मुंबइ की लोकल हुई राजनीतिक की शिकार, शिवसेना-बीजेपी,मनसे के झगड़े के बीच मुंबई करी जनता बेहाल


मुंबई : जैसे जैसे 15 अक्टूबर की तारीख नजदीक आ रही थी घरों में बैठे मुंबई करो के लिये किसी संजीवनी से बढ़कर नही थी ,चलो अब जाकर नींद से जागी उद्धाव सरकार राज्य की जनता की आर्थिक बदहाली को ध्यान में रखते हुए लोकल ट्रेन चालू करेगी मुंबई करी जनता के लिये। लेकिन जैसे ही 15 तारिक आई मालूम हुआ पूरी मुंबई की जनता के लिये नही सिर्फ महिलाओं के लिये है। मन मसोस कर रहे गई मुंबई की दो करोड़ जनता जो इन दिनों घरों में रखी जमा पूंजी खत्म होने के बाद माध्यम वर्गीय व गरीब जनता भीख मांगने के कगार में पहुंच चुके है।



जिसको लेकर मुंबई के मध्य रेलवे के पांच स्टेशनों के बीच रकज ठाकरे की पार्टी मनसे भी कूद गई है। मनसे कार्यकर्ता ओ ने आरोप लगाते हुए कहा कि चुनिंदा लोगों को कोरोना नही हो सकता है। मुंबई की बेस्ट, एसटी बसों में खुले आम सोशल डिस्टनसिंग की धज्जियां उड़ाई जा रही है। जिससे कोरोना नही फैलते दिखाई दे रहा है राज्य की उद्धाव सरकार को। मनसे कार्यकर्ताओ ने कहा कि लोकल सेवा मुंबई करी जनता के लिये पूरी तरह से शुरू किया जाये। उल्लेखनीय तौर पर मुंबइ भर में इसके साथ ही आलू प्याज, सब्जी भाजी की आकाश छूती महँगाई ने भूखे मरने को मजबूर कर दिया है। लेकिन राज्य की आंधी गूंगी बहेरी उद्धाव सरकार को मुंबई करी जनता की आर्थिक बदहाली दिखाई नही पड़ती ।मुंबई करी जनता की अगर माने कोरोना  कोविड के फण्ड का जमकर कमिशनखोरी कर सरकार से लेकर प्रशासनिक महकमे में बैठे जमकर पैसों की मालाई कहा रही है। वही मुंबई की लाइफ लाइन कही जाने वाली लोकल ट्रेन शुरू करने को लेकर मुंबई करी जनता को तड़पा तड़पा कर भूखे मार कर राज्य सरकार के मुख्यमंत्री उद्धाव ठाकरे राजनीति करने में लगे है ।


 


 


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