बिजली बिल में सहूलियत नहीं देने को लेकर राज्य की सरकार के विरुद्ध में बड़े पैमाने पर आंदोलन

रिपोर्ट : प्रमोद कुमार

ठाणे : वैश्विक महामारी कोरोना काल के दौरान ग्राहकों के बढ़े हुए बिल को लेकर बिल में सहूलियत नहीं देने को लेकर राज्य की सरकार के विरुद्ध में बड़े पैमाने पर आंदोलन किया गया। इस आंदोलन में भाजपा के तीन विधायक सहित पदाधिकारियों सहित कार्यकर्ता को श्रीनगर पुलिस ने गिरफ्तार किया। वहीं गिरफ्तारी के कुछ समय के बाद छोड़ दिया गया। साथ ही ठाणे शहर में कुल 12 जगहों पर सरकार व प्रशासन के खिलाफ में जमकर आंदोलन किया गया जिसमें नागरिकों का भी सहयोग मिला। बिजली बिल के गलत तरीके से महाआघाड़ी सरकार के इस रवैये से नागरिकों के भीतर रोष व्याप्त है। जिसको लेकर भाजपा की ओर से आज राज्य भर में जमकर आंदोलन किया गया। वहीं ठाणे शहर के बिजली विभाग मुख्यालय के बाहर जमकर आंदोलन व नारेबाजी किया गया।

भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व राज्यसभा सांसद विनय सहस्त्रबुद्धे ने कहा कि कोरोना काल के दौरान आम नागरिक वैसे ही त्रस्त है फिर भी दूसरा बोझ लाद दिया। उसके साथ ही राज्य की सरकार अपनी सारी गलतियों को केंद्र सरकार के सर पर ढकेल देती है। यह आरोप राज्यसभा सांसद सहस्त्रबुद्धे ने महाविकास आघाड़ी पर लगाया। वही पूर्व सांसद किरीट सोमैया ने कहा शिवसेना ने बिल में सहूलियत नही दिया तो आगामी चुनाव ठाकरे सरकार की होली होगी। इस आंदोलन में राज्यसभा सांसद विनय सहस्रबुद्धे, विधायक व प्रदेश सचिव रविंद्र चव्हाण, विधायक निरंजन डावखरे, पूर्व सांसद किरीट सोमैया, मनपा गटनेता संजय वाघुले, प्रदेश सचिव संदिप लेले, महिला अध्यक्षा मृणाल पेंडसे, जिला उपाध्यक्ष विजय त्रिपाठी, मंडल अध्यक्ष सुनील कोलपकर सहित सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।

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