कभी तुमसे रूठ भी जाऊ ओ मेरे प्रिय…


हिन्दी दैनिक " मुंबई अमरदीप" के दिल्ली मीडिया टीम की तरफ से करवा चौथ पर्व पर देश की (नारी शक्ति) को ढेरों शुभकामनाएं।


करवा चौथ के अवसर पर सर्व सुहागिनों के नाम समर्पित संवाददाता अनीता गुलेरिया द्वारा कविता की चंद लाइने....


कभी तुमसे रूठ भी जाऊ ओ मेरे प्रिय, कभी तुमसे रूठ भी जाऊं ओ प्रिय.............
फिर भी हर रोज तुम्हारे,घर लौटने का इंतजार होता है ।


आंखों में तैरती खामोशियों के मंजर पर,आंखों में तैरती खामोशियों के मंजर पर.......
सुनो तो,शब्द बोलने का असर,हर बार होता है ।


गिले शिकवे अपनी जगह इस रिश्ते में,गिले शिकवे अपनी जगह इस रिश्ते में.............
हर बार की तरह मुस्कुराना,ही मनुहार होता है ।


संग ना महज आसां है इन राहों की डगर पर,संग ना महज आसां है इन राहों की डगर पर........
तेरे हर सुख-दुख पर,पहले मेरा ही अधिकार होता है ।


जिस भी पल मन की गिरह खुल जाए,जिस भी पल मन की गिरह खुल जाए.........   
हर नई शुरुआत और हर नया, त्यौहार होता है ।


व्रत पूजन यह सब है तुम्हारी ही खातिर,व्रत पूजन यह सब है तुम्हारी ही खातिर........
फिर चांद से सजदा मेरा हर बार, यूं ही ना होता है ।


सिर्फ सात फेरों में बंधा यह कैसा है रिशता,सिर्फ सात फेरों में बंधा यह कैसा है रिश्ता........ 
शिकायतें होने के बावजूद भी, प्यार उन्हें से होता है ।


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