मुम्बई में लोग कोरोना नियमो का पालन करते हुए अपने कामकाज में रच बस गए है लोग

रिपोर्ट : रितेश वाघेला

मुंबई : इस कोरोना काल में भले अभी तक भले लॉक डाउन पूरी तरह खत्म नही हुआ लेकिन मुम्बई में लोग कोरोना नियमो का पालन करते हुए अपने कामकाज में पूरी तरह रच बस गए है। मुम्बई मेट्रो नियामन से मिले आंकड़ों के अनुसार मुंबई की इकलौती मेट्रो ट्रैन में 19 अक्टूबर से अब तक 10 लाख से ज्यादा मुसाफिर सफर कर चुके है। 

19 अक्टूबर को करीब 8 महीने के लॉक डाउन के बाद जब घाटकोपर से वर्सोवा के बीच मेट्रो रेल सेवा दोबारा शुरू हुई थी। तब पहले दिन सिर्फ 13 हज़ार लोगो ने सफर किया था। लेकिन अब रोजाना 45 हज़ार से ज्यादा लोग सफर कर रहे है और ये आंकड़ा हर रोज बढ़ रहा है। बता दें मार्च 2020 से पहले प्रतिदिन 3 लाख से ज्यादा लोग मेट्रो से अपने गंतव्य स्थान पर पहुंचते थे। 

कोरोना काल में सोशल डिस्टनसिंग का पालन और मास्क पहनकर लोग मेट्रो में बैठ रहे है। 17 नवम्बर को जहाँ 37 हज़ार लोगो ने मेट्रो रेल का इस्तेमाल किया। वही 18 नवम्बर को 37500, 19 नवम्बर को 41 हजार, 20 नवम्बर को 41900 और 23 नवम्बर को 45 हजार लोग मेट्रो में बैठे। मेट्रो रेल के साथ साथ मेट्रो स्टेशनों पर बंद पड़ी दुकाने भी फिर से शुरू हो गई है। जिनमे मुसाफिर खरीदारी भी करते नजर आ रहे है। घाटकोपर से वर्सोवा मेट्रो स्टेशन के बीच करीब 160 दुकाने है।

पहले मेट्रो सुबह साढ़े 5 बजे खुलती थी और रात साढ़े 12 बजे तक चलती थी, लेकिन कोरोना काल में मेट्रो सुबह साढ़े 8 से रात साढ़े 8 तक ही चल रही है। साथ ही कोरोना नियमो के चलते एक मेट्रो ट्रेन में सिर्फ 300 से 350 यात्रियों को ही ट्रैवेल करने की इजाज़त है, पहले याने सामान्य दिनों में ये संख्या 1500 से भी ज्यादा हुआ करती थी। 

Comments