रात में भीषण-आग लगने से वायु प्रदूषण में बढ़ोत्तरी से लोगों का सांस लेना हुआ दुर्भर


रिपोर्ट : अनीता गुलेरिया


दिल्ली : राजधानी में बढ़ते प्रदूषण का स्तर इस समय इतना जानलेवा स्थिति में है, ऐसे मे हर इंसान का बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। दिल्ली में स्माग-स्तर बढने का मुख्य कारण जल प्रदूषण व कूड़े के ढेर का जलना, वायु-प्रदूषण में हुई अधिकतर बढ़ोतरी का विशेषकर मुख्य कारण पराली का जलना है जिसके कारण दिल्ली वासियों का सांस लेना अति-दूर्भर हो गया है। ऐसे में इस दम-घोटू प्रदूषण का स्तर पहले से जानलेवा स्थिति में है, दिल्ली सरकार वायु-प्रदुषण की रोकथाम के लिए हर रोज नई चेतावनी ओर रोज नए नियमो को लागू करती है। भारी जुर्माना तक लगने का प्रावधान होने के बावजूद लोग मानने को तैयार नही है । बीती रात दिल्ली के रिठाला मेट्रो-स्टेशन के सामने किसी अज्ञात युवक ने खाली पड़े मैदान में आग लगा दी, थोडी ही देर मे आग ने भीषण रूप अख्तियार करते हुए कई पेड़ पौधों को अपनी लपेट में ले लिया भीषण आग की भेट चढे इन पेड़ पौधों और आसपास के कूड़े के जलने से हवा में फैले जहरीले धुएं के विषाणुओ से आसपास के स्थानीय-लोगों को सांस लेने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा पड़ रहा है । हैरानी की बात यह है,वंहा से गुजर रहे लोगो और पुलिस बीट-कर्मियों ने दमकल विभाग को सूचना देना तक जरूरी नहीं समझा,काफी देर बाद एक राहगीर ने दमकल विभाग को आगजनी-घटना की सूचना दी जिसके बाद दमकल की गाडियो ने घटनास्थल पर पहुचकर इस भयंकर आग पर काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।



आपको बता दें, दिल्ली सरकार के मंत्री गोपाल राय द्वारा कई दिन पहले कंस्ट्रक्शन काम के चलते बढ़ रहे प्रदूषण स्तर को देखते हुए कंस्ट्रक्शन काम पर रोक लगाते हुए पचास हजार तक जुर्माना लगाने के नियम को लागू किया है लेकिन इस सब के बावजूद दिल्ली में अवैध-इमारत निर्माण का काम धड़ल्ले से जारी है । जो बढ़ते हुए प्रदूषण का मुख्य सबब बना हुआ है । दिल्ली सरकार से हमारा एक ही सवाल है क्या यह नियम मात्र दिखावा भर हैं, जो लागू किए गए इन नियमों को कभी धरातल पर भी उतारा जाएगा।


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