जीबीरोड सेक्स वर्कर को समाज मे सम्मानजनक तरीके से जीने व आत्मनिर्भर बनाने हेतु चलाई सार्थक मुहिम


जिला सेंट्रल-डिस्ट्रिक्ट उपायुक्त ने DLSA विधिक सेवा प्राधिकरण संयोजन से चलाया जा रहा मुहीम


रिपोर्ट : अनीता गुलेरिया


दिल्ली : जिला सेंट्रल-डिस्ट्रिक्ट उपायुक्त संजय भाटिया द्वारा कई दिनों से जीबीरोड (रेड लाइट एरिया)की सेक्स-वर्कर महिलाओं को समाज में सम्मानजनक तरीके से जीने के लिए आर्थिक तौर पर आत्मनिर्भर बनाने हेतु प्रोत्साहित करने की मुहिम ने आज सार्थकता की तरफ अपना पहला सार्थकता की तरफ अपना पहला कदम रखा ।



बता दे, दिल्ली का जीबी-रोड का यह रेड लाइट एरिया जहाँ पर दो हजार से भी ज्यादा सेक्स-वर्कर्स महिलाए काम रहती हैं । यह अपना जीवन निर्वाह देह-व्यापार इनमे से अधिकतर-महिलाएं मजबूरी में यह सब करती आ रही है दिल्ली न्यायालय परिसर डीएलएसए (DLSA)द्वारा विधिक-सेवा प्राधिकरण के अंतर्गत जज और वकील भी आगे आए हैं । पटियाला हाउस कोर्ट के स्पेशल-सेक्रेट्री गौतम मनन ने रेड-लाइट एरिया में तीन दिन के लिए आयोजित इस शिविर मे समाज द्वारा शोषित व उपेक्षित इन महिलाओं को न्यायिक-प्रक्रिया के अंतर्गत अपने मौलिक अधिकारों को पाने के लिए समानता-अधिकार तहत कानूनी व आर्थिक हर तरह की संभव सहायता को देने पर बल दिया । 



दूसरी तरफ सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट डीसीपी संजय भाटिया ने आयोजित इस शिविर में कठोर लहजे में चेतावनी भरे स्वर में कहां नाबालिग-लड़कियों से या किसी भी महिला से जबरन देह व्यापार करवाने वाले सरगना को कतई भी बख्शा नहीं जाएगा यदि कोठे मे तहखाने बने होंगे तो उन्हें तोड़ दिया जाएगा । आप किसी महिला के साथ हो रहे शोषण की सूचना (112) नंबर तथा थाना प्रभारी को बिना किसी डर के दे सकते हैं,आपकी पहचान को पूर्णत रूप से गुप्त रखा जाएगा और सूचना देने वाले को पुलिस की तरफ से नकद इनाम दिया जाएगा । मध्यम-जिला डीसीपी संजय भाटिया अनुसार हमने कोठे की हर दीवारों पर अपने पुलिस-अधिकारियों के नंबर चिपकाए हैं जरूरत पड़ने पर आप चौबीसो-घंटे किसी भी समय पुलिस की मदद ले सकते हैं उन्होंने देह-व्यापार छोड़ने वाली दो-सौ महिलाओं के इस हिम्मत भरे जज्बे को अतिसराहनीय व प्रशंसनीय सार्थक कदम बताते हुए कहा आपके इस कदम को हम निरर्थक नहीं होने देंगे इसके लिए हम पूरी तरह से वचनबद्ध हैं ।



आपको बता दें, अभी फिलहाल मे कमला मार्केट पुलिस की तरफ से इन महिलाओं को आने वाले त्योहार दिपावली अवसर पर सबसे अहम (मिट्टी के दीपक) उनको सजावटी बनाने के लिए स्पेशल-ट्रेनिंग देते हुए इन (सजावटी-दीपको) को मार्केट में उतारने जा रही है । ताकि इन महिलाओं में आत्म-सम्मान के प्रति जागरूकता बरकरार रहे डीसीपी संजय भाटिया अनुसार हम सभी सामाजिक-संस्थाओं के सहयोग से इन महिलाओं के लिए ट्रेनिंग-सेंटर खोलने जा रहे हैं जिसमें यह सिलाई-कढ़ाई और कई तरह के काम सीखकर अपने आप को आर्थिक तौर पर आत्मनिर्भर बनाते हुए समाज में अपना सही तरीके से जीवन व्यतीत करने लायक बन सकेगी ।



हमारी मीडिया-टीम पुलिस द्वारा जारी अति-प्रशंसनीय व सराहनीय मुहिम को तहे दिल से सलाम करती हैं । जिसकी सराहना शब्दों में जितनी बंया की जाए कम है । पुलिस के इस सराहनीय-कदम को देखते हुए हम कहेंगे हमारी (दिल्ली पुलिस दिल की पुलिस) है ।


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