भक्ति मार्ग ही मनुष्य के सभी पापों को नष्ट करता है : कौशलेंद्र कृष्ण शास्त्री जी महाराज

बस्ती, (उ.प्र.) : कप्तानगंज टिनिच रोड नकटी देई बुजुर्ग में चल रही संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञानयज्ञ के आज चतुर्थ दिवस के शुभ अवसर पर सर्व प्रथम गजेन्द्र मोक्ष की कथा का वर्णन किया। महाराज कौशलेंद्र कृष्ण शास्त्री जी ने कहा कि गजेन्द्र की कथा कोई हाथी की कथा नहीं है। यह हर मानव जीवन की कथा है, हाथी एक सरोवर में स्नान करता है उसमें रहने वाला काल रूपी ग्राह उसके पैरों को पकड़ लेता है।  हाथी अपनी तरफ खींचता है और ग्राह अपनी तरफ। हाथी अपने परिवार के पत्नी, बच्चों को सहायता के लिये पुकारता है, लेकिन कोई मदद नहीं करता। इसी तरह मनुष्य संसार रूपी सरोवर में स्नान करता रहता है। एक दिन काल पैरों को पकड़ता है। कोई परिवार नहीं बचा पाता। तभी ईश्वर की याद आती है ईश्वर ही रक्षा कर सकता है। समुद्र मंथन की कथा का वर्णन किया।

वामन अवतार की कथा का वर्णन करते हुए शास्त्री महाराज जी ने कहा कि राजा बलि से नामक भगवान ने तीन पग पृथ्वी मांग कर उसके अभिमान को भी नाप लिया। भगवान को ये है कि मेरे भक्त को अभिमान नहीं होना चाहिए. ब्यास जी ने चारों वेद प्रगट किये लेकिन संतुष्टि नहीं हुई। नारद जी ने देखा इनको संतुष्टि नहीं हुई। नारद जी ने कहा, आप भगवान की कथा लिखो. पहले चतुश्लोकी भगवान की चार श्लोकों के 18000 श्लोकों में व्यास जी ने विभाजित कर दिया। इसमें बारह स्कंध हैं. 335 अध्याय हैं । भगवान के बारह अंगों के रूप में ये 12 स्कंध है। यज्ञाचार्य अतुल शास्त्री जी के सानिध्य में हो रही भव्य कथा में भक्तों को आगे का वृत्तांत बताते हुए व्यास पीठ से कौशलेंद्र कृष्ण महाराज जी ने बताया कि साधन के तीन प्रकरण हैं। स्वर्ग और नर्क दोनों बंधन के कारण हैं। भक्ति मार्ग का वर्णन किया। भक्ति मार्ग ही मनुष्य के सभी पापों को नष्ट करता है।. इनका नाम का स्मरण करो कि पाप रूपी बीज ही अंकुरित न हो पाये। नाम स्मरण का रास्ता भी संत ही बताते हैं। .बिना गुरू और संत के आपको अच्छा मार्ग नहीं मिल सकता  सत्य कथा हो, झूठ क्या है . वेद शास्त्र जो कहे वही सत्य है, बाकी सब झूठ होता है। राम के अवतार का वर्णन किया। राम शब्द जो रा में जब बोलते हैं मुंह खुलते ही पाप बाहर निकलता है। म में ओंठ बंद होता है. पाप दुबारा अंदर नहीं जाते  रामावतार हमें जीवन जीना सिखाती है अर्थात रामायण भागवत हमारी मृत्यु को सुधारती है। आयोजक करिया बाबा ने बताया कि 25 व 26 की बादल सांवरिया की दिव्य झांकी का भी आयोजन किया गया है। इस अवसर पर भारी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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