डॉ. रामबहादुर मिश्र को लोकभाषा भगीरथ सम्मान


लखनऊ, (उ.प्र.) : अवध भारती संस्थान हैदरगढ़ के संस्थापक, अध्यक्ष डॉ० रामबहादुर मिश्र को वाल्मीकी जयंती के अवसर पर उप्र प्रेस क्लब, हजरतगंज, लखनऊ में "लोकभाषा भगीरथ सम्मान" से सम्मानित किया गया। लोक संस्कृति शोध संस्थान द्वारा मीराबाई की जयंती के अवसर पर उ प्र हिन्दी संस्थान के पूर्व निदेशक डॉ. सुधाकर अदीब (आई ए. एस ) तथा पूर्व उप निदेशक डॉ० विद्या बिन्दु सिंह ने यह सम्मान डॉ रामबहादुर को प्रदान किया। समारोह के मुख्य अतिथि थे, लखनऊ वि. वि. के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. सूर्यप्रसाद दीक्षित ।


ज्ञातव्य है कि 1985 में लखनऊ वि वि से अवधी आषा साहित्य पर पी-एच-डी उपाधि अर्जित करने के बाद डॉ मिश्र ने हैदरगढ़ के नरौली गाँव में 'अवध भारती संस्थान" की स्थापना 1990 में की । इस संस्था हार) अबतक 109 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं, जिनमें सोलह पुस्तकें उ. प्र. हिन्दी संस्थान द्वारा पुरस्कृत हैं। संस्थान विगत 26 वर्षों से अवधी त्रैमासिकी अवध ज्योति का प्रकाशन कर रहा है। अवधी भाषा- साहित्य और संस्कृति के शोध अध्ययन, प्रचार-प्रसार के लिए अवध भारती की राष्ट्रीय ही नहीं अंतरराष्ट्रीय पहचान है। डॉ मिश्र ने अवधी के प्रचार-प्रसार के लिए नेपाल, भूटान, श्रीलंका, सिंगापुर, थाईलैंड, इंडोनेशिया, फिजी, मॉरीशस, वियतनाम, कम्बोडिया आदि देशें की यात्रा की हैं। डॉ मिश्र को शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए राष्ट्रपति पुरस्कार 2016 में प्रदान किया गया है। मिश्र जी इसी वर्ष मार्च 2020 में पूर्व माध्यमिक विद्यालय नरौली से सेवानिवृत्त हुए हैं।


डॉ. मिश्र को यह सम्मान लोकभाषा अवधी के संरक्षण और संधान के लिए प्रदान किया गया है। डॉ मिश्र को इस महत्त्वपूर्ण उपलब्धि के लिए जनपद के साहित्यकारों और कलम कारों ने बधाई दी है।


Comments