मानखुर्द मंडाला की मज़दूर जनता महापौर किशोरी पेडनेकर से मिलने को बेताब, नही आने से छाई मायूसी


महापौर के हाथों जलवाहिनी के उद्दघाटन कार्यक्रम


रिपोर्ट : यशपाल शर्मा


मुंबई : कोरोना महामारी पेडनेमिक लॉक डाउन के 6 महीनों से अपने घरों में बंद जनता भुखमरी के कगार पर पहुंच चुकी है।परंतु जिस प्रकार मुंबई की महापौर किशोरी पेडनेकर ने अपनी बहादुरी के कारनामे से न सिर्फ विश्वभर में मनपा का गौरव बढ़ाया बल्कि मुंबईकरो के लिये काय पण नारा देकर करोड़ो मुंबईकरो कि जान बचाई। जिससे अछुते धारावी के बाद दूसरी सबसे बड़े स्लम गोवंडी मानखुर्द की गरीब मज़दूर जनता विशेषकर महिलाएं मिलने के लिये महापौर किशोरी पेडनेकर की मुरीद हो गई।


कहा जाता है की मुंबई के सरकारी अस्पतालों कोविड -19 पेनेडमिक काल मे मुंबई के सरकारी अस्पतालों कब्र गाह के तौर पर तब्दील हो चुके थे। मुंबईकरो के दिलों से अस्पतालों की व्यवस्था चुस्त दुरुस्त करवाकर हाई टेक करवाकर जनता के दिलो में सरकारी अस्पतालों को लेकर व्याप्त खौफ के डर को बाहर निकाला। कहा जाता है कि महापौर किशोरी पेडनेकर एक बार नहीं दो बार कोरोना संक्रमित हुई। बंगले में अपने आपको सुरक्षित रखने की बाजये खुद सरकारी अस्पतालों की खास्ता हाल चरमराई स्वस्थ सुविधाओं का जायजा लेने खुद एक बार नही बल्की चार बार उस अस्पताल का दौरा किया बगैर अपनी जिंदगी की परवाह किये बगैर। अपनी जिंदगी खतरे में डालकर दो करोड़ मुंबइकरो की जिंदगी सुरक्षित रखने को लेकर कसी कमर से पीछे नही हटी बल्कि आखिरी समय तक संघर्ष करती रही और कोरोना महामारी पर विजय पाने के हौसले को अपनी मनपा कर्मियों की टीम का उत्साह बढ़ाकर कामयाबी हासिल किया।


सूत्रों के अनुसार कोरोना महामारी पर ऐतिहासिक विजय के पीछे किशोरी पेडनेकर का पूर्व में नर्स के तौर पर सेवा देने का अनुभव काम आया। डरने की बाजये निडर होकर अस्पतालों के दौरा करती थी। जिससे महापौर किशोरी पेडनेकर व मनपा आयुक्त इक़बाल सिंह चहल के मार्ग दर्शन में मुंबई कोरोना मुक्त हो गई। ऐसी रणरागिनी के दर्शन करने के लिये एम पूर्व अंतर्गत आने वाली जनता आज सुबह से आपने अपने कार्यो की छुट्टी लेकर घरों में बैठेते महापौर किशोरी पेडनेकर से मिलने संपूर्ण घरों में विशेषकर पुरुषों के साथ महिलाये।


सोनी नामक स्थानीय रहवासिय महिला ने कहा कि आज हमलोग अपने कामो से छुट्टी लेकर घरों पर बैठे है मुंबई की महापौर से मिलने के लिये पर आज नही आने से हम लोगों को बहुत निराश हुई है। वहीं मंडाला इंदिरानगर 30 फिट रोड में रहने वाले अयूब खान के अनुसार पिछले एक सप्ताह से महापौर आने की खबर मंडाला में फैलने से हम लोगों में खुशी का माहौल व्याप्त हो चुका था। परंतु आज उनके न आने से बहुत तकलीफ हो रही है। अगर मैडम आती तो हमारी झोपड़पट्टियों में रहने वाली गरीब जनता की जनसमस्याओं पर ध्यान देती, जो स्थानीय शिवसेना नगरसेविका नही दे पाई। जिसके कारण गणेश मंदिर तक ही जलवाहिनी के साथ बिजली का केबल बिछाने का कार्य मनपा जल विभाग ने अधूरा छोड़वा दिया। जिससे नागरिक सुविधाओ से शिवसेना पार्टी 200 मीटर के रहिवासियो को नागरिक सुविधा से वंचित कर दिया है। रामलाल नामक रहवासिय के अनुसार क्षेत्र में शौचालय न होंने से खुले में शौचालय जाने की समस्या काफी वर्ष पुरानी हो गई। परंतु स्थानीय शिवसेना नगरसेविका समीक्षा सक्रे ने शौचालय बनाकर नही दिया है। ऐसी अनगिनत जनसमस्याओं को लेकर मुंबई की महापौर से जलवाहिनी के उद्दघाटन कार्यक्रम में मिलकरअपनी समस्या की लिखित पत्र सौंपते।


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