महापर्व-छठ पूजा : जाने कितने दिन और कैसे मनाया जाता है यह पर्व

रिपोर्ट : अनामिका झा

पूरे देश भर में मनाया जाने वाला लोक-आस्था के महापर्व छठ पूजा शुरुआत का आज तीसरा दिन जिसमें ढलते सूरज को अर्घ्य दिया जाएगा ।

प्रमुख आस्था का यह छठ-पर्व हमारे देश में मनाया जाने वाला प्रमुख त्योहार है । छठ पूजा त्योहार साल में दो बार होता है पहली बार चैत्र-माह के शुक्ल पक्ष की षष्ठी को और दूसरी बार कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की षष्ठी को मनाया जाता है । षष्ठी को मनाए जाने के कारण इसका नाम छठ-व्रत रखा गया,दोनों में कार्तिक की छठ ज्यादा प्रचलित है । यह व्रत छठ माता की पूजा और सूर्य की उपासना का पर्व है मुख्य रूप से इस त्यौहार को बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश में मनाते हैं । धीरे-धीरे यह त्यौहार देश के अन्य शहरों के साथ-साथ प्रवासी-भारतीयों के बीच यह पर्व विश्वभर में प्रचलित हो गया,नेपाल और मारशीस जैसे पडोसी देशों में इसे बहुत धूमधाम से मनाया जाता है, इस पर्व में छठ माता की पूजा की जाती है,इसके साथ ही गाय के कच्चे-दूध और जल से सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है ।

चार दिनों तक इस पर्व की शुरुआत नहाए-खाए से होती है दूसरे दिन खरना किया जाता है तीसरे दिन शाम को डूबते हुए सूरज को अर्घय देने की परंपरा है चौथे यानी आखरी दिन उगते हुए सूरज को अर्घ्य दिया जाता है छठ व्रत किसी कठिन तपस्या से कम नहीं है छठ पर्व पति और संतान की दीर्घायु के लिए किया जाता है मान्यताओं के अनुसार सच्चे मन से छठ-व्रत पूजन करने पर सारी मनोकामनाएं पूरी होती है महिलाओं के साथ पुरुष भी अपने कार्य मे सफलता और मनचाहे-फल की प्राप्ति के लिए इस व्रत को पूरी निष्ठा व श्रद्धा भक्ति-भाव से करते हैं ।

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