पुरूष नसबन्दी कराने पर मिलेगी राशि, बढ़ती जनसंख्या पर परिवार नियोजन के तहत नियंत्रण लागने को विभाग ने की तैयारी

रिपोर्ट : टी.सी. विश्वकर्मा

मीरजापुर, (उ.प्र.) : जनसंख्या विस्फोट की दिक्कतों के बीच आबादी की सरपट दौड़ते घोड़े की नकल कसने के अभियान में महिलाओं की अपेक्षा पुरूष की सहभागिता बहुत ही कम है। पुरूष आज के दौर में भी नसबन्दी कराने से भागते हैं। इन्हें जागरूक करने के लिए जिले में 4 दिसम्बर तक विभाग की ओर से पुरूष पखवाड़ा चलाया जा रहा है। अभियान के दौरान पुरूष को नसबन्दी कराने पर प्रोत्साहन राशि के रूप में विभाग की ओर से 3000 रूपये भी दिया जायेगा।

मुख्य चिकित्साधिकारी डाक्टर ओ0पी0 तिवारी ने बताया कि जिले की महिलाएं परिवार नियंत्रण में अपना दम दिखा रही है, पर पुरूष वर्ग अपने अनेक भ्रान्तियों  की जाल में फंसकर इससे किनारा करते रहते हैं। जो परिवार नियंत्रण कार्यक्रम के लिए चिंता की विषय बनती जा रही है। ऐसे में जहां जनसंख्या पर नियन्त्रण पर अंकुश नही लग पा रहा है। लेकिन कोविड-19 के इस दौर में जनसंख्या नियन्त्रण के लिए पुरूष वर्ग को जागरूक करने के साथ ही साथ परिवार नियोजन के अभियान में उनकी हिस्सेदारी को सुनिश्चित करने के लिए पुरूष नसबन्दी पखवाड़ा इस समय जिले में दो चरणों में विभाग ने चलाया है। प्रथम चरण के अभियान में दम्पत्यिों से सम्पर्क किया जायेगा।

जिला कार्यक्रम प्रबन्धक अजय सिंह ने बताया कि पुरूष पखवाड़ा में जिले के 2043 आशा कार्यकर्ता 564 एएनएम व 2000 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं समेत 3 हजार स्वास्थ्य कर्मियों को भी लगाया गया है।

सोंच बदलने की आवश्यकता करें पहल : भारत एक ऐसा देश है जहां पर 1950 ई0 से ही परिवार नियोजन सम्बन्धी कार्य को शुरू किया गया। फिर भी जनसंख्या दिन प्रतिदिन बढ़ती ही जा रही है। परिवार नियोजन के विषय पर सबकी सोच बदलने की आवश्यकता है और पुरूष वर्ग में चल रहे अनेको भ्रम से जागरूक करकर इसमें हिस्सेदारी निभाने के लिए एक सार्थक प्रयास करना होगा।

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