एम पूर्व घनकचरा विभाग के अधिकारी नागरिक समस्याओं को अनदेखा करके परिमंडल 6- के मनपा उपायुक्त भारत मराठे के आदेशों की अवहेलना करके उड़ा रहे है धज्जियाँ

 


मनपा के गटरों की नाला साफाई, सरकारी कागजों पर बुलेट ट्रेन की तेज गति से दौड़ रही है, मंडाला क्षेत्र की गटर के गंदे बदबूदार पानी से डूबी सड़के


रिपोर्ट : यशपाल शर्मा


मुंबई : एम पूर्व वार्ड क्रमांक 135. में एक ऐसा मामला सामने आया है ।जिस पर एम पूर्व/पश्चिम मनपा उपायुक्त भारत मराठे के आदेशों के संबंधित घनकचरा विभाग के जुनियर अभियंता युगांत पुढेकर व हाल ही स्वपनिल पाटिल की स्थान पर पदभार ग्रहण करने वाले सहायक अभियंता धज्जियाँ उड़ाने में लगे है मनपा उपायुक्त भारत मराठे की। कहा जाता है कि क्षेत्रों में सड़कों पर फैली गटर की गंदी बदबूदार जल जामव सहित कोरोना काल मे जमीनी तौर पर नाला साफाई वार्ड क्रमांक 135. शिवसेना नगरसेविका समीक्षा सक्रे ने अपने वार्ड  मानखुर्द मंडाला इंदिरानगर गणेश मंदिर के आगे मैदान के पास जमा गटर का पानी अभी तक साफाई नही किया गया है।


लाक डाउन में उपरोक्त जगह की सड़क के दोनों तरफ के नाले की साफाई नही करवाई थी, जिसका भुगतान आज क्षेत्र की जनता सड़क पर गटर के गंदे बदबूदार पानी के जल जामव के तौर पर देखने को मिल रहा है। जिस पर मच्छरों ने घर कर लिया है शाम होते ही घरों में घुसकर काटते है नागरिको। वही नागरिकों ने मनपा की गटर नाला सफाई को सरकारी कागजों पर 60 प्रतिशत नाला साफाई का दावा ठोंकने वाली नगरसेविका का दावा झूठा व गलत बात रहे है।



स्थानिक नागरिको की अगर माने तो शिवसेना नगरसेविका ने वार्ड 135 में पुरे राहीवासिय क्षेत्र में जमीनी तौर पर लॉक डाउन में 100 प्रतिशत नाला साफाई नही करवाई है, और अगर झूठा दावा करती है, तो सिर्फ सरकारी कागजो पर नाला सफाई दिखा रही है। वहीं उल्लेखनीय तौर पर गटर के पानी के जल जामव को लेकर स्थानीय जनता ने भी नगरसेविका समीक्षा सक्रे से शिकायत की तो उन्होंने साफ करवाने का आश्वाशन दिया था परंतु अभी तक एक भी मनपा घनकचरा विभाग का पालिका कर्मीय या अधिकारी दिखाई नही दिया है। एम/पूर्व मनपा घनकचरा विभाग के जूनियर अभियंता युगांत पुढेकर सहित उनके वरिष्ठ अधिकारी सहायक अभियंता घनकचरा विभाग के अधिकारियों की गटर के बदबूदार पानी के जल जामव से त्रस्त जनता की समस्या को अनदेखा किया है। जिसके चलते लापरवाही रवैया अपनाने के कारण न सिर्फ सड़क पर फैले गटर के गंदे पानी के कारण संक्रामक बीमारियों का खतरा मंडराने लगता है बल्की सरकारी अधिकारी अपने वरिष्ठ अधिकारियों के आदेश को भी अनदेखा कर धज्जियाँ उड़ाने से परहेज नही कर रहे है। 


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