पत्थर खदान का उत्खनन काम युद्धस्तर पर


रिपोर्ट : प्रमोद कुमार


ठाणे : घोड़बंदर रोड पर मौजे भायंदरपाडा के नागलाबंदर स्थित सर्वे क्र. 208 (नया सर्वे न.1) में इस समय पत्थर खदान का उत्खनन काम युद्धस्तर पर किया जा रहा है। इसे जल्द बंद करने की मांग स्थानीय नागरिक कर रहे हैं। लगातार पत्थर खदान का उत्खनन करने कंपनी विस्फोटक का उपयोग कर रही है। जिस कारण लोगों का जीना मुश्किल हो गया है। स्थानीय स्तर पर भूकंप का अनुभव किया जा रहा है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि बिना ठाणे मनपा की एनओसी के ठाणे जिला उत्खनन विभाग द्वारा पत्थर खदान के उत्खनन की अनुमति दी गई है। वैसे यहां पांच-छह स्थानों पर काम चालू है। लेकिन पत्थर खदान का उत्खनन करननेवाली मे. मिनेश ठाकुर स्टोन कंपनी लगातार डायनाईट का उपयोग पहड़़ों को तोड़ता है।


सबसे अचंभित करने वाली बात है कि ठाणे मनपा प्रशासन द्वारा पत्थर खदान को उत्खनन करने हेतु एनओसी (ना हरकत दाखला) नहीं दिए जाने के बाद भी मे. मिनेश ठाकुर स्टोन कंपनी पहाड़ों को तोड़ रहा है। कंपनी के खिलाफ लगातार शिकायतें स्थानीय नागरिक कर रहे हैं। इन बातों का हवाला देते हुए ठाणे के पूर्व उपमहापौर व स्थानीय नगरसेवक नरेश मणेरा ने ठाणे जिलाधिकारी राजेश नार्वेकर औ ठाणे मनपा आयुक्त डॉ. विपीन शर्मा को लिखित निवेदन देकर आग्रह किया है कि यहां जारी डायनाईट विस्फोट रोकी जाए। अन्यथा विस्फोट के कारण स्थानीय स्तर पर कोई बड़ा हादसा हो सकता है। खासकर मनपा प्रशासन से आग्रह किया गया है कि वे जिलाधिकारी कार्यालय को लिखित तौर पर आग्रह करे कि पत्थर खदान पर रोक लगाई जाए। साथ ही यदि प्रशासनिक आदेश पर स्टोन कंपनी अमल नहीं करती है तो उसक खिलाफ स्थानीय पुलिस थाने में मामला दज करवाया जाए।


जानकारी के अनुसार मे. मिनेश ठाकुर स्टोन कंपनी द्वारा पत्थर खदान के उत्खनन के लिए घातक विस्फोटक डायनामाईट का उपयोग किया जा रहा है। जिस कारण असहनीय ध्वनि प्रदूषण पैदा हो रहा है। इतना ही नहीं किसी भी सय डायनाईट विस्फोट के कारण स्थानीय नागरिक भूकंप का अनुभव कर रहे हैं। यहां की आवासीय इमारतें हिलने लगती हैं। खिड़कियों के शीशे टूट रहे हैं। जिस कारण पर्यावरण को भारी नुकसान हो रहा है। इसके साथ ही खदानों से निकले धूलकण और मिट्टियों के कारण परिसर का बुरा हाल है। खदान विस्फोट के कारण हो रही परेशानियों को लेकर स्थानीय नगरसेवक नरेश मणेरा ने ठाणे जिलाधिकारी राजेश नाार्वेकर तथा ठाणे मनपा आयुक्त डॉ. विपीन शर्मा को लिखित निवेदन दिया है। निवेदन में कहा गया है कि खदान विस्फोट के कारण किसी भी समय यहां जनहानि और वित्तहानि की संभावना है। लगातार विस्फोटों के कारण गत दिनों भायंदरपडा स्थित क्वांटाइन सेंटर में भी पत्थर के टुकड़े आकर गिरे। स्थानीय नागरिकों में भय का वातावरण है।


विदित हो कि जिस जगह पर डायनामाईट का उपयोग कर पहाड़ों को तोड़ पत्थर निकाला जा रहा है उससे सटे ही रोजा ईलाइट गृहसंकुल है। साथ ही पत्थर खदान के पास स्थानीय ग्रामीण भी रहते है। यहां की आबादी बीस हजार से अधिक बताई जा रही है। इसके साथ ही पत्थर खदान के पास ही पिकनिक स्पॉट के लिए आरक्षित 19 हेक्टर का भूखंड भी स्थित है। लेकिन भविष्य की जरुरतों को देखते हुए यहां अन्य विकास कामों के लिए अतिरिक्त भूखंड की आश्यकता है। जबकि उक्त भूखंड पत्थर खदान के पास ही है। ऐसी स्थिति में चाहिए कि ठाणे मनपा मनपा प्रशासन जमीन को अपने कब्जे में लें। लेकिन अब तक किसी तरह की पहल नहीं की जा रही है। जो चिंता का विषय है।


वैसे भविष्य की आवश्यकताओं को देखते हुए ठाणे मनपा प्रशासन ने उत्खनन कार्य के लिए पत्थर खदान को तोडऩे हेतु एनओसी देना बंद कर दिया है। इसके बाद भी जिला प्रशासन का खदान उत्खनन विभाग बिना मनपा एनओसी के पत्थर खदान उत्खनन के लिए अनुमति (परवानगी) दिया है। इसे रोकने मनपा प्रशासन जिलाधिकारी कार्यालय के साथ पाठपुरावा करे। ऐसी मांग करते हुए नरेश मणेरा ने कहा है कि नागलाबंदर में लगातार विस्फोटों के कारण लोगों का जीना मुश्किल हो गया है। लोढ़ गृहसंकुल के लोग भयभीत रहते हैं। डायनामाईट विस्फोट के कारण इमारतें हिलने लगती है। कहा गया है कि नागलाबंदर में खदान के निकट ही श्मशानभूमि भूखंड है। जबकि बगल में ही लोढ़ा गृहसंकुल है। जिसकी 25 मंजिली 25 इमारतों में चार हजार फ्लैट हैं। मणेरा का आरोप है कि पत्थर खदान में लगा्र विस्फोटों के कारण भयंकर वायु प्रदूषण के साथ ही ध्वनि प्रदुषण की मार लोगों को झेलनी पड़ रही है। लेकीन प्रशासनिक स्तर पर इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। ऐसा आरोप स्थानीय नागरिक लगा रहे हैं।


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