मानखुर्द मंडाला में बिछाई गई जलवाहिनी का महापौर किशोरी पेडणेकर के हाथों हुआ दुबारा उद्धघाटन

रिपोर्ट : यशपाल शर्मा 

मुंबई : एम पूर्व मनपा वार्ड क्रमांक 135 की शिवसेना नगरसेविका ने आज आखिर में शिवाजी नगर-मानखुर्द विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत आने वाले मानखुर्द मंडाला में 30 फिट रोड गणेश मंदिर सपा आफिस तक बिछाई गई 7 एम.एम से लेकर 6.50 एम.एम तक कि पाइप लाइन अधूरे रहवासिय क्षेत्र में बिछाई गई है।मुंबई की महापौर किशोरी पेडनेकर ने कल शाम 6 बजे पीएमजी सिग्नल घाटकोपर मानखुर्द लिंक रोड स्थित जलवाहिनी का उद्दघाटन वॉल्व खोलकर किया। उपरोक्त अवसर पर शिवसेना के कई नगरसेवकों सहित बड़े पद अधिकारियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई।

वहीं क्षेत्र में खुले मैदान में शौचालय जाने की समस्या से त्रस्त महिला व पुरुषों को नया आधुनिक शौचालय बनाकर समस्या मुक्त करने की मांग किया है। वही अधूरी जल वाहिनी, बिजली का केबल बिछाये जाने से वंचित नाराज सहयाद्रि मित्र मंडल, शिवराय, लक्ष्मी मंडल के रहवासियो ने महापौर किशोरी पेडणेकर को लिखित शिकायत पत्र देकर प्रशासन से शौचालय का नवनिर्माण, अधुरी छोड़ी गई जलवाहिनी बिछाने से लेकर बिजली का केबल अधूरा बिछाने को अंत तक पाइप व केबल की लाइन पहुंचाने की मांग किया है । 

उल्लेखनीय तौर पर कार्यक्रम में मौजूद स्थानीय इंदिरानगर नगर राहीवासिय ओम प्रकाश यादव लक्ष्मी चाल कमेटी के अध्यक्ष ने कहा कि पूर्व जल विभाग के अभियंता रंजीत चौहान सहित स्थानीय शिवसेना नगरसेविका ने इंदिरानगर की जनता को 30 फिट रोड गणेश मंदिर सपा कार्यालय तक पाइप लाइन अधूरी छोड़कर न सिर्फ गुमराह करने का कार्य किया है बल्कि विश्वासघात किया है। वही शिव राय चाल कमेटी के अध्यक्ष रामलाल ने कहा कि क्या चुनावों में हम लोगों ने वोट देकर समीक्षा सक्रे मैडम को नही जिताया ।मनपा चुनावों को अभी सिर्फ एक वर्ष बाकी है, 4 वर्ष बीत जाने के बाद भी धारावी के बाद एशिया की सबसे बड़े गोवंडी की झोपड़पट्टियों में शुमार मानखुर्द मंडाला में आजादी के 70 वर्ष बाद बीत जाने के बाद भी अभी तक शौचालय की सुविधा उपलब्ध करवाकर नही दे सकी है, स्थानीय नगरसेविका समीक्षा सक्रे ने अभी तक एक आधुनिक शौचालय का निर्माण करवाकर नही दे पाई है। जिससे मुंबई के दो मुख्यमंत्रियों की मुंबई खुले में शौचालय से मुक्त होने के दावे की न सिर्फ पोल खोलती है बल्की परखच्चे उड़ा रही है। राज्य की महाविकास आघाडी सरकार की पीड़ित झोपड़पट्टियों में निवास करने वाली जनता अपने आप को शर्मिंदा महसुस करने लगी है की आखिर किस की बातों पर भरोसा करें, खुले में शौचालय मुक्त करने का आश्वाशन को पूरा करेंगे। पहले से ही 4 वर्ष बीत जाने के बाद भी स्थानीय नगरसेविका ने क्षेत्रीय जनता को खुले में शौच से मुक्त न कर पाई और न ही शौचालय निर्माण करने की इंदिरानगर की जनता को पहले तो सीआरजेड का बहाना बनाकर पल्ला झाड़ते दिखाई देती रही है ऐसा आरोप स्थानिक जनता ने कार्यक्रम में लगाते दिखी।

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