DM के एक वर्ष पूर्ण होने पर कचहरी में गुलाबपुष्प की खुशबू दिखी


कोरोना की चाल सही नहीं-DM, अपराधी मूलतः अपराधी होता है


रिपोर्ट : सलिल पांडेय


मीरजापुर, (उ.प्र.) : जटिल से जटिल चुनौतियां घटने टेक देती हैं आत्मबल के आगे जब, तब कठिन से कठिन कार्य भी आसान हो जाते हैं।


यह भाव मूर्त होते जिले में विगत 365 दिन के बीच दिखायी पड़ा । युवा-उत्साह से युक्त DM सुशील कुमार पटेल ने गत वर्ष 2 नवम्बर को जिले की बागडोर जब सम्हाला था तो उन्हें विरासत में समाज को विभाजित करने वाला माहौल मिला था। कुछ ऐसे तीज-त्योहार सामने खड़े थे जिन त्योहारों पर पूर्व के वर्षों में शांति-व्यवस्था विलख पड़ी थी, मुख्यालय के अनेक मुहल्लों में ईंट-पत्थर चले थे, पुलिस-पीएसी ही नहीं बड़े आफिसर यहां तक कि जिले के बड़े ऑफिसरों में गुटबंदी के चलते तत्कालीन कमिश्नर मुरलीमनोहर लाल एवं IG पीयूष कुमार श्रीवास्तव तक को बॉडी प्रोटेक्टर जैकेट एवं दंगा नियंत्रण उपकरण पहनकर मुहल्ले मुहल्ले ड्यूटी देनी पड़ी थी। इस हालात के दूसरे वर्ष सही-सलामत त्योहार संपन्न कराने की जिम्मेदारी कार्यभार ग्रहण करने के 8वें दिन DM श्री पटेल पर आई तो लगभग 6 माह पहले ही जिले में आए SP डॉ धर्मवीर सिंह DM श्री पटेल के साथ सड़क-सड़क ही नहीं गली गली तक की खाक से परिचित होते रहे । हर आम और खास से मिलने लगे लिहाजा तीज-त्योहार खुशियों का हार पहनकर इठला उठा।


चुनौतियों का एक वर्ष : दिखा हर त्योहार पर हर्ष


वर्ष '19 में बारावफात पर उन्नीस व्यवस्था के दाग को जनता-प्रशासन के सहयोग के सर्फ-साबुन से धो कर चमकाने के बाद आया CAA का मामला। राष्ट्रीय स्तर के इस मुद्दे के लिए मंडलीय और जिला स्तरीय अधिकारी गांव-गांव घूमते नज़र आए। DM श्री पटेल और तत्कालीन SP डॉ सिंह की जोड़ी फेमस हो गई नगर-परिक्रमा की दृष्टि से तो IG श्री श्रीवास्तव कभी कमिश्नर के साथ तो कभी अकेले अपनी टीम के साथ भ्रमण करते दिखते रहे।


फूलों का राजा दिया गया प्रशासनिक मुखिया को


गांव-गरीब नेटवर्क की ओर से जिले की कमान सजगता से सम्हालने के लिए गुलाब का फूल भेंट किया सलिल पांडेय ने इस दृष्टि से कि जटिलताओं की राह में कांटेदार गुलाब की खुशबू मिलती है। खुशबू कोई एक नहीं बल्कि आसपास का पूरा परिवेश पाता है। DM को शांति के देवता गौतम बुद्ध के दर्शन पर केंद्रीय विश्वविद्यालय द्वारा प्रकाशित ज्ञानायिनी पत्रिका का बुद्ध-विशेषांक भी भेंट किया गया जिसे हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ शिशिर पांडेय ने संपादित किया है।


कोरोना को हल्का नहीं समझना है


सोमवार, 2 नवंबर को अपने चेम्बर में DM श्री पटेल लोगों को कोरोना के संभावित खतरों से सजग करते रहे। श्री पटेल का कहना है कि कोरोना वैश्विक महारोग है । अतः इसकी चाल भी वैश्विक स्तर से आंकी जा रही है। विश्व के कई देशों में ठंडी जल्दी पड़ती है लिहाजा वहां तृतीय फेज का कोरोना फिर सिर उठा रहा है। इन आकलनों के अनुसार जैसे जैसे ठंडक का असर बढ़ेगा, सतर्कता जरूरी है। उन्होंने कहा कि कोरोना की चाल पर नजर और उसका आकलन जिला प्रशासन निरन्तर कर रहा है। एडवांस में प्लानिंग बनाई जा रही है कि यदि कोरोना का कहर बढ़े तो उसे बेरहमी से दबोचा जा सके।


रेडियोलॉजिस्ट की कमी


कोरोना के इलाज में प्राइवेट डॉक्टरों को टेस्टिंग की छूट के बावत DM श्री पटेल ने कहा कि मशीन लगाना कोई कठिन काम नहीं, सर्वाधिक दिक्कत योग्य चिकित्सक (रेडियोलॉजिस्ट) की है। प्रशासन ने बहुत ढूंढवाया लेकिन रेडियालाजिस्ट मिले नहीं।


रामबाग में उवद्रव


रविवार, 1/11 को नगर के रामबाग मुहल्ले में मारपीट की अवांछित घटना और उसके चलते शांति-व्यवस्था के तानेबाने को छिन्न-भिन्न की गई कोशिशों को लेकर DM से मिलने गए लोगों ने कहा कि कहीं उपद्रव हो और उसमें न्यायपूर्ण कदम नहीं उठाया जाएगा तो यह उपद्रवियों को बढ़ावा देना हुआ जो भविष्य में और बड़े उपद्रव का बीजारोपण के समान है। इस मामले में DM का गंभीरतापूर्ण रुख बयान कर गया कि उपद्रवी कोई हो वह मूलतः अपराधी ही है।


 


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