सोमैया विद्याविहार ने एक अंतर्राष्‍ट्रीय सम्‍मेलन ‘डार्विन’ के दूसरे संस्करण की घोषणा की


मुंबई : एक अंतर्राष्‍ट्रीय सम्‍मेलन और जीवविज्ञान में भारत का सबसे बड़ा इवॉल्यूशनरी मूवमेंट, डार्विन अपने दूसरे संस्करण के साथ लौट आया है। यह अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन सोमैया विद्याविहार की पहल है, जिसे सोमैया ट्रस्ट के अंतर्गत आने वाले एक गैर-लाभकारी संस्‍थान रिसर्च इनावेशन इनक्युबेशन डिजाइन लैबोरेटरी (रिडल) के विस्तार बायोरिडल द्वारा आयोजित किया जाता है। वर्चुअल सम्मेलन का आयोजन 2 दिसंबर 2020 से 5 दिसंबर 2020 तक होगा। जीवविज्ञान में लगाव रखने वाले सभी लोग इस क्रांतिकारी सम्मलेन में भाग लेने के लिये thedarwin.in पर रजिस्टर कर सकते हैं।


इस सम्मेलन में एक शोध संगोष्‍ठी होगी, जो शोधकर्ताओं के लिये अपने रिसर्च पेपर्स प्रदर्शित करने का एक मंच है; वर्चुअल वर्कशॉप्स भी होंगी, ताकि जीवविज्ञान के डू-इट-योरसेल्फ अनुभव और बायोटेक्नोलॉजी के क्षेत्र में विभिन्न उन्नतियों और टेक्नोलॉजीस की गहन जानकारी प्रदान की जा सके; पैनल चर्चाएं होंगी, जिनमें टॉक सेशंस और विभिन्न संस्थानों तथा लैब्स के वर्चुअल टूर्स होंगे, ताकि भाग लेने वाले लोग वैश्विक नवाचार की संस्कृति को समझ सकें।


इस सम्मेलन में हारवर्ड मेडिकल स्कूल में जेनेटिक्स के प्रोफेसर, वीस इंस्टिट्यूट के फाउंडिंग मेम्बर और PersonalGenomes.org के डायरेक्टर प्रोफेसर जॉर्ज चर्च मुख्य भाषण देंगे। अन्य वक्ताओं में उद्योग विशेषज्ञ शामिल हैं, जैसे गिंकगो बायोवर्क्‍स के को-फाउंडर और सीईओ डॉ. जैसन केली, एनालॉग्स एलएलसी के सीईओ डॉ. जैडन जे. ए. हास्टिंग्स, ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में कपलान सीनियर रिसर्च फेलो डॉ. एमी डिकमैन, हारवर्ड मेडिकल स्कूल के आर्टिस्ट साइंटिस्ट श्री जो डेविस, सिनलाइफ की को-फाउंडर और बिल्ड-अ-सेल सिंथेटिक सेल कम्युनिटी की को-ऑर्डिनेटर डॉ. केट अडामाला, जेओजीएल के को-फाउंडर और सीईओ डॉ. थॉमस लैण्डरैन और मैपमायजीनोम की सीईओ सुश्री अनु आचार्य।
इस चार दिन के सम्‍मेलन में आने वाले आगंतुकों की जानकारी बढ़ाने के लिये तीन पैनल चर्चाओं की व्यवस्था है।


वायरसों का विकास, महामारी को बढ़ावा दे रहा है


पैनलिस्ट हैं : पेरू की पेरूवियन यूनिवर्सिटी कायटानो हीरीडिया में ‘‘अलेक्जेंडर वोन हम्बोल्डट’’ के डायरेक्टर और डिपार्टमेन्ट ऑफ मेडिसिन के प्रिंसिपल प्रोफेसर एड्यूआर्डो गोटूज्ज़ो और जॉन्स हॉपकिंस सेंटर फॉर हेल्थ सिक्योरिटी में सीनियर स्‍कॉलर डॉ. गिगी क्विक ग्रोनवाल और मॉडरेटर होंगे मोनाश-वारविक अलायंस में पीएच.डी. स्‍कॉलर श्री रॉबर्ट रेमिरेज़ गार्सिया।


ओपन साइंस को बढ़ावा देने में कम्युनिटी बायोलैब्स की भूमिका


पैनलिस्ट हैं : एमआईटी मीडिया लैब में कम्युनिटी बायोटेक्नोलॉजी इनिशियेटिव के डायरेक्टर डॉ. डेविड सुन कॉन्ग, मेकामाइंड के सीईओ श्री सलमान प्रोमोन खान, सिनबायो अफ्रीका के फाउंडर और सीईओ श्री ओटिम जियोफरे और फैब लैब लिमा के को-डायरेक्टर श्री बेनो जुआरेज़ और मॉडरेटर होंगी एआरसी-बीएसी की को- फाउंडर सुश्री कैरोलिन एंगलटन।


बायोमटेरियल्स का स्थायित्व और औचित्य


पैनलिस्ट हैं : बायोमटेरियलिटी में आर्टिस्ट, डिजाइनर, रिसर्चर और मेकर सुश्री लारा कम्पोस, एमवायसी.एनवायसी में माइकोलॉजिस्ट श्री क्रैग ट्रेस्टर, सियोन में फॉरेस्ट्स टू बायोबेस्ड प्रोडक्ट्स के जनरल मैनेजर डॉ. फ्लोरियन ग्रैचेन और मॉडरेटर होंगे मेकामाइंड के सीईओ श्री सलमान प्रोमोन खान। रिडिल में इनोवेशन कैटलिस्ट और बायोरिडल की हेड सुश्री भावना पांड्या ने कहा, ‘‘पिछले साल डार्विन के पहले संस्करण को मिली सफलता के बाद हम जीवविज्ञान प्रेमियों के लिये डार्विन 2020 लाकर खुश और उत्‍साहित हैं। डार्विन जीवविज्ञान के क्षेत्र में अपने प्रकार का पहला आयोजन है, जो नवाचार को प्रोत्साहित करता है और दुनियभर के जी‍वविज्ञान उत्‍साहियों को जुड़ने के लिये एक मंच देता है।’’


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