डेंगू की रोकथाम एवं नियन्त्रण के उद्देश्य से अपर जिलाधिकारी एवं जिला पंचायत राज अधिकारी को नामित किया नोडल अधिकारी


सम्बन्धित स्थलों पर डेंगू घनात्मक पाये जाने पर सम्बन्धित के विरूद्ध लापरवाही के कारण एफ0आई0आर0 की कार्यवाही की जायेगी


रिपोर्ट : तनवीर खान


उन्नाव, (उ0प्र0) : जिलाधिकारी रवीन्द्र कुमार की अध्यक्षता में विकास भवन सभागार में डेंगू की रोकथाम, बचाव एवं नियन्त्रण के सम्बन्ध में सम्बन्धित विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक का आयोजन किया गया।


जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद में डेंगू की स्थिति की गम्भीरता के दृष्टिगत इसकी रोकथाम एवं नियन्त्रण के उद्देश्य से अपर जिलाधिकारी (वि0/रा0) को नगरीय एवं जिला पंचायत राज अधिकारी को विशेष रूप से नोडल अधिकारी नामित किया गया है। सम्बन्धित विभागों के साथ बैठक कर नियमानुसार कार्यवाही सुनिश्चित करने हेतु ओवर हेड टैंक की नियमित सफाई करवायें, टंकियों के ढक्कन एयर टाईट बनाये जायें, गढ्ढो को तुरन्त बन्द करवा दिया जाये ताकि जल भराव न होने पायें। उन्होंने बताया कि सम्बन्धित विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये गये है कि रोकथाम एवं नियन्त्रण के उपाय एवं जो सम्बन्धित कार्य सौपे गये है वे तीन दिन के अन्दर पूर्ण कर अनुपालन आख्या प्रेषित की जायें। जिनकी अनुपालन आख्या असन्तोष जनक होगी उनके विरूद्ध जिला एवं शासन स्तर से कार्यवाही की जायेंगी।


जिलाधिकारी ने जिला मलेरिया अधिकारी को निर्देश दिये कि डेंगू के बचाव के उपाय युद्ध स्तर पर किये जाये अधिक से अधिक संख्या में सैम्पल लिये जाये। वर्तमान स्थित को गम्भीरता से लेते हुये कहा कि जिन लोगों के यहा सम्बन्धित स्थलों पर डेंगू घनात्मक पाये जाने पर सम्बन्धित के साथ-साथ सम्बन्धित अधिकारियो/कर्मचारियों के विरूद्ध लापरवाही के कारण एफ0आई0आर0 जैसी कठोर कार्यवाही की जायेंगी। उन्होेंने यह भी निर्देश दिये कि छिडकाव एवं साफ-सफाई हेतु किये गये कार्य का नगरीय क्षेत्र में सभासद तथा ग्रामीण क्षेत्र में सदस्य से प्रमाण पत्र लेकर अपनी रिपोर्ट तीन दिन के अन्दर कार्य सत्यापन रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे।


जिलाधिकारी ने सम्बन्धित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिये कि सभी मोहल्लों में सफाई एवं कूड़ा निस्तारण की सुदृढ़ व्यवस्था स्थापित की जाये। नालियों का बहाव सुनिश्चित करते हुये जल एकत्रित न होने देने हेतु उपयुक्त उपाय किये जाये। क्रियान्वयन पर विशेष बल दिया जाये तथा इसकी जानकारी जन सामान्य को दी जाये तथा मच्छरों का प्रजनन पाये जाने पर नियमानुसार जुर्माना/दण्डात्मक कार्यवाही की जाये। सैम्पलिंग करायी जायें। मच्छरजनित परिस्थितियों को समाप्त करने हेतु फागिंग/लार्वीसाइडल स्प्रे/आई0ई0सी0 की एकीकृत कार्यवाही सुनिश्चित की जाये।


मुख्य चिकित्साधिकारी/जिला मलेरिया अधिकारी को निर्देश दिये कि शहरी क्षे़त्रों में मच्छर प्रजनन के स्त्रोतों को समाप्त करने के लिये घरेलू ब्रीडर चेकर्स को दैनिक आधार पर हायर किया जाना है। कूलर, रेफ्रिजरेटर के नीचे कन्डेनशेशन प्लेट और एयर कंडीशनर्स, फूलों के गुलदस्ते और चींटी-टैªप, टिन्स, बोतलें, बाल्टी या अन्य उपभोज्य सामान जैसे प्लास्टिक कप इत्यादि की जांच कर उनसे रूके हुये पानी को हटाए जाने के साथ-साथ स्त्रोंत कटौती की कार्यवाही की जाये।ं जिलों में आशा कार्यकर्ती द्वारा घर-घर भ्रमण कर डेंगू से बचाव तथा वेक्टर बार्न डिजीज के नियंत्रण के उपायों के बारे में जन सामान्य को जागरूक किया जायें। नगर पालिका से समन्वय स्थापित करते हुये मच्छर जनित परिस्थितियों को समाप्त करने हेतु क्षेत्र में भ्रमण करके नियमित कार्यवाही करायी जानी सुनिश्चित की जाये तथा पाये गये मच्छरों के प्रजनन स्थलों की सूचना नगर पालिका को नियमानुसार कार्यवाही हेतु प्रेषित कर दी जायें। योजना के अनुसार विशेष अभियान चलाकर मलेरिया विभाग के कर्मचारियों द्वारा लार्वीसाइडल का छिडकाव कराया जायें। डेंगू एवं चिकुनगुनिया रोगियों का अनुश्रवण करते हुये पी0एच0सी0, सी0एच0सी0 स्तर पर भी रैपिड रिस्पान्स टीम व्यवहारित की जाये।


जिला पंचायत राज अधिकारी को निर्देशित किया कि जल भराव स्थलों को समाप्त कराया जाये। ग्राम्य स्वास्थ्य एवं स्वच्छता समिति को सक्रिय करते हुये स्वच्छता की व्यवस्था सुनिश्चित की जाये तथा समिति के माध्यम से फागिंग और लार्वीसाइडल छिड़काव करवाया जाये। हैण्ड पम्प एवं कुओं के पास अनावश्यक जल एकत्रित न होने देने हेतु आवश्यक निर्देश दिये गयेे।
जिलाधिकारी ने सूचना विभाग के अधिकारियों को निर्देश देते हुये कहा कि जन सामान्य को जनहित में वेक्टर जनित रोगों के बचाव, रोकथाम, निदान एवं उपचार की जानकारी प्रिन्ट एवं इलेक्ट्रानिक मीडिया के माध्यम से जनसामान्य को उपलब्ध करायी जायें। मनोरंजन कर विभाग समय-समय पर वेक्टर जनित रोगों के बचाव एवं नियंत्रण की जानकारी प्रदान की जाये स्लाइड द्वारा सिनेमा हांॅल में प्रचार कराया जायें।


खण्ड विकास अधिकारियों एवं ग्राम विकास अधिकारियों को निर्देश दिये गये कि अपने-अपने क्षेत्रों में जल भराव के स्थलों को समाप्त करायें, नालियों एवं नालों में जल बहाव को अवरोधित न होने दे, रोगों से बचाव हेतु जल भराव वाले स्थनों की सफाई एवं उसमें मिट्टी का तेल डलवाने की सुदृढ व्यवस्था की जायें। शिक्षा विभाग के अधिकारी अध्यापकों को निर्देशित करेंगे कि आॅनलाइन कक्षाओं के दौरान छात्र-छात्रों को संचारी एवं वेक्टर जनित रोगों की रोकथाम, नियंत्रण एवं उपचार सुविधाओं के विषय में अवगत कराये।


अधिशासी अभियन्ता नहर को निर्देशित किया कि जो पानी नहरों एवं अन्य स्त्रोंतो से किसानों को दिया जाता है उस पानी से बस्तियों के आस-पास जल भराव की स्थिति उत्पन्न न होने पायें। मच्छरों के प्रजनन स्थल उथले जल के जलाशयों एवं पेड़ों की खोह को चिहिन्त कर आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करें।


जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी, अपर जिलाधिकारी, परियोजना निदेशक की एक टीम गठित की है जो जनपद के समस्त कार्यालय प्रभारियों से समन्वय बनाकर कार्यालय के आस-पास मच्छर जनित परिस्थितिया उत्पन्न न होने दे। मच्छरों का प्रजनन पाये जाने पर कार्यालय प्रभारी उत्तरदायी होंगे।


जनपद में ‘‘हर रविवार मच्छर पर वार अभियान’’ में विशेष रूचि लेते हुए प्रत्येक सप्ताह में एक दिन घरों की साफ-सफाई, साफ पानी को इकट्ठा न होने देना, पंक्षियों के पानी के बर्तन की सफाई एवं पूरे आस्तीन के कपडों को पहनने इत्यादि के लिए जनमानस को प्रेरित किया जाय।


बैठक में प्रमुख रूप से मुख्य विकास अधिकारी डा0 राजेश कुमार प्रजापति, अपर जिलाधिकारी राकेश सिंह, मुख्य चिकित्साधिकारी डा0 आशुतोष कुमार, जिला पंचायत राज अधिकारी राजेन्द्र प्रसाद यादव, जिला मलेरिया अधिकारी  रमेश चन्द्र यादव सहित सम्बन्धित विभागों के अधिकारी/कर्मचारी आदि उपस्थित थे।


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