जनपद के हर गांव तक पहुंची आयुष्मान योजना, भदोही छठवें पायेदान पर गोल्डन कार्ड बनाने में

वृद्धजनों के लिए अत्यन्त कारगर साबित हो रहा आयुष्मान भारत योजना

ज्ञानपुर/भदोही, (उ.प्र.) : केन्द्र व प्रदेश की अति महत्वाकांक्षी योजना आयुष्मान भारत योजना से अब कोई गांव व व्यक्ति वंचित नही रहा। शासन के निर्देश पर विभाग अक्टूबर माह में 167 उन गांवो में कैम्प लगाया जहां अभी तक कोई आयुष्मान भारत योजना कार्ड नही था। 

जिला सूचना प्रबन्धक आशीष ने बताया कि आयुष्मान भारत योजना से जिले के लगभग 73 गांव वंचित रह गये थे इन गांवों में शासन के निर्देश पर इन गांव के नागरिकों को योजना का लाभ दिलाने के लिए अक्टूबर माह में कैम्प लगाकर 167 गोल्डन कार्ड बनाने का कार्य आयुष्मान की टीम ने किया है। कैम्प में कोरोना की सावधानियों का विशेष ख्याल रखा गया । हर व्यक्ति को मास्क और सेनेटाइजर का प्रयोग के साथ ही प्रति घण्टे हाथों को साबुन व पानी से धोने का कार्य कराया गया। 

आयुष्मान भारत योजना के जिला शिकायत प्रबन्धक शैलेन्द्र का कहना है कि यह योजना गरीब परिवार के लिए एक संजीवनी बूंटी की तरह काम किया है। कोरोना जैसी महामारी के दौर में भी इलाज कराने में असमर्थ व्यक्तियों के लिए पूरी तरह उपयोगी सिद्ध हुआ जिससे ऐसे लाभार्थियों को एक नया जीवन दान मिला, लेकिन आयुष्मान भारत योजना से जिन गांवों में अभी तक व्यक्ति आयुष्मान भारत योजना से वंचित रहे उनके लिए स्वास्थ्य विभाग अभियान चलाकर गांवों में कैम्प लगाकर कार्ड बनाया गया।

अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डाक्टर जेसी सरोज ने बताया कि आयुष्मान भारत योजना वृद्धजनों के लिए अब अत्यन्त कारगर साबित हो रहा है अक्टूबर माह के अभियान के दौरान विकास खण्ड औराई के दुर्गागंज मोहल्ला निवासी बबीता देवी उम्र 68 वर्ष महिला का गोल्डन कार्ड बनाया गया जिससे उनको अब किसी के सहारे की आवश्यकता नही होगी अब वे अपना इलाज कराने में खुद समर्थ है। इनके पति बेरोजगार होने के नाते इलाज कराने में कठिनाईयों का सामना करना पड़ता है। इनके पुत्र मुम्बई शहर में आटो चलाकर अपने परिवार का पालन पोषण करता है। घर पर मां व बाप की देखभाल करने वाला कोई है। इस स्थिति में आष्युमान भारत का गोल्डन कार्ड वृद्धजनों के लिए अत्यन्त कारगर साबित हो रहा है।  

आयुष्मान भारत योजना एक नजर में 

  • कुल लाभार्थियों की संख्या 117512
  • दो वर्ष में योजना का लाभ 8225 लाभार्थियों को मिला
  • जनपद में 7 राजकीय और 23 निजी चिकित्सालयों में इलाज की सुविधा उपलब्ध 
  • योजना के तहत सम्बद्ध चिकित्सालयों को 8.51 लाख का भुगतान किया गया।

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