मास्क व दो गज की दूरी के साथ ही देखने आएं विंध्याचल का मेला


रिपोर्ट : टी.सी.विश्वकर्मा


मीरजापुर, (उ.प्र.) : शारदीय नवरात्र मेले के अवसर पर आयोजित मां विन्ध्यवासिनी के दर्शनार्थ के लिए  भारी  भीड़ पहुंच रही है। इसलिए प्रशासन की  अपील है  कि  मास्क और  दो गज की दूरी के साथ ही मेला देखने आएं।  प्रशासन की ओर से लगातार विन्ध्य क्षेत्र में आने वाले  दर्शनार्थियों को दो गज की दूरी को बनाये रखने की सख्त हिदायत दी जा रही है। साथ ही दर्शनार्थियों के लिए एक-एक मीटर की दूरी पर गोला भी बनाया गया है।


वर्षों से लग रहा मेला : नवरात्र का मेला पिछले 38 वर्षों  से हो रहा है। सन् 1982 में जिला प्रशासन ने विन्ध्य विकास परिषद का गठन  किया। इसके बाद  नवरात्र मेला की  शुरुआत हुई । मेले का आयोजन प्रति वर्ष नवरात्र आने पर प्रशासन द्वारा विन्ध्य परिक्षेत्र को पण्डा समाज से नौ दिनों तक मुक्त रखते हैं  । क्षेत्र की सारी व्यवस्था जिला प्रशासन अपने स्तर से करता है।


दर्शनार्थी ने बताया : गोड़सर सरपती ग्राम निवासी शिव प्रसाद दूबे का कहना है कि इस बार के नवरात्र मेला में कोरोना से बचने के लिए हर सावधानियों का ध्यान दिया जा रहा है। दुकानदारों के अलावा प्रशासन भी मास्क, सेनटाइजर आने वाले दर्शनार्थियों को दे दिया जा  रहा है।   


स्वास्थ्य विभाग मुस्तैद : वहीं स्वास्थ्य विभाग पूरे मेला क्षेत्र में चार स्थानों पर कैम्प स्थापित किया है। इसमें चिकित्सक व स्वास्थ्य कर्मी लगातार दिन रात कार्य कर रहे है। इसके अतिरिक्त 102 नम्बर की 2 एम्बुलेन्स व 108 नं0 की 3 एम्बुलेन्स को भी लगाया गया है। विन्ध्याचल सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में कार्यरत चिकित्सक व स्वास्थ्य कर्मी बीमार व पीड़ित दर्शनार्थीयों की सेवा में लगाये गये हैं ।


नगरपालिका भी निभा रहा है भूमिका : नगरपालिका परिषद के चेयरमैन मनोज जयसवाल के अनुसार इस बार नगर पालिका की ओर से श्रद्धालुओं को विशेष सावधानियां बरतने की लगातार परामर्श दी जा रही है। सोशल डिस्टेसिंग का ध्यान रखते हुये यहां के  होटलए अतिगृह,  धर्मशाला एवं पुरोहितों के आवासों पर निर्धारित क्षमता से कम ही श्रद्धालुओं को ठहरने की व्यवस्था दी जा रही है।  नगरपालिका ने विन्ध्य क्षेत्रों की गलियों एवं सड़कों पर चारों तरफ पर्याप्त मात्रा में सेनेटाइजरए मास्क व पेयजल की व्यवस्था की गई है। गंगा नदी घाटों पर दर्शनार्थियों के स्नान के लिए भी सोशल डिस्टेसिंग का पालन कराया जा रहा है।   


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