल्क लगाया जाता है और आर्थिक मदद के पांच हजर रूपये भी दिए जाते है। उसकी बात मानकर मैनें अपनी नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र विन्ध्याचल में जाकर अपना उपचार व जांच शुरू किया। उसके बाद मेरे बच्चें का जन्म 13 अक्टूबर का सकुशल विन्ध्याचल केन्द्र पर हुआ और आज मैं और मेरा बच्चा पूर्णत स्वस्थ्य है। यह योजना महिलाओं के लिए किसी बूंटी से कम नहीं है।

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