किडनैपिंग रैकेट में शामिल था तेलंगाना का डॉक्टर

परिजन ने पुलिस के साथ ही रूद्र सेवा प्रतिष्ठान के अध्यक्ष का आभार प्रकट किया

रिपोर्ट : अनीता शुक्ला

मुंबई : जुहू पुलिस ने तेलंगाना के एक डॉक्टर मोहम्मद बशीरुधन को अपहरण से जुड़े एक केस में गिरफ्तार कर बच्चे को बरामद कर उनके परिजनों के हवाले कर दिया।

11 नवंबर 2020 को एक शिकायत मिली थी कि जुहू पुलिस ठाणे के अधिकार क्षेत्र में रहने वाले एक गरीब कुम्बिया के चार महीने के बच्चे को एक अज्ञात व्यक्ति ने अपहरण कर लिया था, जब वह रात में सो रहा था।

इसी दौरान केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी और उनके करीबी सौरभ दुबे के नेतृत्व में रूद्र सेवा प्रतिष्ठान के संस्थापक रितेश वाघेला द्वारा जरूरत मंद लोगों एवं मित्रों को मिठाई बांटकर दीवाली की शुभ कामनाएं दी जा रही थी। इसी दौरान भोसले परिवार जो कर्ज के कारण मुंबई में रास्ते में रहकर अपने दिन गुजार रहे थे। मंगलवार की रात उनका 4 महीने का बच्चे को कोई उठा ले गया था, परिवार की संवेदना देख रूद्र सेवा प्रतिष्ठान के अध्यक्ष रितेश वाघेला द्वारा त्वरित जुहू पोलिस के वरिष्ठ पोलिस पंढरिनाथ वाहवल से संपर्क कर उनसे मदद की गुजारिश की।

मामला अपराध प्रकृति में गंभीर था और बच्चे की सुरक्षित रिहाई के लिए पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह ने एक विशेष टीम बनाने और तत्काल खोज करने का निर्देश दे दिया। इस पर जुहू पुलिस ठाणे के वरिष्ठ निरीक्षक पंढरीनाथ वाह्वलह के मार्गदर्शन में सहायक पुलिस निरीक्षक हरिभाऊ बिरादर और उनकी टीम ने बिना किसी ठोस सबूत के अपराध की जाँच के लिए दिन रात मेहनत की तीन आरोपियों को सरूर नगर जिले से गिरफ्तार किया गया था और चार महीने के बच्चे को तेलंगाना से हिरासत में लिया।

सीनियर इंस्पेक्टर पंढरीनाथ वाव्हाल के अनुसार डॉक्टर ने गोखले पुल से 4 महीने के बच्चे का किडनैपिंग करवाया था। डॉक्टर मोहम्मद बशीरुद्दीन की तेलंगाना के जिला नलगोंडा की तहसील पानवल में क्लीनिक है। वहां के एक दंपत्ति को बच्चा नहीं था। डॉक्टर मोहम्मद बशीरुद्दीन उनका फैमिली डॉक्टर है, इसलिए डॉक्टर ने दंपत्ति को सलाह दी कि उन्हें बच्चा एडॉप्ट करना चाहिए और इसमें वह उनकी मदद करेंगे।

दूसरी तरफ से हां मिलने के बाद डॉक्टर ने कहा कि इसमें चार से पांच लाख रुपये का खर्च आएगा। दंपति ने चार लाख रुपये डॉक्टर को दे दिए। डॉक्टर का मुंबई में अंधेरी में एक दोस्त है महेश डीट्टी। उसने महेश से तीन से चार महीने के बच्चे को किडनैप करने को कहा और इसके लिए उसे ढाई लाख रुपए दे दिए। महेश का एक ऑटो वाला रमेश व्यंपटी परिचित है। वह भी तेलंगाना का ही है। महेश ने रमेश को 30 हजार रुपये दिए और अपहरण की साजिश में उसे भी शामिल कर लिया। 11 नवंबर को दोनों आरोपी गोखले पुल से देर रात चार माह के बच्चे का अपहरण कर लिया। दिवाली के पटाखों के शोर में किसी को पता ही नहीं चला कि कब आरोपी आए और बच्चे को लेकर चले गए। कुछ देर बाद जुहू पुलिस स्टेशन में इस बारे में एफआईआर दर्ज हुई। पुलिस ने कुछ सीसीटीवी फुटेज व अन्य टेक्लिकल एविडेंस से आरोपियों को लोकट करना शुरू कर दिया। इसी में पता चला कि आरोपी बच्चे को तेलंगाना ले गए हैं। फौरन एक टीम वहां भेजी गई। वहीं आरोपियों को पकड़ा गया और बच्चे को उनके कब्जे से पुलिस ने अपने कब्जे में लिया। पुलिस अब इस बात की छानबीन कर रहा है कि क्या डॉक्टर ने इससे पहले तो कुछ और बच्चों का अपहरण नहीं करवाया। सभी आरोपियों पर आईपीसी की अलग-अलग धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।

पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह और पुलिस आयुक्त विश्वास नांगरे-पाटिल ने जुहू पुलिस ठाणे के विशेष दस्ते को बधाई दी।

अपराध के तत्काल समाधान के लिए और सुरक्षित बच्चे की सुरक्षित वापसी के लिए अतिरिक्त पुलिस आयुक्त संदीप कार्णिक, पुलिस उपायुक्त अभिषेक त्रिमुखे, सर्कल 9, सहायक पुलिस आयुक्त सुहास रायकर, सांताक्रूज़ डिवीजन ने विशेष पुलिस दस्ते का मार्गदर्शन किया और उचित निर्देश दिए। साथ ही साथ

सीनियर इंस्पेक्टर पंढरीनाथ ववहल, सहायक इंस्पेक्टर हरिभाऊ बिरादर, सहायक इंस्पेक्टर गणेश टोडकर, इंस्पेक्टर सागर भोसले, इंस्पेक्टर पूनम मिरगने, नरेंद्र ठाकुर, महादेव टोडंकर, महेंद्र यादव, चंद्रकांत वलेकर, सुहास भोसले का प्रयास सराहनीय रहा।

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