पुरुष नसबन्दी पखवाड़ा शुरू, नसबन्दी को लेकर जिले की आशाएं घर.घर खटखटाएंगी दरवाजा

ज्ञानपुर/भदोही, (उ.प्र.) : पुरूष नसबन्दी पखवाड़े को लेकर सोमवार को मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय में आयोजित बैठक में प्रभारी चिकित्साधिकारियों को यह जानकारी डाक्टर लक्ष्मी सिंह ने दिया। उन्होने ने कहा कि जनपद में पुरूष नसबन्दी पखवाड़ा दो चरणों में चलना है। इस अभियान में पुरूषों की हिस्सेदारी को बढ़ाने पर जोर दिया जायेगा। जिले में अभियान के दौरान पुरूषों का अधिक से अधिक नसबन्दी करने का प्रयास किया जायेगा।

परिवार नियोजन परामर्शदाता राम गुलाम वर्मा ने कहा कि इस पखवाड़े का मुख्य उद्देश्य जनसंख्या नियन्त्रण के लिए पुरूषों को जागरूक करने के साथ ही साथ उनके सहयोग से इस कार्यक्रम में गति प्रदान करना है। अभियान के दौरान जिले 1300 आशा व 300 एएनएम घर घर जाकर दंपत्तियों से सम्पर्क कर उनका रजिस्टेªशन भी करेगी और विभाग की ओर से जनसमूह से भी संवेदीकरण कर परिवार नियोजन के स्थाई तथा अस्थाई साधनों के प्रति जागरूक करने का कार्य करेगी।

जिला कार्यक्रम प्रबन्धक ने बताया है कि इस अभियान के दौरान जिले के 5 सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, 16 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के सभी डाक्टर व स्टाफ मौजूद रहेगे। कोविड के इस दौर में जनसंख्या स्थिरीकरण के लिए पुरूषों को जागरूक करने के साथ परिवार नियोजन के इस अभियान को गति प्रदान किया जायेगा। जागरूकता के लिए व्यापक स्तर पर प्रचार प्रसार किया जायेगा।

दो चरणों में चलाया जायेगा अभियान

पुरूष पखवाड़े को जिले में दो चरणों में चलाया जायेगा। 27 नवम्बर तक दम्पत्ति सम्पर्क चरण और 28 से 4 दिसम्बर के बीच सेवा प्रदायगी चरण का आयोजन किया जायेगा। इन दोनों चरणों में जिले के आशा व एएनएम की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।

नसबन्दी की स्थिति

जिले में 1 अप्रैल 2020 से अब तक कुल 557 महिलाये और 7 पुरूषों ने नसबन्दी कराया है। नसबन्दी के कार्य में जिले के पांच महिला व दो पुरूष चिकित्सकों की महत्वपूर्ण भूमिका है।

परिवार नियोजन को लेकर आभा की बनी अलग पहचान

सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र जंगीगज पर तैनात आशा आभा परिवार नियोजन को लेकर अत्यन्त गंम्भीर रहती है वे केन्द्र पर आने वालों को परिवार नियोजन के विषय में विस्तार पूर्वक समझाने का कार्य करती है उन्ही के सार्थ प्रयास का नतीजा है कि इस जिले के इस केन्द्र पर कोरोना के समय में भी 164 महिलाओं का नसबन्दी किया जा चुका है। अपने क्षेत्र में कोरोना के दौराना भी लोगों को परिवार नियोजन के साथ ही साथ कोरोना के लिए भी लोगों को जागरूक करती रही। क्षेत्र में एक या एक से अधिक बच्चों वाले दम्पति को परिवार नियोजन के साधन अपनाने के लिए प्रेरित करती है और बताती है कि इसको अपनाने से किसी भी प्रकार की कोई क्षति नही होगी बल्कि परिवार सुखी रहेगा यदि दो बच्चा है तो वे सुखी परिवार के लिए उनको नसबन्दी करवाने का भी प्रयास करती है जिससे इनकी जिले में अलग पहचान बन चुकी है ये विभाग की ओर से एक बार पुरस्कृत भी की जा चुकी है ये दूसरे आशाओं के लिए एक प्रेरणा बन गई है।

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